इजरायल ने शनिवार (28 फरवरी 2026) को तेहरान समेत कई शहरों पर बड़ा हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि फिलहाल उन्हें अपनी रक्षा के लिए किसी की जरूरत नहीं. उन्होंने कहा, 'हमें अपनी रक्षा करने और हम ऐसा करेंगे. हमें किसी की मदद की जरूरत नहीं है.'

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हमें खुद की रक्षा करना आता है: अराघची

ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने कहा, 'ईरान एक महान सभ्यता वाला देश है और हजारों सालों से अस्तित्व में हैं. हमला रुकने के बाद हम भी आत्मरक्षा करना बंद कर देंगे. हम जानते हैं कि अपनी रक्षा कैसे करनी है और हम जीवित रहेंगे. अभी तक हमसे कोई संपर्क नहीं किया गया है, लेकिन अगर अमेरिकी हमसे बात करना चाहता है तो उन्हें पता है कि ईरान से कैसे संपर्क कर सकते हैं. हम तनाव कम करने के लिए तैयार हैं, लेकिन पहले हमले को रोकना होगा और फिर बातचीत की संभावना है.'

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यह युद्ध अमेरिका ने चुना: अराघची 

एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में अराघची ने कहा, 'ईरान मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है न कि अमेरिकी नागरिकों पर या उनकी धरती पर हमला कर रहा है. यह संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा चुना गया युद्ध है और उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी. जहां तक हमारा सवाल है, हम युद्ध नहीं चाहते हैं. हम इस क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों, सैन्य प्रतिष्ठानों और सुविधाओं पर हमला कर रहे हैं और यह पूरी तरह से आत्मरक्षा की कार्रवाई है.'

ईरान में सत्ता परिवर्तन के संबंध में ट्रंप के एक रिकॉर्डेड भाषण के बारे में पूछे गए सवाल पर अराघची ने कहा, 'यह असंभव है. जब तक लाखों लोग इस सरकार का समर्थन कर रहे हैं, तब तक सत्ता परिवर्तन संभव नहीं है. हां, ऐसे लोग भी हैं जो शिकायत कर रहे हैं, लेकिन वे सरकार के समर्थक हैं.'