US Iran Islamabad Talks: इस्लामाबाद में बातचीत से पहले बोला इजरायल, मिलिट्री कंट्रोल में ईरान का नया रिजीम ज्यादा..
US Iran Ceasefire Talks In Islamabad: आईडीएफ ने इजरायली संसद की विदेश मामलों और रक्षा समिति को बताया कि ईरान का नया नेतृत्व और भी ज्यादा चरमपंथी है. इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 11 अप्रैल को बातचीत होनी है.

इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता (US Iran Peace Talks In Islamabad) से पहले इजरायल ने मोज्तबा खामेनेई की अगुआई वाली नई सरकार को लेकर बयान दिया है. इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने कहा कि मोज्तबा खामेनेई का नया नेतृत्व अयातुल्ला अली खामेनेई से ज्यादा चरमपंथी और कठोर है. IDF ने इजरायली संसद की विदेश मामलों और रक्षा समिति को बताया कि ईरान का नया नेतृत्व और भी ज्यादा चरमपंथी है.
ईरान का नया नेतृत्व ज्यादा कट्टरपंथी: IDF
टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक आईडीएफ ने कहा, 'ईरान के नए नेतृत्व में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के अधिकारी शामिल हैं. इन्हें देश के पिछले राजनीतिक नेतृत्व की तुलना में वैचारिक रूप से अधिक कट्टरपंथी माना जाता है.' इजरायली एयरफोर्स ने सीजफायर से पहले पूरे ईरान ने सैकड़ों ठिकानों पर एयरस्ट्राइक किए, जिनमें सैन्य और सरकारी ठिकानों पर 13,000 से अधिक गोला-बारूद का इस्तेमाल किया गया. इस हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य अधिकारियों की मौत हुई.
ईरान ने US-इजरायल की उम्मीदों पर फेरा पानी
28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई से हुई. ट्रंप को शुरू में उम्मीद थी कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य ताकत तेजी से जीत हासिल कर लेगी और ईरान सरकार को झुकने पर मजबूर कर देगी, लेकिन ईरान अपेक्षा से अधिक मजबूत, संगठित और रणनीतिक रूप से सक्षम साबित हुआ. उसने फारस की खाड़ी और इजराइल में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया और होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दबाव बनाया.
पाकिस्तान में सीजफायर के बाद बातचीत
ईरान की सांस्कृतिक, राष्ट्रीय और धार्मिक एकजुटता ने बाहरी दबाव के खिलाफ उसे मजबूत बनाए रखा. आगे की राहयुद्ध विराम के बाद व्यापक और स्थायी शांति समझौते तक पहुंचना आसान नहीं होगा. ट्रंप के अनुसार, ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव और अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव के बीच कई मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और यह बातचीत का आधार बन सकता है. इन प्रस्तावों में सभी मोर्चों पर संघर्ष विराम, होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण, प्रतिबंधों को हटाना और शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम को मान्यता देना शामिल है.
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