ईरान और अमेरिका के बीच घोषित दो हफ्तों के सीजफायर को लेकर इजरायल की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. फॉक्स न्यूज़ की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली सरकार इस सीजफायर की शर्तों से पूरी तरह खुश नहीं है. इसका मतलब है कि वह इस समझौते को लेकर राजी नहीं हुआ है और कुछ बातों पर उसकी आपत्ति हो सकती है. हालांकि, दूसरी ओर CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने इस अस्थायी सीजफायर का हिस्सा बनने के लिए सहमति दे दी है. व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से घोषित इस दो हफ्तों के सीजफायर में इजरायल भी शामिल है.
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने ईरान को एक समयसीमा दी थी कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को फिर से खोल दे नहीं तो नागरिक ढांचे पर सैन्य हमले और तेज किए जा सकते हैं. इस समयसीमा से करीब डेढ़ घंटे पहले ही सीजफायर का ऐलान कर दिया गया. इस समझौते के तहत इजरायल ने भी अपनी बमबारी को कुछ समय के लिए रोकने पर सहमति जताई है. जब तक बातचीत जारी रहेगी, तब तक वह अपने हमलों को रोक कर रखेगा.
इजरायली मीडिया का बड़ा दावा ईरान और अमेरिका के बीच घोषित दो हफ्तों के सीजफायर को लेकर इजरायल की तरफ से नई जानकारी सामने आई है. इजरायली मीडिया के अनुसार, एक वरिष्ठ इजरायली राजनयिक सूत्र ने दावा किया है कि इस अस्थायी सीजफायर को अमेरिका ने पहले ही इजरायल के साथ मिलकर तय किया था. इस जानकारी के मुताबिक, यह कदम ऐसे समय उठाया गया, जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को खोलने पर सहमति दे दी, लेकिन इसके बदले में उसे अपनी पहले की कोई बड़ी मांग नहीं मिली. इन मांगों में युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने की गारंटी, किसी तरह का मुआवजा या भारी प्रतिबंधों को हटाना शामिल था.
सूत्र ने यह भी बताया कि ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने इजरायल को साफ कर दिया है कि आने वाले दो हफ्तों में जो बातचीत होगी, उसमें अमेरिका कुछ अहम मुद्दों पर सख्त रुख अपनाएगा. इनमें परमाणु सामग्री को हटाना, यूरेनियम एनरिचमेंट को रोकना और बैलिस्टिक मिसाइल के खतरे को खत्म करना शामिल है.
