Israel Arrest Doctor Dr. Hussam Abu Safiya: इजरायल की सेना की गिरफ्त में फिलिस्तीन के जाने माने डॉक्टर के बेटे ने अपने पिता की हेल्थ को लेकर चिंता जताई है. इजरायली सेना ने साल 2024 से उन्हें बिना किसी आरोप के जेल में डाल रखा है. उनके पिता को बिना किसी वजह के एक मैक्सिमम सिक्योरिटी जेल में अकेले कैद में भेज दिया गया है.
नॉर्थ गाजा के रहने वाले कमाल अदवान अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. हुसाम अबू सफिया को 28 दिसंबर 2024 को काम के दौरान अरेस्ट किया था. गार्जियन की खबर के मुातबिक, फिजिशियन्स फॉर ह्यूमन राइट्स इजरायल ने पिछले हफ्ते कहा था कि उन्हें जानकारी मिली है कि 53 साल के डॉक्टर को केत्जियोट जेल से रामोन जेल में भेज दिया गया है. उन्हें अकेले कैद में रखा गया है.
PHRI ने कहा कि उन्हें इस ट्रांसफर की वजह नहीं बताई गई. पिछले महीने PHRI के एक वकील से मुलाकात के दौरान, अबू सफिया ने हिरासत की मुश्किल स्थितियों, बिना इलाज वाली मेडिकल समस्याओं और खाने की भारी कमी के बारे में बताया था.
बेटे एलियास ने क्या जानकारी साझा की?
बेटे एलियास का कहना है कि अबू सफिया, जो खुद भी एक डॉक्टर हैं, ने कहा है कि उनके पिता को उस छर्रे को निकालने के लिए सर्जरी की जरूरत है, जो हिरासत में लिए जाते समय उनकी बाईं जांघ में धंस गई थी. उन्होंने घाव वाली जगह पर लगातार दर्ज और सूजना का सामना करना पड़ रहा है.
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उन्हें स्किन डिसीज का सामना करना पड़ रहा है: एलियासएलियास ने कहा कि हमें जो पता है, उससे उनकी भारी तकलीफ का पता चलता है. गिरफ्तारी के शुरुआती महीनों में उन्हें कपड़े बदलने की इजाजत नहीं दी गई.सही इलाज न मिलने की वजह से उन्हें स्किन डिसीज का सामना करना पड़ रहा है. हमें बताया गया कि उन्हें एक बहुत छोटी सी काल कोठरी में रखा गया है.
इजरायली आदेश मानने से कर दिया था इनकार
डॉक्टर के बेटे ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान उनके पिता ने सफेद मेडिकल कोट पहना हुआ था. इसे उन्होंने तब से नहीं धोया, जब अक्टूबर 2024 में अस्पताल के गेट पर ड्रोन हमले में उनके इब्राहिम की मौत हो गई थी. अबू सफिया ने आसपास के शरणार्थी शिविर में जबरदस्त सैन्य कार्रवाई, इजरायली सेना की घेराबंदी और हमलों के 80 से ज्यादा दिनों तक अस्पताल को चालू रखा था. गिरफ्तारी के 525 दिन बीच जाने के बाद भी इजरायली अधिकारियों ने उनपर किसी तरह का आरोप नहीं लगाया है. हिरासत के बाद से परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो सका है. उन्होंने इजरायली सेना के आदेश को मानने से मना कर दिया था, जिस वजह से गिरफ्तार किया गया है.
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