इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने मंगलवार (17 मार्च 2026)को ईरानी नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारिजानी और बासिज बल के कमांडर गुलाम रजा सुलेमानी को निशाना बनाने का दावा किया है. IDF ने  गुलाम रजा सुलेमानी की मौत की पुष्टि की है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान की सत्ता के शीर्ष व्यक्ति लारीजानी इस हमले में मारे गए या घायल हुए हैं.

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अयातुल्ला अली खामेनेई के सबसे करीबी थे लारिजानी 

इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने दावा किया है कि IDF के हमले में लारीजानी की मौत हो गई. दूसरी तरफ लरिजानी के ऑफिस ने कहा कि थोड़ी देर में वह प्रेस को संबोधित करेंगे. इजरायल और अमेरिका के हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अली लारिजानी को ईरान के सबसे ताकतवर शख्स में से एक के रूप में जाना जाता था. लारिजानी अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी सहयोगी थे.

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लारिजानी ने ट्रंप के खिलाफ दिया था बयान

ईरान के सरकारी मीडिया ने मंगलवार को लारिजानी के हवाले से एक बयान जारी किया, जिसमें ईरान के सुरक्षा प्रमुख ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना की. बयान में कहा गया है, '47 साल पहले ईरान की इस्लामी क्रांति में जनता की जीत की पूर्व संध्या पर पहलवी शासन के प्रधानमंत्री ने दावा किया था कि सड़कों पर उमड़ती भीड़ के नारे असली नहीं, बल्कि टेप रिकॉर्डिंग की आवाज हैं. अब ट्रंप ईरानी शहरों में लाखों की संख्या में उमड़ रहे अमेरिका और इजरायल विरोधी प्रदर्शनों के बारे में कहते हैं कि ये एआई तस्वीरें हैं.'

मुस्लिम देशों से नाराज थे लारिजानी 

ईरान पर जब इजरायल और अमेरिका ने हमला करना शुरू किया तब उस समय लारिजानी ने मुस्लिम बहुल देशों से समर्थन की कमी को लेकर निराशा व्यक्त की थी. उन्होंने सोमवार (16 मार्च 2026) को कहा, 'अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर वार्ता के दौरान धोखे से हमला किया. उनका उद्देश्य ईरान को तोड़ना था. इस हमले के कारण इस्लामी क्रांति के महान नेता, कई नागरिक और सैन्य कमांडर शहीद हो गए.'