Israel Airstrike Syria: इजरायल के लड़ाकू विमानों ने मंगलवार (25 फरवरी) देर रात सीरिया की राजधानी दमिश्क और दक्षिणी प्रांत दारा पर हवाई हमले किए. सुरक्षा सूत्रों और सीरियाई न्यूज चैनलों के अनुसार, इन हमलों में सैन्य स्थलों को निशाना बनाया गया. दमिश्क के निवासियों ने रात को कई धमाकों और लड़ाकू विमानों की आवाजें सुनीं. इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज़ ने इन हवाई हमलों की पुष्टि की है.
इजरायली रक्षा मंत्री कैट्ज ने कहा कि ये हमले इसलिए किए गए ताकि सीरियाई बलों या आतंकवादी समूहों द्वारा दक्षिणी सीरिया में आईडीएफ (इजरायली रक्षा बल) के बफर जोन का उल्लंघन न किया जा सके. कैट्ज ने कहा, "हम दक्षिणी सीरिया को दक्षिणी लेबनान नहीं बनने देंगे." उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल की वायु सेना वर्तमान में क्षेत्र को विसैन्यीकृत करने की नीति के तहत हमले कर रही है.
निशाने पर था किस्वाह का मिलिट्री साइटसीरिया के सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, किस्वाह शहर, जो दमिश्क से लगभग 20 किलोमीटर दूर है, वहां स्थित एक मिलिट्री साइट को इजरायली विमानों ने निशाना बनाया. रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. अरबी समाचार पत्र अल-हदथ ने कहा कि हवाई हमलों में दमिश्क के बाहरी इलाके में सैन्य वाहनों के समूह को निशाना बनाया गया.
दक्षिणी सीरिया में तनाव बढ़ायह हवाई हमला ऐसे समय में हुआ है जब दक्षिणी सीरिया में अस्थिरता बढ़ती जा रही है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में कहा था कि इजरायल दक्षिणी सीरिया में हयात-तहरीर अल शाम (HTS) या किसी अन्य विद्रोही ताकत की उपस्थिति को बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने इस क्षेत्र को विसैन्यीकृत करने की मांग की थी.
अल-जुलानी की प्रतिक्रियाअल-अखबार ने सीरियन ऑब्जर्वेटरी के हवाले से बताया कि इस हवाई हमले से कुछ ही घंटे पहले सीरिया के नए शासक मोहम्मद अल-जुलानी ने इजरायली हमले की निंदा की थी और दक्षिणी सीरिया के क्षेत्रों को वापस लेने की मांग की थी. जुलानी के नेतृत्व वाले विद्रोहियों ने पिछले साल सीरिया की राजधानी पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद बशर अल-असद का शासन समाप्त हो गया था.
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