Kabul Rocket Attack: इस्लामिक स्टेट से जुड़े संगठन ने काबुल में सोमवार को रॉकेट से हुए हमलों की जिम्मेदारी ली है. आतंकवादी संगठन ने कहा कि उसने अफगानिस्तान की राजधानी स्थित हवाई अड्डे पर कम से कम छह कत्युषा रॉकेट दागे थे. आतंकवादियों द्वारा दागे गए रॉकेट काबुल हवाई अड्डे के करीब गिरे थे. आतंकवादी संगठन की मीडिया इकाई अमाक न्यूज एजेंसी ने हमले की जिम्मेदारी संबधी दावे किए. हालांकि, उसने घटना की विस्तृत जानकारी नहीं दी.

अमेरिकी सेना ने कहा कि पांच रॉकेट सोमवार की सुबह हवाई अड्डे पर मौजूद अमेरिकी बलों को निशाना बनाकर दागे गए थे. लेकिन रक्षा प्रणाली का इस्तेमाल कर उन्हें नाकाम कर दिया गया. हालांकि, इस हमले का असर अमेरिकी सेना के मालवाहक विमानों सी-17 की उड़ानों पर नहीं पड़ा जो हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लोगों को निकालने का काम कर रहे हैं.

आतंकवादियों द्वारा यह नवीनतम हमला है. इससे पहले इस्लामिक स्टेट ने गुरूवार को हवाई अड्डे के एक प्रवेश द्वार पर आत्मघाती हमला किया था जिसमें 169 अफगानों और 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी.

अमेरिकी सेना की मध्य कमान के प्रवक्ता कैप्टन बिल अरबन ने बताया कि हमले में अमेरिका का एक भी शख्स हताहत नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों ने हमले के जवाब में एक रक्षा हथियार का इस्तेमाल किया जिसे ‘सी-आरएएम’ (प्रतिरोधी- रॉकेट, गोला बारूद एंड मोर्टार प्रणाली) के नाम से जाना जाता है.

अरबन ने कहा कि इस प्रणाली ने रॉकेटों को निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि काबुल हवाई अड्डे का हवाई क्षेत्र संचालित हो रहा है और सोमवार को भी लोगों को निकालने का अभियान जारी रहा. अन्य विवरण तत्काल पता नहीं चल सके.

इस बीच काबुल में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी रोज विल्सन ने कहा कि सोमवार को लोगों को निकालने का अभियान जारी रहा. उन्होंने ट्विटर पर इन खबरों को झूठा बता कर खारिज किया कि अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों या सैनिकों ने अमेरिकी नागरिकों को काबुल हवाई अड्डे में प्रवेश नहीं करने दिया.

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