Iran Hijab Protest Viral Video: महसा अमीनी (Mahsa Amini) की मौत के बाद शुरू हुआ बवाल ईरान में थमने का नाम नहीं ले रहा है. विरोध प्रदर्शनों को करीब तीन महीने हो चुके हैं. वहीं, अब हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. ईरानी सुरक्षाबलों ने बुधवार (16 नवंबर) को राजधानी तेहरान में एक मेट्रो स्टेशन पर हिजाब को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर फायरिंग कर दी. शासन के खिलाफ नारों के बीच प्रदर्शनकारियों को मेट्रो स्टेशनों पर स्कार्फ को आग लगाते हुए देखा गया.
एक वीडियो में लोगों को बाहर निकलने के लिए भागते देखा गया क्योंकि पुलिस अधिकारियों ने भीड़ से भरे मंच पर गोलियां चलाईं. अधिकारियों को एक ट्रेन के अंदर भी देखा गया है जो महिलाओं को डंडे से पीट रही है. इसी के साथ वीडियो फुटेज में लोगों को गिरते और रौंदे जाते हुए भी देखा गया है.
फायरिंग में एक की मौत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिराज में सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं, जिसमें एक शख्स की मौत हो गई. अन्य कस्बों में, प्रदर्शनकारियों की सरकार समर्थक बसिज मिलिशिया लड़ाकों से झड़प हुई, जिससे सड़कों पर गतिरोध पैदा हो गया. वहीं, एक और वीडियो सामने आया, जिसमें महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों को दक्षिण-पश्चिमी ईरान में लगभग 90,000 की आबादी वाले शहर इकलीद में शासन के बंदूकधारियों पर पत्थर फेंकते देखा गया.
बता दें कि प्रदर्शनकारियों ने अबान विरोध की तीसरी वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए तीन दिनों के राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. महसा अमीनी की मौत के बाद भड़का विरोध प्रदर्शन 1979 की इस्लामी क्रांति बाद राष्ट्र के लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ी निरंतर चुनौतियों में से एक बन गया है.
300 लोगों की मौत, 15 हजार गिरफ्तारियां
ओस्लो स्थित समूह ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) के अनुसार, दो महीने के विरोध प्रदर्शन में 300 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. समूह का कहना है कि 15,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने इस आंकड़े से इनकार किया है. इस बीच, एक ईरानी अदालत ने एक प्रदर्शनकारी को 'सरकारी इमारत में आग लगाने, सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ अपराध करने की साजिश रचने' के लिए मौत की सजा सुनाई है.
