हिंदू संत के पैर छूते नजर आए ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान! वीडियो वायरल
ब्रिक्स समिट में भारत पधारे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें वह हिंदू संत के पैर छूते हुए नजर आ रहे हैं. हालांकि, पेन उठाने की बात भी सामने आ रही है.

दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे ब्रिक्स समिट से जुड़ा एक वीडियो वायरल है. यह वीडियो ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान का है. इस वीडियो में वह संस्कृतियों के सम्मान की अनोखी मिसाल पेश करते नजर आ रहे हैं.
अपने इस अहम दौरे पर पेजेश्कियान ने धर्मुगुरुओं, कारोबारियों और बुद्धिजीवियों से भी मुलाकात की. साथ ही एक खास संवाद में उन्होंने जगद्गुरु सतीशाचार्य से मुलाकात की. उनका वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें पेजेश्कियान को जगद्गुरु सतीशाचार्य के पैर छूकर आशीर्वाद लेते देखा जा सकता है. लेकिन अब दावा किया जा रहा है कि वह पैर नहीं, पेन उठाने के लिए झुके थे.
वीडियो में पैर छूते नजर आ रहे पेजेश्कियान
वायरल वीडियो में कथित तौर पर देखा जा सकता है, कि ईरानी राष्ट्रपति जगद्गुरु सतीशाचार्य से मिलकर कुछ बात करते हैं. इसके बाद झुककर पैर छूकर आशीर्वाद लेते हैं. इस मौके पर जगद्गुरु ने धर्म पर वक्तव्य भी दिया. धर्म संसद के अध्यक्ष महामंडलेश्वर गोस्वामी सुशील जी महाराज एवं पतंजलि योग पीठ के आचार्य बालकृष्ण भी मौजूद थे.
President of Iran
— सौम्या சௌமியா (@sowmiyasid) September 13, 2026
Absolute shocker for ecosystem 😂 pic.twitter.com/EUGrCi56CB
जगद्गुरु बोले- सनातन पूरी दुनिया को मानवता का संदेश देता है
इस कार्यक्रम के आध्यात्मिक मूल्यों को लेकर भी चर्चा की गई. जगद्गुरु सतीशाचार्य ने कहा कि सनातन पूरी दुनिया को मानवता संदेश देता है. सबको एक परिवार के रूप में देखता है. वहीं ईरान के राष्ट्रपति ने कार्यक्रम में संबोधन के दौरान कहा कि धर्म और धार्मिक शिक्षाओं का उद्देश्य मानवता की रक्षा और न्या व्यवस्था को स्थापित करना है. वीडियो में जगद्गुरु कहते हुए नजर आ रहे हैं, कि धर्म बताता है कि आप सब एक रहें. सनातन धऱ्म इसलिए दुनिया का सबसे पौराणिक धर्म है. यह धर्म की जय कहता है. यह नहीं कहता कि किस धर्म की जय हो. प्राणियों में सद्भावना हो. यानी जिन लोगों में भी प्राण हैं, उनमें सद्भावना का संदेश देता है. इसके अलावा पेजेश्कियान ने अबू धाबी के युवराज खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ मीटिंग की. अमेरिकी हमलों के बाद से यह उनकी पहली बैठक है.





















