ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा कि बातचीत तभी सफल हो सकती है, जब सभी पक्ष अपनी तय जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाएं और उन पर सही तरीके से अमल करें. उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी बातचीत की प्रगति का आकलन सिर्फ इसी आधार पर किया जाना चाहिए कि शामिल पक्ष अपने वादों को कितनी गंभीरता से पूरा कर रहे हैं.

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पेजेशकियन ने यह भी कहा कि बातचीत के बाहर दिए जाने वाले बयान या सार्वजनिक टिप्पणियां माहौल को बेहतर बनाने के बजाय कई बार बातचीत को कमजोर कर सकती हैं. उनके मुताबिक, अगर समझौते की दिशा में आगे बढ़ना है तो सभी पक्षों को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा और सार्वजनिक बयानबाजी से बचना होगा.

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ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को लेकर तनाव बना हुआ है. हाल के दिनों में दोनों देशों के नेताओं और अधिकारियों की ओर से लगातार तीखी बयानबाजी देखने को मिली है. ऐसे माहौल में पेजेशकियन का यह मैसेज इस तरफ इशारा करता है कि ईरान बातचीत में गंभीरता, भरोसे और ठोस कार्रवाई को सबसे ज्यादा अहमियत दे रहा है.

परमाणु हथियार को लेकर मसूद पेजेशकियन का बयान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन हाल ही में परमाणु हथियार को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान न्यूक्लियर वेपन नहीं बनाना चाहता, लेकिन वह यूरेनियम एनरिचमेंट के अपने अधिकार से पीछे नहीं हटेगा. पेजेशकियन ने कहा कि अमेरिका की यह मांग नई नहीं है कि ईरान परमाणु बम न बनाए. उन्होंने कहा कि ईरान पहले भी यह बात कह चुका है और अब भी साफ तौर पर कह रहा है कि उसका परमाणु बम बनाने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो ईरान इस बात की लिखित पुष्टि भी देने को तैयार है.

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