अमेरिका-इजरायल के साथ जंग लड़ रहा ईरान न केवल इन दो मुल्कों पर जवाबी हमले कर रहा है बल्कि उसके निशाने पर खाड़ी के भी कई देश हैं, जहां उसकी ओर से अटैक किए जा रहे हैं. इन सब के बीच में ईरान के निशाने पर यूरोप का भी एक मुल्क आ गया है, जिसके संकेत अमेरिका के हालिया एक्शन से मिलते हैं.

अमेरिकी नागरिकों से निकलने की अपील

दरअसल अमेरिका ने दक्षिण-पूर्वी तुर्की से भी अपने नागरिकों को निकलने की अपील की है. वाशिंगटन एंबेसी की ओर से सोमवार (9 मार्च) को नाटो के अहम अड्डे के नजदीक दक्षिणी तुर्की शहर अदाना के पास स्थित अमेरिकी दूतावास से गैर जरूरी कर्मचारियों को खाली करने की सलाह दी दई. साथ ही अमेरिकी नागरिकों को दक्षिण-पूर्वी तुर्की छोड़ने के आदेश दिए गए.

ईरान मिडिल ईस्ट के देशों में कर रहा जवाबी हमले

बता दें कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 28 फरवरी से युद्ध जारी है. आज 9 मार्च को युद्ध का दसवां दिन है लेकिन अभी भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं. अमेरिकी हमलों के बाद से ईरान मिडिल ईस्ट के उन देशों में भी ड्रोन और मिसाइलों से जवाबी हमले कर रहा है, जहां अमेरिकी ठिकाने मौजूद हैं.

ईरान ने तुर्की पर नहीं किया अटैक

हालांकि अभी तक तुर्की पर ईरान की ओर से कोई जवाबी हमला नहीं किया गया था, जबकि वहां भी उसके कई ठिकानों पर अमेरिकी सैनिक तैनात हैं. इंसिरलिक एयरबेस नाटो का अहम केंद्र है, जिसका इस्तेमाल सालों से अमेरिकी सैनिकों की ओर से किया जा रहा है. तुर्की के अदाना शहर से इसकी दूरी केवल 10 किलोमीटर ही है. 

अमेरिकी दूतावास की ओर से 9 मार्च को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर भी अमेरिकी नागरिकों को दक्षिणी पूर्वी तुर्की में रहने वाले लोगों को वहां निकलने के आदेश दिए गए. पोस्ट में कहा गया,  '9 मार्च, 2026 को, अमेरिकी विदेश विभाग ने सुरक्षा जोखिमों के कारण गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को अदाना स्थित वाणिज्य दूतावास छोड़ने का आदेश दिया.