ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे जंग को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि आज की स्थिति कुछ हद तक वियतनाम युद्ध जैसी लग रही है. उनका मतलब यह था कि जैसे वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिका बार-बार जीत का दावा करता था, लेकिन जमीन पर हालात अलग थे, वैसा ही कुछ अब भी हो सकता है. ANI रिपोर्ट के मुताबिक अराघची ने खास तौर पर फाइन O क्लॉक Follies का जिक्र किया. यह 1960 के दशक में साइगोन में होने वाली रोज की प्रेस ब्रीफिंग थी, जहां अमेरिकी सेना यह दिखाने की कोशिश करती थी कि वे युद्ध जीत रहे हैं, जबकि असल में हालात खराब थे.

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वियतनाम युद्ध के समय अमेरिकी जनरल विलियम वेस्टमोरलैंडने भी कहा था कि युद्ध में प्रगति हो रही है और अब जीत करीब है,  लेकिन इसके कुछ ही समय बाद 1968 में टेट आक्रामक हुआ, जिसमें दुश्मन ने बड़े पैमाने पर हमला किया और अमेरिका के दावों पर सवाल खड़े हो गए. अराघची का कहना है कि आज भी अमेरिका कुछ ऐसा ही दावा कर रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार कहती है कि वह जीत रही है, लेकिन जमीन पर हालात अलग हैं.

अमेरिका के बड़े-बड़े दावे

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अब्बास अराघची ने उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका का एक F-35 Lightning II को नुकसान पहुंचा है. अमेरिकी युद्धपोत जैसे यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड और यूएसएस अब्राहम लिंकन पीछे हटते दिख रहे हैं. हालांकि अमेरिका की तरफ से कहा गया है कि F-35 ने सुरक्षित लैंडिंग की और मामले की जांच चल रही है. इस मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप को अपने देश के अंदर भी आलोचना झेलनी पड़ रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, उनके एक अधिकारी जो केंट ने इस्तीफा तक दे दिया. वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका जीत रहा है और ईरान की एयर डिफेंस कमजोर हो चुकी है.

वियतनाम युद्ध से क्या सीख?

वियतनाम युद्ध में अमेरिका ने लाखों सैनिक भेजे और भारी बमबारी की, लेकिन अंत में उसे पीछे हटना पड़ा. वियतनाम युद्ध में अमेरिका के 58,000 से ज्यादा सैनिक मारे गए थे. करीब 20 से 30 लाख वियतनामी लोगों की मौत हुई थी. 1975 में युद्ध खत्म हुआ और उत्तर वियतनाम जीत गया था. रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान युद्ध में अब तक 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए. करीब 200 घायल हुए. ईरान में 1400 से ज्यादा लोगों की मौत और 18,000 घायल बताए जा रहे हैं अराघची का मैसेज क्लियर है. वे अमेरिका को चेतावनी दे रहे हैं कि सिर्फ हम जीत रहे हैं कहने से हालात नहीं बदलते. अगर जमीनी सच्चाई अलग है तो यह स्थिति वियतनाम जैसी भी हो सकती है.