ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत के दूसरे दौर को लेकर एक बार फिर स्थिति साफ नहीं दिख रही है. एक तरफ अमेरिका ने कहा है कि बातचीत इस वीकेंड पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होगी, वहीं दूसरी तरफ ईरान ने साफ कहा है कि ऐसी कोई मीटिंग तय नहीं है.
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बताया कि अमेरिका स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को बातचीत के लिए इस्लामाबाद भेज रहा है. उन्होंने कहा कि दोनों शनिवार (25 अप्रैल 2026) की सुबह रवाना होंगे और अमेरिका को उम्मीद है कि इस बातचीत में कुछ प्रगति हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि हाल के दिनों में ईरान की तरफ से कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं.
ईरान का रुख अमेरिका से अलग
ईरान का रुख इससे अलग है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बागाई ने सोशल मीडिया पर साफ लिखा कि ईरान और अमेरिका के बीच कोई मीटिंग तय नहीं है. उन्होंने कहा कि ईरान अपने विचार पाकिस्तान को बताएगा, लेकिन सीधे तौर पर अमेरिका से कोई बैठक नहीं होगी. इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान पहुंच चुके हैं. उनके पाकिस्तान आने को लेकर भी अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं. ईरान का कहना है कि यह एक आधिकारिक दौरा है, जिसमें वे पाकिस्तान के बड़े नेताओं से मिलेंगे और इलाके में चल रहे हालात और शांति बहाल करने के प्रयासों पर चर्चा करेंगे.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी बताया कि अराघची के साथ एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल आया है और उनका स्वागत पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार, सेना प्रमुख असीम मुनीर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया. इस दौरे के दौरान क्षेत्र की स्थिति और शांति को लेकर बातचीत होने की उम्मीद है. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान इस पूरे मामले में एक मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है. यानी ईरान जो बातें अमेरिका तक पहुंचाना चाहता है, वह पाकिस्तान के जरिए भेजी जा सकती हैं. हालांकि सीधे ईरान और अमेरिका के बीच इस समय आमने-सामने बातचीत होने को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है.
ओमान और रूस भी जा सकते हैं अराघची
रिपोर्ट्स के अनुसार, अराघची का यह दौरा छोटे समय का होगा और वह इसके बाद ओमान और रूस भी जा सकते हैं. उन्होंने खुद भी पहले कहा था कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा के लिए है. एक तरफ अमेरिका बातचीत के लिए तैयार दिख रहा है, वहीं ईरान सीधे बातचीत से इनकार कर रहा है.
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