US-Iran Talk Fail: होर्मुज स्ट्रेट, न्यूक्लियर और बैलिस्टिक मिसाइलें.... पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच क्यों फेल हो गई बातचीत?
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में चल रही बातचीत फेल हो गई है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा कि बातचीत में जो भी कमियां रहीं, वो पाकिस्तानियों की वजह से नहीं थीं, इन्होंने शानदार काम किया.

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में चल रही बातचीत फेल हो गई है. अमेरिकी डेलीगेशन को लीड कर रहे जेडी वेंस ने कहा कि ईरान ने हमारी शर्तें नहीं मानीं और हम वापस वाशिंगटन लौट रहे हैं. अमेरिका और ईरान जो इस्लामाबाद में बातचीत की टेबल पर आने को तैयार हो गए थे, वो फेल कैसे हो गई. आइए जानते हैं-
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा," बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं. मुझे लगता है कि यह अमेरिका के लिए बुरी खबर से कहीं ज्यादा ईरान के लिए बुरी खबर है. इसलिए हम अमेरिका पास वापस जा रहे हैं क्योंकि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं. उन्होंने (ईरानी शासन) ने हमारी शर्तों को स्वीकार नहीं किया है."
पाकिस्तान को लेकर क्या बोले वैंस
जेडी वैंस ने आगे बताया कि बातचीत में जो भी कमियां रहीं, वो पाकिस्तानियों की वजह से नहीं थीं, इन्होंने शानदार काम किया और वास्तव में हमारी और ईरानियों की मदद करने की कोशिश की ताकि मतभेदों को सुलझाकर समझौता किया जा सके. अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि हम पिछले 21 घंटों से बातचीत कर रहे हैं और ईरानियों के साथ कई महत्वपूर्ण चर्चाएं कर चुके हैं. यह अच्छी खबर है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं.
#WATCH | US-Iran peace talks | Islamabad, Pakistan: US Vice President JD Vance says, "...The bad news is that we have not reached an agreement. I think that is bad news for Iran much more than it's bad news for the USA. So, we go back to the US having not come to an… pic.twitter.com/jWHpJYemYz
— ANI (@ANI) April 12, 2026
उन्होंने आगे बताया कि हम राष्ट्रपति से लगातार बातचीत कर रहे थे. हमने एडमिरल कूपर (अमेरिकी केंद्रीय रक्षा बल के कमांडर, एडमिरल ब्रैड कूपर), पीट (युद्ध सचिव पीट हेगसेथ), मार्को (अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो) और पूरी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से भी बात की. हम टीम के साथ लगातार संपर्क में थे क्योंकि हम सद्भावना से बातचीत कर रहे थे और हम यहां से एक बहुत ही सरल प्रस्ताव लेकर जा रहे हैं. एक समझौता विधि जो हमारा अंतिम और सर्वोत्तम प्रस्ताव है. हम देखेंगे कि ईरानी इसे स्वीकार करते हैं या नहीं.
#WATCH | US-Iran peace talks | Islamabad, Pakistan: US Vice President JD Vance says, "We were talking to the President consistently...We also talked to Admiral Cooper (Commander of U.S. Central, Admiral Brad Cooper), to Pete (Secretary of War Pete Hegseth), to Marco (US Secretary… pic.twitter.com/r2m0WlYGkD
— ANI (@ANI) April 12, 2026
क्या रहीं मुख्य वजह
पहली वजह- ईरान और अमेरिका की बातचीत के फेल होने का मुख्य कारण होर्मुज स्ट्रेट है. ईरान इस पर पूरी तरह से अपना कब्जा चाहता है लेकिन अमेरिका ने साफ कह दिया है कि ये इंटरनेशनल रास्ता है. दूसरी है- न्यूक्लियर को लेकर कोई गारंटी ना मिल पाना. अमेरिका की मांग थी कि ईरान इनरिच्ड न्यूक्लियर को उन्हें सौंपे या फिर पूरी तरह तबाह करे, जिस पर सहमति नहीं बन पाई.
युद्ध नुकसान की भरपाई
डिफेंस एक्सपर्ट संजय सोई ने कहा कि इस बातचीत के फेल होने के बाद फिर से युद्ध शुरू हो जाएगा. होर्मुज अमेरिका की साख बचाने का सवाल था. ईरान में रिजीम चेंज करने के बाद भी वहां कुछ नहीं बदला. अमेरिका अपनी इज्जत बचाने के लिए होर्मुज का मुद्दा उठा रहा था.
ईरान ने क्या कहा?
इस्लामाबाद में फेल हुई शांति वार्ता को लेकर ईरान ने कहा, "अमेरिकी की ओर से बहुत ज्यादा डिमांड रखी गई थीं, जिन्हें हम किसी भी कीमत पर मानने को तैयार नहीं थे."
ये भी पढ़ें
Source: IOCL

























