Iran-US Talks: ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट के नाकेबंदी की धमकी क्यों दी, जिसे ईरान ने खुद कर रखा है बंद? जानें क्या है अमेरिका की चाल
Iran-US Talks: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नाकेबंदी करने की चेतावनी दी है. जानिए इससे ईरान और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा और सख्त कदम उठाने का संकेत दिया है. उन्होंने कहा है कि अमेरिकी नौसेना अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आने-जाने वाले सभी जहाजों की नाकेबंदी शुरू करेगी. यह वही समुद्री रास्ता है, जिसे ट्रंप अब तक ईरान से बिना शर्त खोलने की मांग करते रहे हैं.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका की नौसेना अब हर उस जहाज को रोकेगी जो होर्मुज से अंदर जाने या बाहर निकलने की कोशिश करेगा. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आगे चलकर स्थिति ऐसी हो सकती है, जहां सभी जहाजों को आने-जाने की पूरी अनुमति हो, लेकिन फिलहाल ईरान ने ऐसा माहौल नहीं बनने दिया है.
मिडिल ईस्ट के लिए क्यों जरूरी है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
दरअसल, यह जलमार्ग पूरी दुनिया के लिए बहुत अहम है, क्योंकि यहां से मिडिल ईस्ट का बड़ा हिस्सा तेल दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है. ईरान ने इस रास्ते को पूरी तरह बंद नहीं किया है, लेकिन वह कुछ टैंकरों को भारी शुल्क लेकर गुजरने दे रहा है. बताया गया है कि एक जहाज से करीब 20 लाख डॉलर तक वसूले जा रहे हैं. वहीं, ईरान अपने तेल का निर्यात लगातार जारी रखे हुए है और मार्च तक वह हर दिन करीब 18.5 लाख बैरल कच्चा तेल बेचने में सफल रहा है. यही वजह है कि ट्रंप अब इस रास्ते को बंद करने की बात कर रहे हैं, ताकि ईरान की कमाई पर सीधा असर डाला जा सके. माना जा रहा है कि ईरान इसी तेल से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल अपनी सरकार और सैन्य गतिविधियों के लिए कर रहा है.
अमेरिका के लिए फैसला आसान नहीं
यह फैसला अमेरिका के लिए भी आसान नहीं है. अगर होर्मुज में पूरी तरह नाकेबंदी होती है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं. यही कारण है कि अब तक अमेरिकी नौसेना ने ईरानी टैंकरों को पूरी तरह रोकने से बचा हुआ था, ताकि बाजार में तेल की सप्लाई बनी रहे और कीमतें ज्यादा न बढ़ें. मार्च में अमेरिका ने ईरान को एक अस्थायी छूट भी दी थी, जिससे वह समुद्र में मौजूद टैंकरों के जरिए तेल बेच सके. इससे करीब 140 मिलियन बैरल तेल बाजार में आया, जो पूरी दुनिया की करीब डेढ़ दिन की जरूरत पूरी करने के लिए काफी माना जाता है.
अमेरिका ने पहले भी तेल की कीमतों को कंट्रोल करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जैसे अपने भंडार से तेल निकालना और रूस के तेल पर लगी कुछ पाबंदियों को ढीला करना. लेकिन अब ट्रंप ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए ऐसा कदम उठाने की सोच रहे हैं, जिससे तेल और गैस की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं. ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी की चेतावनी दी, जानिए इससे ईरान, तेल कीमतों और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा.
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Source: IOCL


























