US Iran War: एयर डिफेंस, नेवी से न्यूक्लियर पावर तक... US हमले में ईरान को पहुंचा कितना नुकसान? ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने किया बड़ा दावा
US Iran War: अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन कैन ने कहा कि ईरान के खिलाफ चलाए गए अमेरिकी सैन्य अभियानों में तेहरान को काफी ज्यादा नुकसान हुआ है.

- रक्षा उद्योग और न्यूक्लियर इंडस्ट्री को भी लगा भारी झटका.
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल का ईरान के साथ पिछले एक महीने से ज्यादा समय से युद्ध जारी है. हालांकि, पाकिस्तान की मेजबानी में जल्द ही दोनों पक्षों में होने वाली बातचीत से शांति होने की उम्मीद जताई जा रही है. इस बीच अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन कैन ने ईरान के खिलाफ चलाए गए अमेरिकी सैन्य अभियानों को लेकर बड़ा दावा किया है.
अमेरिकी ऑपरेशन में ईरान को कितना नुकसान?
अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन कैन ने कहा कि ईरान के खिलाफ चलाए गए अमेरिकी सैन्य अभियानों में तेहरान को काफी ज्यादा नुकसान हुआ है. इस व्यापक ऑपरेशन के तहत ईरान के हजारों सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया और उन्हें तबाह कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि अमेरिकी फोर्स ने ईरान में 13 हजार से ज्यादा लक्ष्यों पर निशाना बनाकर हमला किया. इसमें से करीब 4,000 डायनमिक टार्गेट्स थे. इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान के सैन्य क्षमताओं को गंभीर रूप से कमजोर करना था.
उन्होंने कहा, ‘इन अभियानों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है. कुल मिलाकर करीब 80 प्रतिशत एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया गया, जिसमें करीब 1,500 ठिकाने शामिल थे. इसके अलावा 450 बैलिस्टिक मिसाइल स्टोरेज फेसिलिटीज और 800 UAV स्टोरेज फेसिलिटीज को भी तबाह किया गया. कमांड और कंट्रोल प्वाइंट्स पर भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई और 2,000 से ज्यादा कमांड और कंट्रोल प्वाइंट्स को तबाह कर दिया गया, जिससे ईरान की सैन्य संचालन क्षमता पर गहरा असर पड़ा है.’
ईरानी नौसेना को भी हुआ व्यापक नुकसानः डैन कैन
अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन कैन के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन्स में ईरान के खिलाफ नौसैनिक मोर्चे पर भी व्यापक कार्रवाई की गई. इस दौरान ईरान के नौसैनिक बेड़े का 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा खत्म कर दिया गया है. करीब 150 जहाज समुद्र में डूब चुके हैं, जबकि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) की छोटी हमलावर नौकाओं के आधे बेड़े को भी नष्ट कर दिया गया है.
उन्होंने कहा, ‘समुद्री सुरक्षा से जुड़े खतरों को कम करने के लिए नौसैनिक बारूदी सुरंगों के खिलाफ भी अभियान चलाया गया. हमने करीब 700 हमलों के जरिए 95 प्रतिशत से ज्यादा माइंस को नष्ट कर दिया.
ईरान के रक्षा उद्योग को बड़ा झटका
डैन कैन के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य अभियानों के चलते ईरान रक्षा उद्योग को भी बड़ा झटका लगा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों ने मिलकर ईरान के लगभग 90 प्रतिशत हथियार कारखानों को निशाना बनाया. साथ ही, ईरान के न्यूक्लियर इंडस्ट्री के करीब 80 प्रतिशत ढांचे को नुकसान पहुंचाने का भी दावा किया गया है.
Source: IOCL

























