Ayatollah Khamenei Profile: इजरायली हमले में खामेनेई की मौत, कैसे तय किया था सर्वोच्च नेता बनने का सफर, जानें सब कुछ
Ayatollah Khamenei Profile: ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई है. इस बात की पुष्टि इजरायली अधिकारी ने की है. इस घटना के बाद ईरान में 40 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है.

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो चुकी है. इस बात का दावा रॉयटर्स ने इजरायली अधिकारी के हवाले से किया है. इस घटना के बाद ईरान में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है. अयातुल्ला अली खामेनेई का जन्म 1939 में मशहद में हुआ था. उनका परिवार साधारण था. उनके पिता अयातुल्लाह जवाद हुसैनी खामेनेई एक धार्मिक विद्वान थे और मस्जिद में नमाज पढ़ाते थे. परिवार का घर छोटा था, जहां सीमित जगह में सभी रहते थे. खामेनेई को ‘सैय्यद अली’ कहा जाता था, क्योंकि उनका परिवार पैगंबर मोहम्मद के वंश से जुड़ा माना जाता है.
1960 के दशक मेंअयातुल्ला अली खामेनेई वे कोम गए, जहां उन्होंने रुहोल्लाह खुमैनीके साथ पढ़ाई की. उसी समय ईरान में शाह के खिलाफ विरोध तेज हो रहा था. 1963 में उन्हें राजनीतिक गतिविधियों के कारण जेल जाना पड़ा. बाद के वर्षों में भी वे कई बार गिरफ्तार हुए. जेल के दौरान उन्होंने अपने विचारों को और मजबूत किया. 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद शाह की सत्ता खत्म हुई और खोमैनी ईरान लौटे. खामेनेई ने नई व्यवस्था में अहम भूमिका निभाई. 1981 में वे ईरान के राष्ट्रपति बने. उसी साल एक बम हमले में वे घायल हुए, जिससे उनका एक हाथ कमजोर हो गया, लेकिन उन्होंने राजनीतिक जीवन जारी रखा.
खामेनेई कब बने थे ईरान के सुप्रीम लीडर
जून 1989 में खोमैनी की मृत्यु के बाद खामेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर चुना गया. जुलाई 1989 से वे इस पद पर रहे. सुप्रीम लीडर के रूप में उनके पास सेना की कमान, बड़े अधिकारियों की नियुक्ति और महत्वपूर्ण फैसलों का अंतिम अधिकार था. उन्होंने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के साथ मजबूत संबंध बनाए और अपनी सत्ता को संगठित किया. उनके कार्यकाल में सेताद नाम की संस्था भी चर्चा में रही, जो जब्त संपत्तियों का प्रबंधन करती है और एक बड़े आर्थिक नेटवर्क के रूप में जानी जाती है. उनके बेटे मोजतबा खामेनेई भी राजनीतिक और धार्मिक हलकों में सक्रिय रहे हैं.
Source: IOCL


























