ईरान के दिवंगत सु्प्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को जिस मशहद शहर की रजा मस्जिद के जिस कब्रिस्तान में दफनाया गया था उसमें आग लग गई है. बताया जा रहा है कि वहां के वर्कशॉप में आग लगी है. ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार आग इस धार्मिक स्थल परिसर में मौजूद एक निर्माण स्थल पर लगी, जहां कर्मचारी बिटुमेन प्रोसेसिंग का काम कर रहे थे. फिलहाल आपातकालीन टीमों ने आग पर काबू पा लिया.

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कब्रिस्तान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा

ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि दमकलकर्मियों ने आग को दरगाह के सेंट्रल कब्रिस्तान और उससे सटी गोहरशाद मस्जिद तक फैलने से रोक दिया. अधिकारियों ने बताया कि किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है और कब्रिस्तान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. इससे पहले साल 2022 में यहां शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी. तब बिना किसी बड़े नुकसान के इसे संभाल लिया गया था.

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ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को इसी कब्रिस्तान में दफनाया गया था, जिसके बाद से यह जगह एक बार फिर काफी चर्चा में आ गई है. अमेरिका और इजरायल की ओर से किए हमले में खामेनेई के परिवार के कई सदस्य मारे गए थे. खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया की शुरुआत ईरान की राजधानी तेहरान से हुई थी.

खामेनेई की अंतिम विदाई में पहुंचे थे लाखों लोग

इसके बाद अगले दिन कोम शहर में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए. बाद में उनके पार्थिव शरीर को इराक ले जाया गया, जहां पवित्र शहरों नजफ और कर्बला में अंतिम दर्शन और धार्मिक समारोह हुए. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक खामेनेई की अंतिम विदाई में करीब 1.5 करोड़ लोग शामिल हुए थे.

मुजतबा खामेनेई ने खाई बदला लेने की कसम

रान के वर्तमान सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने दिवंगत पिता अयातुल्ला अली खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किए जाने के बाद सार्वजनिक संदेश जारी किया. उन्होंने कहा, 'मैं अपने पिता के खून का बदला जरूर लूंगा, बदला ही हमारे देश की भी इच्छा है.' मुजतबा खामेनेई ने जनाजे में शामिल लाखों लोगों का आभार जताया. इस्लामिक क्रांति में खामेनेई के योगदान को याद दिलाया. इसके साथ ही इराक, ईरान और अन्य देशों का भी इस लड़ाई में शामिल होने के लिए आह्वान किया.