ईरान में लगातार तेज होते जा रहे राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर ईरानी सरकार अपने ही नागरिकों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई जारी रखती है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. डेट्रॉइट में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए है, खासतौर पर उन रिपोर्टों पर जिनमें प्रदर्शनकारियों की हत्याओं और कथित फांसी की बात कही जा रही है.
ईरान में चल रहा यह आंदोलन अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है. मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जिस भाषा का इस्तेमाल किया, वह कठोर थी. हालांकि उन्होंने किसी विशेष कार्रवाई की घोषणा नहीं की, लेकिन उनके बयान से यह साफ हो गया कि वॉशिंगटन इस मामले को हल्के में नहीं ले रहा. ट्रंप ने बताया कि वह व्हाइट हाउस लौटकर ईरान की स्थिति की पूरी समीक्षा करेंगे और विशेष रूप से हत्याओं से जुड़ी रिपोर्टों के सही आंकड़े जुटाए जाएंगे. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका बिना पुष्टि के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचेगा, लेकिन हालात चिंताजनक हैं.
प्रदर्शनकारियों की हत्या और फांसी के आरोप
ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान सामने आ रही सबसे गंभीर रिपोर्टों में से एक है प्रदर्शनकारियों की कथित हत्या और फांसी. जब ट्रंप से इन आरोपों पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर हजारों लोगों को मारा जा रहा है और अब फांसी की बातें सामने आ रही हैं तो यह ईरान के लिए अच्छा साबित नहीं होगा. मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, अब तक कम से कम 505 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जिनमें नौ बच्चे शामिल हैं. इसके अलावा 133 सुरक्षा बलों के सदस्य, एक अभियोजक और कई आम नागरिकों की भी जान गई है. ये आंकड़े इस बात को दर्शाते हैं कि यह आंदोलन केवल सरकार बनाम जनता का संघर्ष नहीं रह गया है, बल्कि पूरे देश को प्रभावित करने वाला संकट बन चुका है.
अमेरिका के विकल्प
ट्रंप का बयान ऐसे समय आए हैं जब व्हाइट हाउस यह संकेत दे चुका है कि ईरान के मामले में कई विकल्प खुले हुए हैं. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि कूटनीति प्रशासन की पहली प्राथमिकता है, लेकिन हवाई हमले भी विकल्पों में शामिल हैं.इसके साथ ही ट्रंप ने एक बड़ा आर्थिक फैसला भी सुनाया. उन्होंने घोषणा की कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उस पर अमेरिका के साथ होने वाले सभी व्यापार पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा. ट्रंप ने इस आदेश को अंतिम और निर्णायक बताया है. ईरान में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन
दिसंबर के अंत में शुरू हुए ये विरोध प्रदर्शन अब 187 शहरों तक फैल चुके हैं, जहां 606 से अधिक स्थानों पर प्रदर्शन दर्ज किए गए हैं. यह आंदोलन ईरान के हालिया इतिहास में सबसे व्यापक आंदोलनों में से एक माना जा रहा है.अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया इस मुद्दे पर बंटी हुई है. कुछ देश इसे विदेशी हस्तक्षेप से प्रेरित अशांति बता रहे हैं, जबकि कई पश्चिमी देश और मानवाधिकार संगठन ईरानी सरकार पर अत्यधिक हिंसा के आरोप लगा रहे हैं. अल जज़ीरा समेत कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इसे मानवाधिकार संकट करार दिया है.
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