ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ गई है. 6 सालों की सैटेलाइट तस्वीरों का एनालिसिस करने वाले स्पेशलिस्ट के मुताबिक, पिकैक्स माउंटेन के पास स्थित नतांज में 2026 के दौरान निर्माण गतिविधियां पहले के मुकाबले काफी तेज हुई हैं. यह जगह पहाड़ के भीतर बनी हुई है. ये एक बेहद सुरक्षित अंडरग्राउंड टनल  है और लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों की निगाह में है.

Continues below advertisement

पिकैक्स माउंटेन तेहरान से करीब 140 मील दूर दक्षिण में स्थित है. इसके पास ही नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी मौजूद है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह क्षेत्र ग्रेनाइट की चट्टानों के नीचे है और यहां भूमिगत ढांचे को विकसित किया जा रहा है. हालांकि, उपलब्ध सैटेलाइट तस्वीरों से यह निश्चित रूप से साबित नहीं होता कि इस परिसर का इस्तेमाल किस मकसद के लिए किया जा रहा है.

6 साल की तस्वीरों में 2026 में सबसे ज्यादा गतिविधि

Continues below advertisement

अमेरिका स्थित सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज यानी CSIS के स्पेशलिस्ट ने 2020 से अब तक की अलग-अलग सैटेलाइट तस्वीरों का एनालिसिस किया है. इस अध्ययन में सबसे हाल की तस्वीर 9 अगस्त 2026 की बताई गई है. स्पेशलिस्ट के मुताबिक, पिकैक्स माउंटेन के आसपास 5 प्रमुख स्थानों और उन्हें जोड़ने वाली सड़कों पर निर्माण से जुड़ी गतिविधियों के अलग-अलग चरण दिखाई देते हैं. उनका कहना है कि शुरुआती दौर में जहां मुख्य रूप से खुदाई जैसी गतिविधियां नजर आती थीं. अब काम अंडरग्राउंड निर्माण और बाहरी हिस्से को मजबूत करने की दिशा में बढ़ता दिख रहा है.

क्या यहां सेंट्रीफ्यूज से जुड़ी सुविधा बन रही है?

इस गतिविधि का असली मकसद अभी साफ नहीं है. CSIS के स्पेशलिस्ट के मुताबिक, एक संभावना यह हो सकती है कि ईरान यहां सेंट्रीफ्यूज असेंबली से जुड़ी कोई भूमिगत सुविधा तैयार कर रहा हो. यह संभावना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के पूर्व प्रमुख अली अकबर सालेही ने 2020 में नतांज के पास अंडरग्राउंड सेंट्रीफ्यूज असेंबली फैसिलिटी तैयार करने की बात कही थी. हालांकि, मौजूदा सैटेलाइट तस्वीरें अकेले यह साबित नहीं करतीं कि पिकैक्स माउंटेन में वही सुविधा बनाई जा रही है.

स्पेशलिस्ट ने एक अन्य संभावना भी जताई है कि यहां यूरेनियम एनरिचमेंट से जुड़ा कोई नया ढांचा तैयार किया जा सकता है. रिपोर्ट में ईरान के लगभग 440 किलोग्राम 60 प्रतिशत तक एनरिच्ड यूरेनियम के भंडार का भी उल्लेख किया गया है. हालांकि, पिकैक्स माउंटेन में इस सामग्री को हथियार-ग्रेड स्तर तक ले जाने वाली कोई सुविधा मौजूद है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.