'उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी', अमेरिका की धमकी के बाद ईरान ने दिया जवाब, होर्मुज पर क्या कहा?
Iran US conflict: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के फैसले के पीछे अमेरिका पर एमओयू (MOU) की शर्तों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है.

Iran US conflict: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अगली सूचना तक बंद करने का ऐलान कर दिया है. इसके तुरंत बाद अमेरिका ने ईरान पर इस सप्ताह का तीसरा सैन्य हमला शुरू कर दिया. अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले एक व्यावसायिक कंटेनर जहाज पर हमला किया, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई.
ईरान का दावा- जहाज ने नियम तोड़े इसलिए रोका
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कहा कि एक जहाज तय समुद्री मार्ग का पालन नहीं कर रहा था और उसने कई चेतावनियों के बावजूद अपना रास्ता नहीं बदला. इसके बाद चेतावनी के तौर पर फायरिंग कर जहाज को रोका गया. इसके साथ ही ईरान ने घोषणा की कि अमेरिकी हस्तक्षेप समाप्त होने तक होर्मुज जलडमरूमध्य से किसी भी जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी. ईरान ने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी जवाबी कार्रवाई का कड़ा जवाब दिया जाएगा.
ईरान ने एमओयू का किया जिक्र
हैदराबाद स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर कहा गया कि समझौता (MOU) दोनों पक्षों की पारस्परिक जिम्मेदारी है और एक पक्ष से पालन की उम्मीद तब तक नहीं की जा सकती, जब दूसरा पक्ष अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी न करे. पोस्ट में यह भी कहा गया कि एमओयू के अनुसार ईरान ने 60 दिनों तक बिना किसी शुल्क के फारस की खाड़ी से ओमान सागर तक व्यावसायिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करने पर सहमति जताई थी.
This is a reciprocal commitment. One side cannot be expected to comply while the other fails to meet its obligations.
— Iran In Hyderabad (@IraninHyderabad) July 12, 2026
🔸Iranian Arrengement with no charge for 60 days,
Paragraph 5. “Upon the signing of this MOU, the Islamic Republic of Iran will make arrangements using its… https://t.co/sipttrIv4o
कई ठिकानों पर एयर स्ट्राइक
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ईरान के हमले में कंटेनर जहाज का एक नागरिक चालक दल का सदस्य लापता हो गया और जहाज के इंजन रूम में आग लगने से उसे भारी नुकसान पहुंचा. इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा, ईरान ने गलत फैसला लिया, अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी.
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खाड़ी देशों में अलर्ट
ईरान के कई तटीय इलाकों में विस्फोटों की खबरें आई हैं. वहीं संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कतर में मिसाइल और ड्रोन अलर्ट जारी किया गया. होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल और गैस व्यापार का सबसे अहम समुद्री मार्ग माना जाता है. ऐसे में इसके बंद होने और अमेरिका-ईरान के बढ़ते टकराव से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर बड़ा असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है.



















