ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौतके बाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है. विशेष रूप से पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान के शिया बहुल क्षेत्र स्करदू में हिंसक प्रदर्शन की घटनाएं सामने आई हैं. रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने स्करदू में स्थित संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय, आर्मी पब्लिक स्कूल और एसपी (पुलिस अधीक्षक) कार्यालय को आग के हवाले कर दिया. बताया जा रहा है कि United Nations Military Observer Group in India and Pakistan (UNMOGIP) का दफ्तर, जो नियंत्रण रेखा (LoC) पर गतिविधियों की निगरानी करता है, उसे भी प्रदर्शनकारियों ने निशाना बनाते हुए जला दिया.

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घटनाओं के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और हालात को काबू में करने के प्रयास जारी हैं. प्रशासन की ओर से शांति बनाए रखने की अपील की गई है, जबकि संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू या प्रतिबंधात्मक आदेश लगाए जाने की संभावना जताई जा रही है. इस घटनाक्रम ने पहले से ही तनावग्रस्त क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ा दी है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस स्थिति पर टिकी हुई है, क्योंकि इसका प्रभाव क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है.

विरोध प्रदर्शन में कई लोगों की मौत

ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कराची शहर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोग अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (यूएस कांसुलेट) के बाहर इकट्ठा हुए और अमेरिका के खिलाफ नारे लगाए. स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण होती गई और देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसक हो गया. इस दौरान 14 लोगों की मौत हो गई और करीब 20 लोग घायल बताए जा रहे हैं.