खामेनेई को ईरान की सत्ता से बेदखल करेगा अमेरिका! ट्रंप का ऐलान, बोले- 'अब शासन परिवर्तन ही अगला कदम'
Trump on Iran Regime Change: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर इस्लामी गणराज्य को कमजोर करने की साजिश की है. उन्होंने कहा कि तेहरान इसका जवाब जरूर देगा.

Trump on Iran Regime Change: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान में शासन परिवर्तन की संभावना जताई और यह भी दोहराया कि अमेरिकी हमलों ने ईरान के परमाणु संवर्धन स्थलों को "पूरी तरह नष्ट" कर दिया है. उन्होंने इस दावे को सटीक बताते हुए कहा कि यह शब्द पूरी तरह उचित है, भले ही अमेरिकी एजेंसियां अब भी नुकसान का आकलन कर रही हों.
ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि शनिवार रात को जीबीयू-57 बंकर बस्टर बम और टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइलों से जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उन्हें "अभूतपूर्व नुकसान" पहुंचा. उन्होंने लिखा, “सबसे बड़ा नुकसान जमीन के बहुत नीचे हुआ. बुल्सआई!!!”
ईरानी शासन पर हमला या सिर्फ परमाणु कार्यक्रम?
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान के नेता “ईरान को फिर से महान” नहीं बना पाए, तो शासन परिवर्तन संभव है. यह बयान उनके शीर्ष अधिकारियों की सार्वजनिक टिप्पणियों से कहीं अधिक आक्रामक है. रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि यह मिशन शासन परिवर्तन के लिए नहीं था, बल्कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाने वाला एक सटीक अभियान था. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा कि "हम ईरान से युद्ध नहीं कर रहे, हम उनके परमाणु कार्यक्रम से लड़ रहे हैं. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, हम ईरान में युद्ध नहीं चाहते.
ईरान का जवाब- "वॉशिंगटन है इजरायल के पीछे"
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि अमेरिकी हमले यह दर्शाते हैं कि इस्लामी गणराज्य के खिलाफ चल रहे इजरायली अभियान के पीछे वॉशिंगटन ही है. उन्होंने इसका जवाब देने का प्रण लिया. इस बीच, अमेरिकी रक्षा अधिकारी अब भी यह आकलन कर रहे हैं कि 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' से कितना नुकसान हुआ. अमेरिका की जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ के प्रमुख जनरल डैन केन ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान की परमाणु क्षमताएं पूरी तरह नष्ट हुईं या नहीं. उन्होंने ट्रंप जैसी भाषा का उपयोग करने से परहेज किया. संयुक्त राष्ट्र परमाणु निरीक्षण प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा, "इस समय कोई भी यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) भी फोर्दो में जमीन के नीचे हुए नुकसान का मूल्यांकन करने की स्थिति में नहीं है."
पश्चिम एशिया में हाहाकार
ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच पश्चिम एशिया में असाधारण हालात बन गए हैं. एयरलाइनों ने क्षेत्र में फंसे हजारों यात्रियों की सहायता के लिए विशेष उड़ानों का संचालन शुरू कर दिया है, जबकि कई देशों ने अपने नागरिकों को निकालने के लिए अभियान शुरू किया है. अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग ने रविवार को एक चेतावनी जारी की, जिसमें अमेरिका में साइबर हमलों और हिंसा, विशेष रूप से यहूदी विरोधी घृणा अपराधों की आशंका जताई गई. हालांकि विभाग ने कहा कि “देश के भीतर किसी विशेष विश्वसनीय खतरे” की कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पूरे गर्मी के मौसम में “उच्च खतरे का माहौल” बना रहेगा.
तेल कीमतें बढ़ीं, होरमुज़ स्ट्रेट बंद करने की तैयारी
सोमवार को प्रारंभिक घंटों में तेल की कीमतों में तेजी देखी गई, क्योंकि आशंका थी कि ईरान अमेरिका को आर्थिक चोट पहुंचाने के लिए होरमुज़ जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को बंद कर सकता है. यह मार्ग दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा ले जाता है.
रूस से सलाह ले सकता है ईरान
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची सोमवार सुबह मॉस्को पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से “साझा खतरों” पर बातचीत की. अराघची ने पहले ही चेतावनी दी थी कि जवाबी कार्रवाई से पहले कोई भी राजनयिक पहल नहीं होगी. उन्होंने कहा, “अमेरिका ने दिखा दिया कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान नहीं करता. वे सिर्फ धमकी और ताकत की भाषा समझते हैं.”
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Source: IOCL


























