Israel-Hamas War: ईरान में एक ग्रुप ने इजरायल पर हमले के लिए सुसाइड बॉम्बर यानी आत्मघाती हमलावर बनने के लिए नौकरी का विज्ञापन लगाया है. इस अजीबोगरीब भर्ती अभियान की हर जगह चर्चा हो रही है. जिस ग्रुप ने आत्मघाती हमलावर बनने के लिए नौकरी का विज्ञापन लगाया है, उसका नाम हिजबुल्लाह है. हालांकि, ये लेबनान में ईरान समर्थित उग्रवादी समूह हिजबुल्लाह से अलग है. ये विज्ञापन ऐसे समय पर लगाया है, जब इजरायल-हमास के बीच जंग चल रही है.


डेली एक्सप्रेस के मुताबिक, आत्मघाती हमलावर बनने के लिए विज्ञापन मशहद शहर में लगाया गया है, जो शिया इस्लाम के लिए पवित्र जगहों में से एक है. इन विज्ञापनों को पोस्टर के तौर पर सड़कों पर चिपकाया गया है. जैसे किसी अन्य नौकरी में पर्सनल डिटेल्स मांगी जाती हैं, ठीक ऐसे ही इस नौकरी के लिए भी निजी जानकारी मांगी गई है. विज्ञापन में कहा गया है कि युवाओं के पास फिलिस्तीन के लिए शहीद होने वाली विशेष बटालियन में शामिल होने का मौका है. 


विज्ञापन में क्या कहा गया? 


नौकरी के विज्ञापन वाले पोस्टर्स में ऐलान किया गया है कि अब जिहाद का वक्त आ चुका है. आत्मघाती हमलावर के तौर पर ग्रुप में शामिल होने वाले युवाओं को ये भी विकल्प दिया गया है कि वह अपने हमले को अंजाम देने के लिए क्या इस्तेमाल करना चाहते हैं. उन्हें हमले के लिए मोटरसाइकिल और कार में से किसी एक को चुनने के विकल्प मिला है. ग्रुप के एक दूसरे पोस्टर में लड़ाकों को यरुशलम की अल-अक्सा मस्जिद में जाते हुए देखा जा सकता है और वह ईरान का झंडा लहरा रहे हैं.


हमास और इस्लामिक जिहाद को मिलता है ईरान का सपोर्ट


इजरायल और फिलिस्तीन के बीच अल-अक्सा मस्जिद हमेशा से विवाद की वजह रहा है. इस मस्जिद को लेकर अरब मुल्क के रिश्ते भी इजरायल के साथ तनावपूर्ण रहे हैं. अल-अक्सा मस्जिद इस्लाम की सबसे पवित्र जगहों में से एक है. हमास और इस्लामिक जिहाद फिलिस्तीन के सुन्नी चरमपंथी ग्रुप हैं. इन्हें ईरान की तरफ से सपोर्ट मिलता रहा है. ईरान इन्हें हथियार, ट्रेनिंग और आर्थिक सहायता देता रहा है. मशहद शहर के एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि पोस्टर्स लगने के बाद से यहां के लोगों के बीच तनाव का माहौल है. 


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