ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार (7 फरवरी 2026) को कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने साफ कर दिया कि ईरान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेगा. अल जज़ीरा नेटवर्क को दिए गए इंटरव्यू में अराघची ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो तेहरान क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा.
अब्बास अराघची ने बताया कि ओमान के मस्कट में शुक्रवार को हुई बातचीत के दौरान ईरान का मिसाइल कार्यक्रम चर्चा के दायरे में ही नहीं था. उन्होंने स्पष्ट कहा कि ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पूरी तरह रक्षा से जुड़ा मुद्दा है और यह कभी भी बातचीत के लिए खुला नहीं है. ईरान का रुख लंबे समय से यही रहा है कि परमाणु मुद्दे के अलावा किसी अन्य विषय को वार्ता में शामिल नहीं किया जाएगा.
नेतन्याहू की ट्रंप से मुलाकात और बढ़ता तनाव
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अगले सप्ताह वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने वाले हैं. इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, नेतन्याहू इस बैठक में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्र में सक्रिय उसके सहयोगी संगठनों का मुद्दा उठाएंगे. ईरान ने इजरायल के इस रुख की आलोचना करते हुए कहा कि एक तरफ इजरायल अपने हथियार भंडार को बढ़ा रहा है और दूसरी तरफ क्षेत्र के अन्य देशों पर निरस्त्रीकरण का दबाव बना रहा है.
अमेरिकी सैन्य दबाव और विमानवाहक पोत की तैनाती
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच अमेरिकी अमेरिकी अधिकारी स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने अरब सागर में तैनात यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत का दौरा किया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह दौरा क्षेत्र में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी को दर्शाता है. विटकॉफ ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह स्ट्राइक ग्रुप शक्ति के जरिए शांति के राष्ट्रपति ट्रंप के संदेश को कायम रखे हुए है.
परमाणु कार्यक्रम पर ईरान का रुख
अराघची ने कहा कि न्यूक्लियर प्रोग्राम ईरान का अधिकार है और इसे जारी रहना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान संवर्धन को लेकर एक भरोसेमंद समझौते के लिए तैयार है. उनके अनुसार, ईरान का परमाणु मुद्दा केवल बातचीत के जरिए ही सुलझाया जा सकता है.
विरोध प्रदर्शनों में मौतों के आंकड़े
ईरान में हाल के महीनों में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा स्थिति भी चर्चा में है. ईरानी अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि इन प्रदर्शनों में 3,117 लोगों की मौत हुई है और 2,986 नामों की सूची जारी की गई है. वहीं अंतरराष्ट्रीय संगठनों का दावा है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा है. अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, अब तक 6,961 मौतों की पुष्टि हो चुकी है और 51,000 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं.
