अमेरिका से जंग के बीच ईरान में चुनाव का ऐलान, सामने आई तारीख
City Council Elections Iran: ईरान में जंग और तनाव के बीच भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया जारी रखते हुए 1 मई को सिटी और विलेज काउंसिल के चुनाव कराए जाएंगे.

City Council Elections Iran: जंग और तनाव के माहौल के बीच ईरान में स्थानीय लोकतंत्र की प्रक्रिया जारी है. देश में 1 मई को सिटी और विलेज काउंसिल के चुनाव कराए जाएंगे. इसी बीच पाकिस्तान में हुई ‘इस्लामाबाद टॉक्स’ के बेनतीजा रहने के बाद ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया है.
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने ‘इस्लामाबाद टॉक्स’ खत्म होने के बाद पहला आधिकारिक बयान जारी किया. उन्होंने दावा किया कि इस बेनतीजा वार्ता में अमेरिका नाकाम रहा.
बातचीत से पहले ही जताया अविश्वास
गालिबाफ ने एक्स पर बताया कि बातचीत शुरू होने से पहले ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि ईरान की ओर से नीयत और इच्छा दोनों मौजूद हैं, लेकिन पिछले दो युद्धों के अनुभवों की वजह से उन्हें भरोसा नहीं है. उन्होंने कहा कि, 'हमारे पास जरूरी नीयत और इच्छाशक्ति है, लेकिन पिछले दो युद्धों के अनुभवों के कारण हमें विरोधी पक्ष पर कोई भरोसा नहीं है.' उन्होंने कहा कि विरोधी पक्ष इस दौर की बातचीत में ईरानी प्रतिनिधिमंडल मिनाब 168 का भरोसा जीतने में आखिरकार नाकाम रहा.
जनता और सुप्रीम लीडर का किया जिक्र
उन्होंने कहा, “ईरान 9 करोड़ लोगों का एक शरीर है, उन सभी वीर लोगों का, जिन्होंने सर्वोच्च नेता की सलाह मानते हुए सड़कों पर उतरकर अपने बच्चों का साथ दिया और अपने आशीर्वाद के साथ हमें आगे बढ़ाया, इसके लिए मैं उनका आभारी हूं.” गालिबाफ ने 21 घंटे चली गहन बातचीत का जिक्र करते हुए अपने साथियों की सराहना की और उनके प्रयासों को सराहा.
सीजफायर और वार्ता की पूरी पृष्ठभूमि
40 दिन के संघर्ष के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया. पाकिस्तान की अगुवाई में 9-10 अप्रैल को इस्लामाबाद टॉक्स का आयोजन किया गया. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया, जबकि गालिबाफ ने ईरानी डेलीगेशन की कमान संभाली.
रविवार को जेडी वेंस ने डील सील न होने का ऐलान किया. उन्होंने अमेरिका रवाना होने से पहले प्रेस वार्ता में कहा कि बातचीत बेनतीजा रही और यह ईरान के लिए ठीक नहीं है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि समझौते की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. हम फाइनल ऑफर देकर जा रहे हैं. अब देखना है कि ईरान इसे स्वीकारता है या नहीं.
Source: IOCL


























