UN जनरल एसेंबली में गूंजा, 'ओम शांति ओम', इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने जानें संस्कृत में क्या-क्या कहा
UN General Assembly: इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण की शुरुआत और अंत में संस्कृत भाषा का इस्तेमाल किया. उन्होंने अंत में ओम शांति ओम कहा.

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो ने मंगलवार (23 सितंबर) को संयुक्त राष्ट्र महासभा में संस्कृत बोलकर सभी को चकित कर दिया. उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत संस्कृत से की और समापन के दौरान भी संस्कृत का वाक्यांश बोला. सुबिआंतो ने विश्व के नेताओं के सामने ओम स्वास्तिअस्तु कहा, जिसका अर्थ है, आप धन्य और सुरक्षित रहें. इसे वाक्य का इस्तेमाल शुभकामनाएं देने के लिए किया जाता है.
प्रबोवो सुबिआंतो ने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, यहूदी, ईसाई, बौद्ध और सभी धर्मों को एक मानव परिवार के रूप में रहना चाहिए. इंडोनेशिया इस नजरिए को वास्तविक रूप देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. उन्होंने संस्कृत में अभिवादन के दौरान कहा, ''ओम शांति शांति, शांति ओम''. उन्होंने अन्य धर्मों से जुड़े वाक्यों का भी इस्तेमाल किया.
संयुक्त राष्ट्र के बचाव में क्या बोले सुबिआंतो
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र पर जुबानी हमला किया था. इसके जवाब में सुबिआंतो ने कहा, ''आजादी के लिए उनके संघर्ष और बीमारी, भूख और गरीबी को दूर करने की लड़ाई में इंडोनेशिया संयुक्त राष्ट्र के साथ खड़ा था. उसे महत्वपूर्ण सहायता दी.'' सुबिआंतो ने बिना नाम लिए ट्रंप की आलोचना की. उन्होंने कहा कि कोई भी देश पूरे मानव परिवार को धमकी नहीं दे सकता है.
डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध रुकवाने का किया दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यूएन में भाषण के दौरान कहा कि उन्होंने पिछले सात महीनों में सात युद्धों को रुकवाया, लेकिन इस मामले में संयुक्त राष्ट्र ने किसी तरह की सहायता नहीं की. उन्होंने यूएन पर यह आरोप लगाया कि वह पश्चिमी देशों के खिलाफ माईग्रेशन को एक प्रकार के आक्रमण के रूप में वित्त पोषित कर रहा है. ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान को लेकर भी कई बार दावा किया है. उन्होंने कहा कि भारत और पाक के बीच सीजफायर अमेरिका की वजह से हुआ है. ट्रंप यह भी कह चुके हैं कि उन्होंने युद्ध रुकवाने के लिए टैरिफ की सहायता ली थी.
Source: IOCL

























