यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से दुनियाभर में टेंशन का माहौल है. यूक्रेन में हालात काफी खराब हैं. वहां अफरातफरी का माहौल है. लोग शहर छोड़कर भाग रहे हैं. टेंशन के बीच यूक्रेन में मौजूद कई भारतीय छात्रों ने अपनी राय शेयर की. खारकिव यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले कुछ छात्रों ने एपी से बात की और बताया कि कैसे अनिश्चितता के हालात में वह रह रहे हैं.

जब तक कॉन्ट्रैक्टर नहीं कहेंगे, नहीं जाऊंगी

शानिया मर्रियामथ मेडिकल की स्टूडेंट हैं. वह कहती हैं कि भारत में रहने वाले इंडियन स्टूडेंट्स के पैरेंट्स काफी घबराए हुए हैं. क्योंकि हम लोग परिवार से दूर हैं और टेंशन के माहौल को जिस तरह से इंडियन मीडिया दिखा रहा है. उससे डर और बढ़ रहा है. वह कहती हैं कि मैंने अभी यहीं रहने का फैसला किया है. जब तक मेरे मेरे एजेंट या कॉन्ट्रैक्टर मुझे जाने को नहीं कहते. 

घरवाले हैं परेशान, करा ली थी फ्लाइट की टिकट

जाह्नवी यदुवंशी ने कहा कि, उसके पैरेंट्स भी भारत में काफी घबराए हुए हैं. उसने इंडिया वापस जाने के लिए फ्लाइट भी बुक कर लिया था. बता दें कि खारकिव काफी रिस्की एरिया में शामिल है. यह रूस के बॉर्डर से महज 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. किव में मौजूद भारतीय दूतावास ने भी भारतीय स्टूडेंट्स को शहर छोड़कर दूसरे सुरक्षित ठिकानों पर जाने को कहा था. दूतावास के अनुसार, अभी वहां करीब 18 हजार भारतीय स्टूडेंट्स हैं. 

यूक्रेन में फंसे भारतीय स्टूडेंट्स के लिए नंबर जारी 

इस बीच यूक्रेन में रहने वाले छात्रों के लिए केंद्र सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. इसके साथ-साथ वहां फंसे लोग दी गई वेबसाइट पर भी मदद मांग सकते हैं. स्टूडेंट्स +911123012113, +911123014104, +911123017905, 1800118797 नंबर पर कॉल करके मदद मांग सकते हैं. इसके अलावा छात्र situationroom@mea.gov.in पर मेल करके मदद मांग सकते हैं. यूक्रेन में भारतीय दूतावास के नंबर +380997300428, +380997300483 पर भी कॉल करके हेल्प ले सकते हैं.

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