अमेरिका के H-1B वीजा को लेकर भारतीय नागरिकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. इंटरव्यू और कांसुलर अपॉइंटमेंट की शेड्यूलिंग में हो रही लंबी देरी को लेकर अब भारत सरकार ने औपचारिक रूप से अपनी चिंता दर्ज कराई है. विदेश मंत्रालय का कहना है कि इस स्थिति के कारण बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर, छात्र और उनके परिवार महीनों से अनिश्चितता में फंसे हुए हैं.

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साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कहा कि H-1B वीजा से जुड़े अपॉइंटमेंट बार-बार टलने से लोगों की निजी और पेशेवर ज़िंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है. उन्होंने बताया कि कई आवेदक लंबे समय से इंटरव्यू या री-शेड्यूलिंग का इंतजार कर रहे हैं, जिससे परिवारों को भी गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. भारत सरकार ने इस मुद्दे को नई दिल्ली और वॉशिंगटन डीसी दोनों स्तरों पर अमेरिकी प्रशासन के सामने उठाया है.

H-1B नियमों में बदलाव, भारतीयों पर सबसे ज्यादा असर

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H-1B वीजा प्रणाली में हाल के महीनों में किए गए बदलावों का असर सबसे अधिक भारतीय नागरिकों पर पड़ा है. अमेरिका में H-1B वीजा धारकों में भारतीयों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है, खासकर टेक्नोलॉजी, आईटी और सर्विस सेक्टर में. ऐसे में नियमों में थोड़ी सी सख्ती भी सीधे हजारों भारतीय पेशेवरों की योजनाओं को प्रभावित कर देती है.

सोशल मीडिया जांच से बढ़ी प्रक्रिया की जटिलता

इस महीने की शुरुआत में ट्रंप प्रशासन ने वीजा प्रक्रिया में एक नया नियम लागू किया, जिसके तहत H-1B, H-4 और F, M, J कैटेगरी के आवेदकों को अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्राइवेसी सेटिंग सार्वजनिक करनी अनिवार्य कर दी गई. अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इससे आवेदकों की ऑनलाइन गतिविधियों की जांच आसान होगी. हालांकि इस अतिरिक्त जांच के कारण वीजा प्रोसेसिंग और इंटरव्यू शेड्यूलिंग में और देरी देखने को मिल रही है.

इंटरव्यू मई तक टले, आवेदकों को अचानक मिली सूचना

नए नियम लागू होने के बाद कई H-1B आवेदकों को अमेरिकी अधिकारियों की ओर से ई-मेल मिले, जिनमें बताया गया कि उनके इंटरव्यू आगे के महीनों के लिए टाल दिए गए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई इंटरव्यू अब मई 2025 तक के लिए शिफ्ट कर दिए गए हैं. इस अचानक बदलाव से भारतीय प्रोफेशनल्स, छात्रों और उनके परिवारों की यात्रा, नौकरी और पढ़ाई से जुड़ी योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.

भारत-अमेरिका के बीच बातचीत जारी

विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि वीजा से जुड़े नियम किसी भी देश का संप्रभु अधिकार होते हैं, लेकिन भारत ने अपने नागरिकों की परेशानियों को अमेरिका के सामने मजबूती से रखा है. रणधीर जायसवाल ने उम्मीद जताई कि इस देरी और अव्यवस्था का कोई व्यावहारिक समाधान निकाला जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया स्क्रीनिंग का नियम सिर्फ भारत पर नहीं, बल्कि सभी देशों के आवेदकों पर समान रूप से लागू किया गया है.

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