भारत संग मैच खेलेगा या नहीं पाकिस्तान? 10 दिन पहले PAK PM शहबाज शरीफ ने जारी किया बयान
T20 World Cup: T20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने के फैसले पर पाकिस्तान कायम है और इस पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी मुहर लगा दी है.

T20 World Cup: भारत के साथ T20 वर्ल्ड कप का मैच नहीं खेलने के फैसले पर पाकिस्तान अड़ा हुआ है. अब इस पर खुद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मुहर लगा दी है. उन्होंने साफ कहा है कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैदान में नहीं उतरेगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि खेल में राजनीति नहीं होनी चाहिए.
खास बात यह है कि यह फैसला उस समय लिया गया, जब बांग्लादेश क्रिकेट टीम के खिलाफ आईसीसी यानी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की कार्रवाई के बाद माहौल और गर्म हो गया था. इसी के बाद पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने का फैसला किया.
क्या बोले शहबाज शरीफ
शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद में कहा, 'हमने T20 वर्ल्ड कप को लेकर साफ रुख लिया है कि हम भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेंगे.' उन्होंने इसे सही फैसला बताया और कहा कि यह कदम सोच-समझकर उठाया गया है. शरीफ ने कहा, 'खेल में राजनीति नहीं होनी चाहिए.' उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले पर काफी विचार करने के बाद ही मुहर लगाई गई है.
बड़ी मुश्किल में फंस सकता है पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड
पीटीआई भाषा ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को चेतावनी दी है. इसमें कहा गया है कि बोर्ड को टूर्नामेंट के आधिकारिक प्रसारक जियोस्टार की तरफ से कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. पाकिस्तान ने अपनी सरकार के निर्देश पर 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ होने वाले मैच का बहिष्कार करने का फैसला किया है, लेकिन अभी तक उसने इस फैसले की वजह औपचारिक तौर पर आईसीसी को नहीं बताई है.
एक्सपर्ट्स की सलाह के बाद लिया गया फैसला
पीसीबी के एक सूत्र ने एजेंसी को बताया कि बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने पिछले हफ्ते इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को जानकारी देने से पहले बोर्ड के कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली थी. इसके बावजूद बोर्ड अब गंभीर नतीजों के लिए तैयार है.
पीसीबी के सूत्र ने पीटीआई से कहा, 'अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ नहीं खेलने पर अड़ा रहता है तो उसे भारी आर्थिक जुर्माना भरना पड़ सकता है और प्रसारकों की तरफ से मुकदमे का सामना भी करना पड़ सकता है. इसके अलावा आईसीसी की विवाद निपटान समिति यानी DRC में जाने की कोशिश भी शायद नाकाम रहे.' सूत्र ने यह भी बताया कि आईसीसी की डीआरसी एक अंदरूनी समिति है, जो आईसीसी बोर्ड के अपने फैसलों के खिलाफ अपील नहीं सुनती.
क्या फैसला बदल सकते हैं मोहसिन नकवी?
एजेंसी के मुताबिक, कई लोगों का मानना है कि पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी 12 फरवरी को बांग्लादेश में आम चुनाव होने और मौजूदा मोहम्मद यूनुस सरकार की जगह लोकतांत्रिक सरकार बनने के बाद अपना फैसला बदल सकते हैं.
एक सूत्र ने कहा, 'नकवी एक क्रिकेट प्रशासक से ज्यादा नेता हैं और उन्हें राष्ट्रीय टीम के हितों की खास चिंता नहीं है. वह राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश कर रहे हैं और चुनाव के बाद यू-टर्न ले सकते हैं.' सूत्र ने आगे कहा, 'भारत के खिलाफ मैच से पहले दो दिन का वक्त रहेगा और हालात बदल सकते हैं. वरना वह जानते हैं कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग किया जा सकता है.'
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Source: IOCL


























