भारत और पाकिस्तान के बीच अनौपचारिक रूप से ट्रैक 2 चैनल एक्टिव हैं. फरवरी 2026 में दोहा में भारतीय और पाकिस्तानी प्रतिनिधियों की एक बैठक हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने अनौपचारिक बात की. भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने ट्रैक-2 वार्ता के तहत ये मुलाकात की.
WION की एक रिपोर्ट के मुताबिक जब आधिकारिक तौर पर संबंध टूट जाते हैं तो इन बैठकों से मिलने वाले इनपुट स्थिति का सटीक आकलन करने में मदद करते हैं. हालांकि अनौपचारिक बातचीत होने के चलते इन बैठकों के बाद कोई बयान जारी नहीं किया जाता. सबसे बड़ी बात ये है कि कोई भी देश आधिकारिक तौर पर इनकी पुष्टि या खंडन नहीं करता है.
क्या होती है ट्रैक-2 (बैक चैनल) बातचीतट्रैक-2 यानि बैक चैनल बातचीत पूर्व अधिकारियों, पत्रकारों, व्यापारिक नेताओं और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के बीच होने वाली अनौपचारिक बातचीत है. राजनीति और मीडिया से दूर रहकर विश्वास कायम करना, नए विचारों को परखना और आपसी समझ के लिए जगह बनाना इस वार्ता का लक्ष्य होता है. ट्रैक-1 औपचारिक वार्ता होती है, जिसमें सरकार-से-सरकार की बात होती है.
ट्रैक-1.5 वार्तादुनियाभर में जब भी देशों के संबंध बिगड़ते हैं तो ट्रैक-1.5 कूटनीति का सहारा लिया जाता है. इसमें अधिकारी अनौपचारिक रूप से बाहरी लोगों से मुलाकात करते हैं. 1993 के ओस्लो समझौते के शुरुआती चरण में नॉर्वे के अंदर इजरायली शिक्षाविदों और पीएलओ (PLO) प्रतिनिधियों के बीच ऐसी ही अनौपचारिक बैठकें हुई थीं. भारत ने भी कई वैश्विक मामलों में पर्दे के पीछे की इस कूटनीति का इस्तेमाल किया है.
भारत-चीन संबंध कैसे सुधरे2020 की गलवान झड़प के बाद भारत और चीन ने आधिकारिक संपर्कों को रोक दिया था, लेकिन ट्रैक-2 वार्ता का दौर जारी रहा. इसके कारण ही 2025 में तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई. 5 साल के अंतराल के बाद अक्टूबर 2025 में दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू हुईं. व्यापार व जनसंपर्क भी धीरे-धीरे बहाल हो रहे हैं. इस साल ब्रिक्स सम्मेलन के लिए शी जिनपिंग के भारत आने की भी संभावना है.
निज्जर की हत्या के बाद क्या हुआहरदीप सिंह निज्जर की हत्या के आरोपों के बाद भारत-कनाडा संबंध सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे, लेकिन ट्रैक-1.5 कूटनीति के बाद दोनों देशों ने व्यावहारिकता दिखाई. जून 2025 में G7 और नवंबर में G20 के दौरान पीएम मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की बैठकों ने संबंधों को रीसेट किया है. 2026 की शुरुआत में कार्नी की भारत यात्रा से ठोस नतीजे निकले.
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