भारत और जापान ने रक्षा, ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समेत कई अहम क्षेत्रों में सहयोग को नई मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण समझौतों (MoC) पर हस्ताक्षर किए. नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची की मौजूदगी में हुए इन समझौतों को दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है. इस दौरान पीएम मोदी ने ताकाइची को अपनी 'छोटी बहन' बताते हुए दोनों देशों के रिश्तों को भरोसे और मित्रता की मिसाल करार दिया.

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हैदराबाद हाउस में हुए अहम समझौतेदिल्ली के हैदराबाद हाउस में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची की मौजूदगी में कई मेमोरेंडम ऑफ कोऑपरेशन (MoC) पर हस्ताक्षर किए. इन समझौतों का उद्देश्य रक्षा, ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीक और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करना है. रक्षा, ऊर्जा और AI पर रहेगा खास फोकसदोनों देशों ने रक्षा सहयोग को और गहरा करने, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल टेक्नोलॉजी, AI और उभरती हुई तकनीकों में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई. इन समझौतों से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत-जापान की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. यह भी पढ़ें: 'भारत गंदा, वहां होती तो...', ये क्या बोल गईं इंदिरा नूई, चीन की खूब की तारीफ, मचा बवाल

पीएम मोदी बोले- भरोसा ही सबसे बड़ी ताकतसंयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले G7 शिखर सम्मेलन में भी कहा था कि मौजूदा वैश्विक उथल-पुथल के दौर में आपसी विश्वास सबसे बड़ी रणनीतिक पूंजी है. उन्होंने कहा, 'मुझे गर्व है कि भारत-जापान की साझेदारी इस कसौटी पर पूरी तरह खरी उतरती है.'

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'जापान ने भारत की विकास यात्रा में निभाई अहम भूमिका'पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कई दशकों में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई अन्य क्षेत्रों में जापान ने भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. इसी सहयोग ने दोनों देशों के बीच विश्वास और दोस्ती का मजबूत रिश्ता बनाया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची की यह यात्रा भारत-जापान की स्पेशल स्ट्रैटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप के एक नए अध्याय की शुरुआत है.

पीएम मोदी ने ताकाइची को बताया 'छोटी बहन'बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची को अपनी 'छोटी बहन' बताते हुए दोनों देशों के रिश्तों की गर्मजोशी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारत और जापान का रिश्ता सिर्फ रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपसी विश्वास, सम्मान और लंबे समय से चली आ रही दोस्ती पर आधारित है. यह भी पढ़ें: भारत को लेकर बांग्लादेश से आया बड़ा बयान, तीस्ता प्रोजेक्ट पर कहा - 'कोई नाराज हुआ तो...'

हिंद-प्रशांत में साझेदारी होगी और मजबूतविशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा, ऊर्जा और AI जैसे क्षेत्रों में हुए ये समझौते ऐसे समय में सामने आए हैं, जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक चुनौतियां बढ़ रही हैं. ऐसे में भारत और जापान की बढ़ती साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता, तकनीकी सहयोग और आर्थिक विकास को नई मजबूती दे सकती है.