ईरान ने भारत के साथ अपने संबंधों को अटूट बताया है और कहा है कि कोई भी ताकत इन रिश्तों को नुकसान नहीं पहुंचा सकती. ईरानी अधिकारी ने चाबहार पोर्ट पर अमेरिका को साफ चेतावनी दी है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से चाबहार प्रोजेक्ट पर दबाव बढ़ रहा है.

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ईरानी अधिकारी ने भारत से रिश्तों पर क्या कहा?  ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के सदस्य सालार वेलायतमदार ने एक टीवी को दिए इंटरव्यू में कहा, 'दुनिया की हालत अच्छी नहीं है और अमेरिका के राष्ट्रपति की हरकतें गरिमापूर्ण नहीं हैं. उन्होंने हर देश में उथल-पुथल पैदा कर दी है और वे देश अस्थिरता का सामना कर रहे हैं. इसमें हमारे मित्र देश भारत के महान लोग भी शामिल हैं. भारत और ईरान के बीच भाषा, संस्कृति और परंपरा में गहरी समानता है. कोई भी चीज भारत-ईरान के मजबूत रिश्तों को नुकसान नहीं पहुंचा सकती. चाबहार पोर्ट में भारत के निवेश का समझौता आपसी रिश्तों को सुरक्षित रखने के लिए है. भारत के हालिया बयान बिल्कुल सही है. भारतीय पक्ष समझता है कि दुश्मन की कार्रवाइयों का इन साझेदारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा. हमारे विचार से इसमें कुछ भी नहीं बदला है.'

ईरान ने दोहराया कि भारत से रिश्ते मजबूत और अटूट हैं. चाबहार पोर्ट इन रिश्तों का बड़ा हिस्सा है. ईरानी अधिकारी का मानना है कि अमेरिकी दबाव या प्रतिबंधों से इन संबंधों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

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चाबहार पोर्ट भारत के लिए क्यों खास है?

चाबहार पोर्ट ईरान के दक्षिण-पूर्व में स्थित है. भारत ने यहां निवेश किया है ताकि अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच आसान हो सके. यह भारत के लिए पाकिस्तान से गुजरे बिना एक वैकल्पिक रास्ता है. 2024 में भारत और ईरान ने 10 साल का समझौता किया था. लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से दिक्कतें हो गईं.

दरअसल, अमेरिका ने ईरान पर सख्ती बढ़ाई है. भारत को पहले छूट मिली थी, लेकिन अब 26 अप्रैल 2026 तक की कंडीशनल वेवर है. इसके बाद क्या होगा, इस पर बात चल रही है. भारत अमेरिका से बात कर रहा है ताकि प्रोजेक्ट जारी रह सके. भारत का कहना है कि चाबहार प्रोजेक्ट से बाहर निकलना कोई समझदारी वाला रास्ता नहीं है.

ट्रंप ने ईरान को मिटाने की धमकी दी

ईरानी अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप लगाया कि वे दुनिया में अस्थिरता फैला रहे हैं. ईरान ने हालिया विरोध प्रदर्शनों को विदेशी साजिश बताया और कहा कि हालात कंट्रोल में है. तेहरान ने कहा है कि अगर कोई हाथ बढ़ाएगा तो काट दिया जाएगा. ट्रंप ने जवाब में कहा है कि अगर उन्हें निशाना बनाया गया तो ईरान को धरती से मिटा दिया जाएगा.