Imran Khan Health: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर इस्लामाबाद से लेकर कराची और खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत तक पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ का रात भर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन जारी रहा, पीटीआई के कार्यकर्ता कल रात 7 बजे से इस्लामाबाद, कराची, स्वाबी और अटॉक में इमरान खान को जेल से अस्पताल में भर्ती करवाने की मांग को लेकर सड़को पर बैठे हुए हैं और पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ नारेबाजी कर रहे है.

देर रात एक समय हालात इतने खराब हुए थे की इस्लामाबाद-रावलपिंडी हाईवे पर पीटीआई के कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर प्रदर्शन किया और वही बैठ गए और शहबाज़ शरीफ की पाकिस्तानी हुकूमत को चुनौती देने लगे, इसी तरह कराची में भी सड़को पर इकट्ठा होकर पीटीआई के कार्यकर्ताओं ने शहबाज़ शरीफ और आसिम मुनीर के खिलाफ नारेबाजी की और इमरान खान को अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की.

पीटीआई के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शनइस्लामाबाद में इस समय आगा खान रोड पर खैबरपख्तूनख्वाह हाउस के सामने पीटीआई के कार्यकर्ता और नेता सड़को पर अनिश्चितकाल के लिए धरने पर बैठे हुए हैं जिसमे खैबर पख्तूनख्वाह के मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर भी शामिल हैं. इसी तरह कराची में भी मिलेनियम मॉल के पास पीटीआई के कार्यकर्ता सड़को को बंधक बना कर इमरान खान को अस्पताल शिफ्ट करवाने की मांग कर रहे हैं.

इस्लामाबाद और कराची के अलावा इमरान खान को अस्पताल में शिफ्ट करवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत के स्वाबी और अटॉक में भी चल रहा है जहां अटॉक में तो इस्लामाबाद को खैबरपख्तूनख्वाह प्रांत से जोड़ने वाले पुल को ही पीटीआई के कार्यकर्ताओं ने बंद कर दिया है और बैठे हुए हैं.

इमरान खान ने अपने बच्चों से की बातपीटीआई के प्रदर्शन के बीच पाकिस्तान की केंद्र सरकार के संसदीय कार्य मंत्री डॉ तारिक फज़ल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर जानकारी दी कि कल इमरान खान ने अपने बेटों से फोन पर बात की थी और सरकार ने इमरान खान को अस्पताल में भर्ती करवाने का फैसला किया है. इसके अलावा जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनज़र इमरान खान का इलाज करने के लिए दो डॉक्टरों की टीम भी बनायी है जिसमे रावलपिंडी स्थित पाकिस्तानी सेना द्वारा रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों के नेतृत्व में चलाया जाने वाला अल शिफा ऑय अस्पताल के दो रेटिना विशेषज्ञ नेत्र डॉक्टर शामिल हैं जिनका नाम डॉ मोहम्मद अमजद और डॉ नदीम कुरैशी है.

इमरान खान को नहीं दी गई सही दवाईसूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को पिछले साल अक्तूबर के दूसरे हफ्ते से दाहिने आंख में थोड़े से धुंधलेपन की शिकायत शुरू हुई थी जिसका प्रमुख कारण इमरान खान के हाई ब्लड प्रेशर का अदियाला जेल में ठीक से इलाज ना होना था. जेल के भीतर जुलाई से ही ज्यादातर समय तक इमरान खान का ब्लड प्रेशर 160 के ऊपर रहता था लेकिन उसके बाद भी उन्हें जो ब्लड प्रेशर की दवाएं दी जा रही थी वो नाकाफी थी और ब्लड प्रेशर कम करने के लिये उपयोग में आने वाली सही कॉम्बिनेशन की दवाएं इमरान खान को नहीं दी गई.

परिजनों को नहीं दी गई थी जानकारीफिर जब नवंबर में इमरान खान से दाईं आंख से कम दिखने की शिकायत शुरू की तो उसके बाद भी इमरान खान को सही दवाएं और इलाज देने के बजाए पाकिस्तानी हुकूमत के इशारे पर काम कर रहे अदियाला जेल के सुप्रेंटेंडेंट अब्दुल गफूर अंजुम ने पाकिस्तानी हुकूमत के एक बड़े सैन्य अधिकारी के आदेश पर 4 नवंबर के बाद इमरान खान को उनकी बहनों से मिलने पर रोक लगा दी गई और इमरान खान के परिजनों को इमरान खान की आंख की शिकायत के बारे में नहीं जानकारी दी गई. इसके अलावा जानकारी के मुताबिक़ इमरान खान का ठीक से टेस्ट करवाने के बजाए उन्हें जेल के डॉक्टरों ने बस कोर्टिकोस्टेरॉयड युक्त ऑय ड्रॉप्स दिन भर में तीन बार आंख में डालने की सलाह दी.

इमरान खान की आंख में दिक्कतधीमे-धीमे जब इमरान खान की आंख की हालत बेहद खराब हो गई और उन्हें दाहिनी आंख से बेहद कम दिखने लगा तब पहली बार 9 दिसंबर को अदियाला जेल में पाकिस्तान इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के नेत्र विभाग के निदेशक डॉ मुहम्मद आरिफ खान सहित अन्य बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर अदियाला जेल पहुचें. इन डॉक्टरों को इमरान खान ने बताया कि उन्हें ऐसा लग रहा है की उनके दाहिने आंख की रोशनी जा रही है और चश्मा लगाने के बाद भी उन्हें दाहिने आंख से नहीं दिख रहा है. इमरान खान की शिकायत के बाद पहले डॉक्टरो को शक काले मोतियाबिंद पर हुआ हालांकि जब बिना किसी मशीन के अदियाला आई डॉक्टरों की टीम ने इमरान खान की आंखों को देखा परखा तो मोतियाबिंद जैसा कुछ नहीं मिला और सिर्फ दवाएं लिख ही वापस चले गए.

इमरान को नहीं ले जाया गया PIMS14 जनवरी को पहली बार इमरान खान ने अदियाला जेल में दाहिनी आंख से बिल्कुल ना दिखने की शिकायत शुरू की जिसके 48 घंटे के बाद 16 जनवरी को डॉक्टर मुहम्मद आरिफ सहित कुल 3 डॉक्टर अदियाला जेल पहुचें. इसी दौरान PIMS के डॉक्टरों की टीम ने अदियाला जेल प्रशासन को बताया कि इमरान खान की असल बीमारी का पता करवाने के लिये कुछ जरूरी टेस्ट करने होंगे और ये टेस्ट एडवांस्ड मशीन से ही हो सकते हैं ऐसे में इमरान खान को PIMS ले जाना चाहिए लेकिन इमरान खान को PIMS ले जाने के उलट एक दिन पहले ही फैसलाबाद ट्रांसफर का आदेश पा चुके जेल अधीक्षक अब्दुल गफूर अंजुम ने नए अधीक्षक के आने का इंतजार करने के लिए कहा.

इमरान को सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजनफिर 17 जनवरी को चार्ज लेने के बाद अदियाला जेल के नए अधीक्षक साजिद बेग को जूनियरों ने PIMS के डॉक्टरों की सलाह का नोट दिखाया जिसके बाद फौज के उच्च अधिकारियों से आदेश लेकर 19 जनवरी को स्लिट लैंप मशीन, ऑप्थैल्मोस्कोप, फंडस कैमरा, टोनोमीटर मशीन और ओसीटी मशीन इमरान खान की आंख का टेस्ट करने के लिए PIMS से अदियाला जेल पहुंचाई गई और डॉक्टरो की जांच में सामने आया कि इमरान खान को असल में सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO) है.

बीमारी पता चलने के बाद PIMS के नेत्र विशेषज्ञ ने जेल प्रशासन से इमरान खान को इलाज के लिए PIMS में भर्ती करवाने के लिए कहा लेकिन अदियाला जेल सुपरिंटेंडेंट ने भर्ती करवाने की जगह PIMS के नेत्र विशेषज्ञ डॉक्टर से टेस्ट रिपोर्ट और होने वाले इलाज का लिखित ब्योरा मांगा जिसे वो अपने सीनियर अधिकारियों को भेज कर उनसे आदेश ले सके. जानकारी के मुताबिक उस समय पाकिस्तान का फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ दावोस में थे तो जेल प्रशासन को कोई आदेश नहीं दिया गया.

24 जनवरी को शुरू हुआ इलाजआसिम मुनीर और शहबाज शरीफ के लौटने के बाद अनुमति मिली और फिर 24 जनवरी को इमरान खान के इलाज का काम शुरू हुआ और 24-25 जनवरी की आधी रात को इमरान खान को कड़ी सुरक्षा के बीच बिना परिजनों को बताए पाकिस्तान इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया जहां PIMS के नेत्र विभाग के प्रमुख डॉ मोहम्मद आरिफ खान और उनकी टीम ने इमरान खान की आंख में 0.5 ml एंटी-वीईजीएफ इंजेक्शन लगाया. जिसके बाद इमरान खान को आंख में एक ऑय ड्राप डालने की सलाह दी गई और उनकी आंख का एक बाए फिर स्लिट लैंप टेस्ट किया गया.

डॉक्टरों ने दी क्या सलाह?सूत्रों के मुताबिक, डॉक्टरों ने जेल प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी से कहा था कि इमरान खान की दाईं आंख में इन्फेक्शन का खतरा है, ऐसे में उनके सेल की विशेष साफ सफाई पर ध्यान रखना होगा. इसके आलवा इमरान खान को भी आंखे हाथ से ना मलने और हाथ धोने की सलाह दी गई थी. जिसके बाद वापस इमरान खान को अदियाला जेल की 8 फीट लंबी और 10 फीट चौड़ी कोठरी में बंद कर दिया गया.

फिर 31 जनवरी को पाकिस्तान इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस ने बयान जारी करके पहली बार इमरान खान की सेहत को लेकर बताया कि इमरान खान को CRVO बीमारी है और 24-25 जनवरी की रात को उनका इलाज हुआ था. यहां सबसे ज़रूरी बात ये है इमरान खान की आंख का इलाज जो PIMS के डॉक्टर मुहम्मद आरिफ खान कर रहे थे वो सबसे ज्यादा केस कैट्रैक्ट और ग्लूकोमा के देखते हैं और अपने 35 साल के अनुभव में 20 फीसदी के आसपास ही केस उन्होंने रेटिना की बीमारी के देखे हैं और इलाज किया है और उनकी ख्याति पाकिस्तान में कट्रैक्ट और ग्लूकोमा के मामले में है.

इमरान खान की आंख की स्थिति पर कोई जानकारी नहींयहां चौकने वाली बात ये भी है कि इमरान खान के इलाज पर तो PIMS ने प्रेस रिलीज 1 हफ्ता देरी से जारी कर दी लेकिन उनकी आंख की स्थिति पर कोई जानकारी नहीं दी थी. इसके बाद इमरान खान की बहनो ने चेतावनी दी की वो सुप्रीम कोर्ट से इमरान खान की खराब सेहत की वजह से मिलने देने की अपील करेंगी जिसके बाद इलाज के 13 दिन के बाद 6 फरवरी को अदियाला जेल प्रशासन को PIMS इमरान खान की मेडिकल कंडीशन रिपोर्ट भेजता है और इस रिपोर्ट में इमरान खान को लेकर वही जानकारियां दी जाती है जो 31 जनवरी की प्रेस रिलीज़ में थी और इसमें भी इमरान खान की आंख की रोशनी का कोई जिक्र नहीं होता है.

फिर 10 फरवरी को पाकिस्तान का सुप्रीम कोर्ट पीटीआई के वकील सलमान सफदर को एमिकस क्यूरी बना कर इमरान खान से मिलने के लिए भेजता है जिसके बाद उसी दिन दोपहर 2 बजे सलमान सफदर अदियाला जेल पहुचते हैं और दो बज कर 25 मिनट के आसपास जेल उपअधीक्षक सिबतैन रज़ा के साथ सलमान सफदर जेल अधीक्षक साजिद बेग के पास पहुचाते है और फिर तीनो इमरान खान से मिलने जाते हैं जहां इमरान खान पीटीआई के वकील और सुप्रीम कोर्ट के एमिकस क्यूरी सलमान सफदर को अपनी आंख का हाल बता कर जानकारी देते हैं कि उन्हें दाहिनी आंख से सिर्फ 15 फीसदी ही दिख रहा है और लगातार पानी आ रहा है ऐसे में उनकी मदद करें.

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के गठन का आदेश12 फरवरी को सलमान सफदर की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश होती है और सार्वजनिक होती है जिसके बाद पाकिस्तान का सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार को आदेश देता है कि 16 फरवरी तक इमरान खान का इलाज और सेहत की देखरेख करने के लिए एक विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम का गठन करे और इमरान खान की उनकी बेटों से बातचीत करवाये. जिसके बाद पहले कल इमरान खान की उनके बेटो से बातचीत करवायी जाती है और फिर जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की सरकार ने रेटिना रोग नेत्र विशेषज्ञ डॉक्टरो की टीम का भी गठन कर दिया है जिसमे अल शिफा ऑय अस्पताल के डॉ मोहम्मद अमजद और डॉ नदीम कुरैशी शामिल है. हालांकि इस टीम के गठन का अभी पाकिस्तान की सरकार ने आधिकारिक ऐलान नहीं किया है.

इमरान की सेहत के साथ खिलवाड़ जारी रखेगी शरीफ सरकार?इमरान खान से मिलने के बाद पीटीआई के वकील सलमान सफदर ने बताया था कि वो जब तक इमरान खान के साथ बैठे रहे तब तक उनकी आंखों से पानी आता रहा और जैसा की पहले बताया कि PIMS के नेत्र विशेषज्ञ डॉक्टरों ने इमरान खान को एंटी-वीईजीएफ इंजेक्शन देने के बाद इस बात की संभावना जतायी थी कि इमरान खान को वापस जेल ले जाने से इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है और इन्फेक्शन से बचाने के उपाय करने होंगे ऐसे में जिस तरह से इमरान खान को इंजेक्शन लगने के 19 वें दिन के बाद भी आंख से लगातार पानी निकालने की शिकायत थी वो इन्फेक्शन का भी लक्षण हो सकता है.

ऐसे में देखना होगा कि पाकिस्तान की सत्ता पर काबिज शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की मानवीय दृष्टि से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का सही से इलाज करवाती है या फिर अपनी राजनैतिक लड़ाई लड़ने के लिए इमरान खान की सेहत और आंख के साथ खिलवाड़ जारी रखती है.