मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बावजूद इस साल हज के लिए 15 लाख से ज्यादा विदेशी यात्री सऊदी अरब पहुंच चुके हैं. जबकि 5 लाख स्थानीय नागरिकों के हज में शामिल होने की उम्मीद है. ऐसे में ये संख्या 20 लाख तक पहुंच सकती है. सऊदी अधिकारियों के मुताबिक यह संख्या पिछले साल के अंतरराष्ट्रीय हज यात्रियों से भी अधिक है.

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फरवरी में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था. इसके जवाब में ईरान ने सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों के कई इलाकों को निशाना बनाया, जिससे हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई और फ्लाइट टिकटों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली.

इसके बावजूद दुनिया भर से मुस्लिम श्रद्धालु लगातार मक्का पहुंचे हैं. हज की मुख्य रस्में सोमवार (25 मई) से शुरू हो चुकी हैं. मंगलवार (26 मई) को हज का मुख्य ख़ुत्बा होगा. पिछले साल कुल 16.7 लाख हज यात्रियों में से करीब 15 लाख विदेशों से आए थे.

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इस साल युद्ध के चलते कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की थी, लेकिन श्रद्धालुओं का कहना है कि उनके लिए हज सिर्फ यात्रा नहीं बल्कि जिंदगी का सबसे बड़ा धार्मिक फर्ज है. भारत, पाकिस्तान, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी से आए कई यात्रियों ने कहा कि क्षेत्रीय तनाव के बावजूद उन्होंने अपना हज सफर रद्द करने के बारे में नहीं सोचा.

मक्का के मीना की विशाल टेंट सिटी में इस समय लाखों श्रद्धालु पहुंचे हुए हैं और तेज गर्मी के बीच लोग छतरियों, हैंड फैन और पानी की बोतलों का सहारा लेते नजर आ रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर क्षेत्रीय संघर्ष दोबारा बढ़ता है तो ट्रैवल और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी बड़ी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं, लेकिन फिलहाल हज यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से जारी है.

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