गिनी की राजधानी कोनाक्री में रविवार (23 अगस्त, 2026) को भूस्खलन की एक घटना से भारी तबाही मच गई है. इस घटना में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई है. दरअसल, यह घटना कोनाक्री के सबसे बड़े लैंडफिल यानी कचरा डंप करने वाली जगह दार एस सलाम में रविवार (23 अगस्त) को तड़के घटी, जहां कचरे का एक पहाड़ ठह गया.

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एसोसिएटेड प्रेस ने गिनी की सिविल प्रोटेक्शन सर्विस के शुरुआती आंकड़ों के हवाले से रिपोर्ट किया कि इस हादसे में अब तक कम से कम 22 लोगों की मौत हो चुकी है. रिपोर्ट के मुताबिक, कोनाक्री में रविवार तड़के करीब 3 बजे भारी बारिश हो रही थी, जिसकी वजह से कचरे का ढेर बहने लगा, इससे भूस्खलन हुआ और लैंडफिल के आसपास बनी झोपड़ियां कचरे के ढेर के नीचे दब गईं. हालांकि, हादसे के बाद बचे हुए लोगों की तलाश के लिए घटनास्थल पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा था.

बंद किया जाने वाला था लैंडफील- मामादोउ बैलो

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वहीं, मिलिट्री इंजीनियरिंग बटालियन के सैनिटेशन अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल बाल्डे मामादोउ बैलो ने बताया कि इस जगह को रविवार (23 अगसत्, 2026) को बंद किया जाने वाला था.

रिपोर्ट के मुताबिक, लैंडफिल के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों को पहले ही इलाके को खाली करने के लिए नोटिस दिए जा चुके थे, जिसके बाद कई लोगों ने वहां पर अपने ठिकानों को छोड़ दिया था और दूसरी जगह पलायन कर गए थे. हालांकि, जब कोनाक्री में यह भयानक हादसा हुआ, उस वक्त भी बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर मौजूद थे. 

लोगों को रिलोकेट करने को लेकर बोले मंत्री

इस हादसे के सामने आने के बाद गिनी के टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन एंड डिसेंट्रलाइजेशन मंत्री डिएनाबू टुरे ने घटनास्थल पर कहा, ‘हम इस बात को पूरी तरह से सुनिश्चित करेंगे कि यहां और जितने भी बाकी बचे हुए परिवार हैं, उन सभी को किसी दूसरी जगह से सुरक्षित रूप से रिलोकेट किया जाए.’ 

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