USA-France: यूक्रेन पर रूस के आक्रमण की तीसरी वर्षगांठ के मौके पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और डोनाल्ड ट्रंप ने बात की. इस दौरान दोनों ने कई मुद्दों पर चर्चा की और कई मसलों पर दोनों के बीच असहमति भी नजर आई. 

मीडिया से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को सैन्य मदद की थी. इसके बदले में वो अब पैसे वापस ले रहे हैं. इस पर इमैनुएल मैक्रों ने उन्हें बीच में ही टोक दिया. उन्होंने कहा, "मैं आप को सही करता हूं. यूरोप ने यूक्रेन को पैसा दिया था और अब वह उसे ही वापस ले रहा है.' इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप चुप रहे और हामी भरते रहें. 

मैक्रों ने कही ये बात

डोनाल्ड ट्रंप की बांह पकड़ते हुए उन्होंने कहा, "साफ तौर पर कहें तो हमने कुल खर्च का 60 फीसदी हिस्सा लगाया. ये लोन गारंटी के तौर पर था. यूरोप में हमारे पास 230 अरब डॉलर के रूस के एसेट्स हैं, जिन्हें फ्रीज किया गया है. लेकिन ये लोन के एवज में नहीं है. यह रुसी प्रॉपर्टी है. उसका हमसे कोई ताल्लुक नहीं है इसी वजह से वो फ्रीज है."

 

उन्होंने आगे कहा, "ये रूस की जिम्मेदारी है कि वह यूक्रेन को मिली मदद की रकम वापस करे. हमारी जब अंत में रूस से बात होगी तो हम कहेंगे कि वह लोन की रकम वापस करें. रूस को यह रकम वापस करनी होगी." इस पर ट्रंप ने कहा कि अगर वो ऐसा कहेंगे तो यह सही है. लेकिन मेरी चिंता यह कि है कि उन देशों को उनका पैसा तो वापस मिल रहा है, लेकिन हमें अपनी पूंजी नहीं मिल रही. 

रूस के हित में युद्ध विराम

वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन से युद्ध विराम समझौता रूस के हित में है और उन्हें लगता है राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ऐसा करना चाहते हैं. राष्ट्रपति ट्रंप से जब पुतिन पर भरोसा करने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “समझौता करना रूस के हित में है और मुझे लगता है कि हम ऐसा करेंगे. दोनों पक्षों में जबरदस्त अविश्वास है.”

उन्होंने आगे कहा कि अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में उन्होंने सबसे पहला फोन राष्ट्रपति पुतिन को किया था क्योंकि उन्हें लगता है पुतिन समझौता करने के लिए तैयार हैं.