पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई प्रमुख इमरान खान ने एक बार फिर जेल से रिहाई के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. गुरुवार (30 अप्रैल) को इस्लामाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान 73 वर्षीय इमरान खान ने अपील की कि उनकी बढ़ती उम्र, जेल में लंबे समय से जारी 'एकांत कैद' और एक आंख में हुए गंभीर संक्रमण को देखते हुए उन्हें मानवीयता के आधार पर रिहा किया जाए.

भ्रष्टाचार मामले में सजा को चुनौती

यह अपील उनके वकील सलमान सफदर ने उस समय की, जब अदालत इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की 19 करोड़ पाउंड के भ्रष्टाचार मामले में मिली सजा के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी. पिछले साल जनवरी में इस्लामाबाद की एक अदालत ने खान को 14 साल और बुशरा बीबी को 7 साल की जेल की सजा सुनाई थी. नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने उन पर पद के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए थे.

खराब स्वास्थ्य का हवाला

सुनवाई के दौरान वकील सफदर ने दलील दी कि इमरान खान लंबे समय से जेल की एक छोटी कोठरी में अकेले बंद हैं, जिसका उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है. उन्होंने खान की आंख में हुए संक्रमण का जिक्र करते हुए कहा कि जेल प्रशासन उन्हें बेहतर हेल्थ सुविधाएं देने में असमर्थ रहा है. वकील ने कोर्ट से कहा, 'एक पूर्व प्रधानमंत्री को इस उम्र में और ऐसी स्वास्थ्य स्थितियों में जेल में रखना ठीक नहीं है.'

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देरी पर जताई चिंता

वकील ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह मामला पिछले 16 महीनों से लटका हुआ है. उन्होंने कोर्ट को बताया कि इस अपील पर अब तक 17 सुनवाई हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है. 'द डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, बचाव पक्ष ने अदालत से सजा को 'निलंबित' करने की अपील की गई है, जिससे इमरान खान को तुरंत चिकित्सा सहायता और राहत मिल सके.

इमरान खान की यह अपील ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दलीलों को रिकॉर्ड पर लिया है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस्लामाबाद उच्च न्यायालय स्वास्थ्य आधार पर उन्हें राहत देता है या उनकी जेल यात्रा और लंबी चलती है.

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