UAE ने फ्लाई-दुबई फ्लाइट में हुई हाईजैकिंग की कोशिश के मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं. जांच में आतंकी कनेक्शन खंगाला जाएगा कि आरोपी पायलट का किसी आतंकी संगठन से कोई संबंध तो नहीं था. 9/11 जैसे घटना के पीछे कारण क्या था. ये भी पता लगाया जाएगा. इसके अलावा ओमान का नागरिक होने के बावजूद वो तेल अवीव की फ्लाइट में कैसे तैनात था, इसकी भी जांच की जाएगी. अब्राहम एकोर्ड (समझौते) के तहत यूएई से इजरायल के लिए फ्लाई करने वाली फ्लाइट में सिर्फ उन देशों के पायलट रह सकते हैं, जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध हैं या फिर सामान्य संबंध है. 

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जिन देशों की इजरायल से दुश्मनी है, उन देशों के पायलट विमान नहीं उड़ा सकते हैं. ऐसे में ओमान के पायलट के बारे में सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि ओमान के इजरायल से सामान्य संबंध नहीं हैं. अमेरिका की पहल पर यूएई ने इजरायल से अब्राहम एकोर्ड (2020) किया था, जिसके बाद दोनों देशों में राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे. जानकारी के मुताबिक, ओमान के पायलट ने करीब 8 महीने पहले फ्लाई-दुबई एयरलाइंस ज्वाइन की थी. वह बेहद कट्टरपंथी था और महिलाओं से हाथ तक मिलाने से गुरेज करता था.

फ्लाइट को सुसाइड प्लेन में बदलने की कोशिश: नेतन्याहू

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इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि फ्लाई-दुबई की घटना 9/11 जैसी लगाती है. उन्होंने कहा, 'ऐसा लगता है कि ओमानी पायलट फ्लाइट को सुसाइड प्लेन में बदलने की कोशिश कर रहा था. भारतीय पायलट ने अदम्य साहस दिखाया , कॉकपिट का डोर अनलॉक किया. इससे इजरायली पलंबर और  फ्लाइट में बैठे पायलट कंट्रोल ले पाए. इजरायली पलंबर ने हमलावर ओमानी पायलट को पीछे के जकड़ लिया. तब वो दोनों पायलट सीट के बीच विमान का सिस्टम जाम कर रहा था.

इजरायली एजेंसियां पायलट से करेगी पूछताछ

इजरायल के पीएम ने सवाल किया कि विमान के अंदर सभी यात्री मेटल डिटेक्टर से गुजरकर जाते हैं तो ओमानी पायलट धारदार औजार लेकर कैसे गया? उन्होंने बताया, 'सऊदी अरब में ओमान के पायलट से पूछताछ हो रही है. उसे दुबई भेजा जाएगा, जहां इजरायल की एजेंसियां भी उस पायलट से पूछताछ करेगी.' नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान अपने प्रॉक्सी के जरिए इस तरह की घटना को अंजाम दे सकता है. उन्होंने कहा, 'यूएई की सरकार सहयोग कर रही है. इजरायल एहतियातन कई कदम उठा रहा है.'