वॉशिंगटन: ट्रंप प्रशासन की ‘अमानवीय’ सीमा नीति के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान प्रतिनिधि सभा के लिये निर्वाचित पहली भारतीय-अमेरिकी महिला सांसद प्रमिला जयपाल को गिरफ्तार कर लिया गया. जयपाल और उनके समूह ने देशभर में ‘जबर्दस्त प्रदर्शन’ की योजना बनाई है. ट्रंप प्रशासन की विवादित नीति के कारण करीब 2,000 बच्चों को उनके माता-पिता और अभिभावकों से अलग होना पड़ा. इसका लोगों ने भारी विरोध किया.
जयपाल (52) को 500 अन्य महिलाओं के साथ कैपिटल हिल में गिरफ्तार किया गया. जयपाल ने कहा कि परिवारों को अलग करने वाली डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की नीति के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान 500 से अधिक महिलाओं के एक समूह के साथ उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उन्हें उनके सविनय अवज्ञा (civil disobedience) के कदम के तहत हार्ट सीनेट ऑफिस बिल्डिंग में धरना को लेकर गिरफ्तार किया गया.
2016 में वॉशिंगटन स्टेट से प्रतिनिधि सभा के लिए निर्वाचित जयपाल ने कहा, ‘‘पूरे देश से आयी ये महिलाएं जानती हैं...वो समझती हैं कि ये राजनीति से परे है, यह सही और गलत के बारे में है. हमें कदम उठाना होगा और खुद को आगे आना होगा.’’ उन्होंने कहा कि 30 जून को वो लोग एक बार फिर सड़कों पर उतरेंगे.
भारतीय महिला को बेटे से अलग किया गया मीडिया में आई ख़बरों में यह जानकारी दी गई कि मैक्सिको से अवैध तरीके से अमेरिका में प्रवेश करने के बाद अमेरिका में शरण मांग रही एक भारतीय महिला को पांच साल के उसके दिव्यांग बेटे से अलग कर दिया गया है. अमेरिकी मीडिया वॉशिंगटन पोस्ट की एक ख़बर के मुताबिक एरिजोना की अदालत ने भावन पटेल के बच्चे से दोबारा मिलने के लिए 30,000 डॉलर (20,53,350 रुपए) की जमानत राशि निर्धारित की है.
अवैध प्रवासियों को आने की इजाजत नहीं दे सकता अमेरिका भारत दौरे के दौरान संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निकी हेली ने इमिग्रेंट्स के विवादित मुद्दे पर भी बात की. अमेरिका में अवैध तौर पर प्रवेश करने को लेकर भारतीयों समेत सैकड़ों अन्य विदेशियों को हिरासत में रखा गया है. निक्की ने कहा कि अमेरिका प्रवासियों का देश है और आतंकवाद की चुनौतियों को देखते हुए अवैध प्रवासियों को आने की इजाजत नहीं दे सकता है.
