<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><channel><title>चेतावनी: अभी LPG न सस्ती होगी, न किल्लत होगी खत्म! जानिए- होर्मुज खुलने से कब मिलेगी राहत?</title><atom:link href="https://www.abplive.com/world/feed" rel="self" type="application/rss+xml"/><link>https://www.abplive.com/</link><description/><lastBuildDate>Fri, 10 Apr 2026 07:25:04 +0530</lastBuildDate><language>en-US</language><sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><generator>https://www.abplive.com</generator><item><title><![CDATA[Israel-Lebanon Talk: 300 मौतों के बाद अब होगी बातचीत! लेबनान पर हमलों के बीच इजरायल का यू-टर्न?]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/israeli-attacks-on-lebanon-talks-between-2-countries-will-start-in-america-after-killing-300-people-3113273</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/israeli-attacks-on-lebanon-talks-between-2-countries-will-start-in-america-after-killing-300-people-3113273#respond</comments><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 06:32:15 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी लाइव ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/israeli-attacks-on-lebanon-talks-between-2-countries-will-start-in-america-after-killing-300-people-3113273</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;लेबनान पर इज़रायल के हालिया हमलों के कुछ ही दिनों बाद दोनों देशों के बीच बातचीत की तैयारी हो रही है. बता दें कि सीजफायर की घोषणा के बाद से लेबनान पर हुए इजरायली हमले में 300 लोगों से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और हजार से अधिक लोग घायल हो गए थे. AFP की रिपोर्ट के मुताबिक अगले हफ्ते अमेरिका में इज़रायल और लेबनान के बीच अहम बातचीत होगी. अमेरिका के विदेश विभाग के अनुसार, इस बातचीत में युद्ध विराम और मौजूदा हालात पर चर्चा होगी, ताकि तनाव को कम करने का रास्ता निकाला जा सके.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब ईरान और अमेरिका के बीच भी पाकिस्तान में बातचीत होने वाली है. इसके अलावा, हाल ही में दोनों देशों के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ है, लेकिन लेबनान को इसमें शामिल किए जाने को लेकर विवाद बना हुआ है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उन्होंने लेबनान के साथ जल्द से जल्द सीधे बातचीत की मंजूरी दे दी है. उन्होंने यह भी साफ किया कि इस बातचीत का मुख्य मुद्दा हिज़्बुल्लाह को निशस्त्र करना होगा. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि लेबनान में हिज़्बुल्लाह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;हिज़्बुल्लाह ने बातचीत को किया खारिज&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;हिज़्बुल्लाह के नेता अली फैयाद ने इजरायल के साथ किसी भी तरह की बातचीत को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि लेबनान किसी भी सीधे बातचीत को स्वीकार नहीं करेगा और सबसे पहले इजरायल को हमले रोकने होंगे और सेना को पीछे हटाना होगा. लेबनान को युद्धविराम में शामिल किया गया था या नहीं, यह अब एक बड़ा विवाद बन चुका है. इजरायल और अमेरिका का कहना है कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं था, जबकि ईरान और पाकिस्तान का कहना है कि लेबनान को शामिल किया गया था. इस बीच, इजरायल ने लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं. सेना का कहना है कि उन्होंने हिज़्बुल्लाह से जुड़े लॉन्च साइट्स को निशाना बनाया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें: &lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/us-israel-iran-war-live-updates-strike-on-tehran-lpg-fuel-price-strait-of-hormuz-donal-trump-uae-dubai-3111482&quot; target=&quot;_blank&quot; rel=&quot;noopener&quot;&gt;&lt;strong&gt;US Iran War LIVE: 'हिजबुल्लाह पर पूरी ताकत से हमला करेंगे...' ईरान की चेतावनी के बीच इजरायल का बड़ा ऐलान&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/04/10/25e85c24350b9d630b607c0318bd915c17757836131321115_original.png" width="220"/></item><item><title><![CDATA['ईरान के हमलावर को छोड़ेंगे नहीं', सीजफायर के बाद नए सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामनेई का पहला बयान]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/mojtaba-khamenei-warn-us-isreal-donald-trump-iran-will-not-leave-rights-pakistan-islamabad-talks-3113262</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/mojtaba-khamenei-warn-us-isreal-donald-trump-iran-will-not-leave-rights-pakistan-islamabad-talks-3113262#respond</comments><pubDate>Thu, 9 Apr 2026 23:29:51 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी लाइव ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/mojtaba-khamenei-warn-us-isreal-donald-trump-iran-will-not-leave-rights-pakistan-islamabad-talks-3113262</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पाकिस्तान में शांति वार्ता को लेकर होने वाली बैठक से पहले ईरान के सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि ईरान पर हमला करने वाले को नहीं छोड़ेंगे. अमेरिकी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सीजफायर का ऐलान करने के बाद मोज्तबा खामेनेई का यह पहला बयान है. उन्होंने कहा कि हम युद्ध नहीं चाहते हैं, लेकिन अपना अधिकार नहीं छोड़ेंगे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ईरान बड़ी ताकत बनने की दहीज पर खड़ा: मोज्तबा&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मोज्तबा खामेनेई ने कहा, 'ईरान बड़ी ताकत बनने की दहीज पर खड़ा है. ईरान इस जंग का निर्णाय विजेता रहा है. हम उन अपराधी हमलावरों को नहीं बख्शेंगे, जिन्होंने हमारे देश पर हमला किया. हम हर एक नुकसान के लिए मुआवजा की और हमारे शहीदों के खून की कीमत का हरजाना लेंगे. होर्मुज स्ट्रेट के मैनेजमेंट पर नए फेज में जाएंगे. हमारी सेना ने हमें महान जीत दिलाई है.'&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमेरिका और ईरान बुधवार को दो हफ्ते के लिए सशर्त युद्ध-विराम पर सहमत हो गए. इसके बाद, मतभेदों को सुलझाने और मौजूदा सीजफायर को एक स्थायी शांति में तब्दील करने के लिए इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को बैठक होनी है. प्रस्तावित बातचीत से कुछ घंटे पहले, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि लेबनान पर इजरायल का हमला शुरुआती युद्ध-विराम का खुला उल्लंघन है और इससे बातचीत निरर्थक हो जाएगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;हमारी ऊंगलियां ट्रिगर पर ही रहेंगी: पेजेश्कियान&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पेजेश्कियान ने कहा, &amp;lsquo;इस तरह के कदम धोखे और नियमों का पालन न करने का संकेत देते हैं, जिससे बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाता. हमारी ऊंगलियां ट्रिगर पर ही रहेंगी. ईरान अपने लेबनानी भाइयों और बहनों को कभी अकेला नहीं छोड़ेगा.&amp;rsquo; पेजेश्कियन ने यह बात लेबनान में इजरायल के बड़े हमलों के एक दिन बाद कही, जिनमें 200 से ज्यादा लोग मारे गए और 1,000 से अधिक घायल हुए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को उच्च-स्तरीय वार्ता की मेजबानी करने जा रहे पाकिस्तान ने राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की और क्षेत्र में स्थायी शांति हासिल करने के लिए पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों की प्रगति की समीक्षा की.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;शांति वार्ता को लेकर पाकिस्तान में होगी बैठक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा कि वह पश्चिम एशिया संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर ईरान के साथ होने वाली बातचीत से पहले, दौरे पर आने वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को पूरी तरह सुरक्षित माहौल देगा. अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के भी पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन उसके आगमन का कोई समय घोषित नहीं किया गया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें : &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/us-iran-ceasefire-iran-nuclear-power-chief-mohammed-islmai-says-tehran-continues-uranium-enrichment-3113139&quot;&gt;'हमें यूरेनियम संवर्धन से कोई नहां रोक सकता...', सीजफायर के अगले ही दिन ईरान ने कर दिया बड़ा दावा&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/03/17/30cb75a67a2637f083c1993f5ba164a517737193377641115_original.png" width="220"/></item><item><title><![CDATA[US Iran War: ईरान वॉर के चलते वैश्विक इकोनॉमी की लगी लंका, IMF ने बताया क्या होगा बड़ा असर]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/middle-east-conflict-imf-lower-global-growth-out-look-says-managing-director-kristalina-georgieva-3113253</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/middle-east-conflict-imf-lower-global-growth-out-look-says-managing-director-kristalina-georgieva-3113253#respond</comments><pubDate>Thu, 9 Apr 2026 22:55:35 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी लाइव ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/middle-east-conflict-imf-lower-global-growth-out-look-says-managing-director-kristalina-georgieva-3113253</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;IMF on Iran War:&lt;/strong&gt; ईरान युद्ध की वजह से ग्लोबल ग्रोथ के अनुमान में कमी का आकलन किया गया है. यह कहना इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड के मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जीवा का है. उन्होंने कहा है कि मध्यपूर्व में युद्ध की वजह से ग्लोबल ग्रोथ के अनुमान को कम करेगा. गुरुवार को वॉशिंगटन में जॉर्जीवा ने कहा कि इस संघर्ष ने इस क्षेत्र और पूरी दुनिया में काफी मुश्किलें पैदा कर दी हैं, जिसके चलते ऐसा करना पड़ रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;अगर झटका नहीं लगा होता तो...&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जॉर्जीवा का कहना है कि अगर यह झटका नहीं लगा होता तो दुनिया आज जिस स्थिति में है, उससे कहीं बेहतर होती. हम अपने ग्रोथ के आंकलन को बढ़ा रहे होते, लेकिन अब हमारे अनुमान में इसे कम करना पड़ेगा. इससे पहले ग्लोबल ग्रोथ को बढ़ाकर 3.3% कर दिया था. ऐसे में मंगलवार को आने वाले अनुमान में इन्हें बढ़ाने की तैयारी थी. लेकिन 28 फरवरी को हुए युद्ध ने सारी स्थिति को बदलकर रख दिया है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मिडिल ईस्ट के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था चपेट में आई है&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;मिडिल ईस्ट के संघर्ष के चलते और ईरान की तरफ से वैश्विक मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने के बाद तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतें बढ़ गई हैं. इस युद्ध में हमलों के दौरान तेल रिफाइनरियों, टैंकर टर्मिनलों और अन्य ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है. दुनिया भर के किसान जिस फर्टिलाइजर पर निर्भर हैं, उसकी सप्लाई में भी कमी दुनिया के स्तर पर देखी गई है. इसके अलावा गैस और तेल की सप्लाई में आई भारी कमी के चलते बिजनेस और कंज्यूमर पर असर हुआ है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;IMF, वर्ल्ड बैंक और WFP ने जारी किया संयुक्त बयान&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;IMF, वर्ल्ड बैंक और WFP ने कहा है कि पश्चिम एशिया में युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में सबसे बड़ी मुश्किल पैदा कर दी है. इससे खाद्य कीमतों, फूड सिक्योरिटी पर गहरा असर पड़ेगा. इन तीनों संस्थाओं ने एक संयुक्त बयान जारी कियाहै. इसमें कहा गया है कि बढ़ती खाद्य कीमतों का सबसे अधिक बोझ दुनिया की कमजोर आबादी पर रहेगा. तेल, गैस और उर्वरक की कीमतों में तेज वृद्धि, साथ ही परिवहन बाधाओं के कारण, खाद्य कीमतों और खाद्य असुरक्षा में वृद्धि अवश्य होगी.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;संस्थाओं ने कहा कि वे इस स्थिति की गहन निगरानी करेंगे और संकट से प्रभावित लोगों का समर्थन करने के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का समन्वय करेंगे. &amp;nbsp;बयान में यह भी कहा गया कि विशेष रूप से कम आय वाले और आयात-निर्भर देशों में, ईंधन और खाद्य कीमतों में वृद्धि सरकारों की सीमित वित्तीय क्षमता के कारण कमजोर घरों पर सबसे अधिक प्रभाव डालेगी. तीनों संस्थाओं ने आश्वासन दिया कि वे जीवन और आजीविका की रक्षा, और स्थिरता, विकास और रोजगार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दीर्घकालिक पुनर्प्राप्ति के लिए समर्थन जारी रखेंगी.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;हाल ही में हुआ है ईरान-अमेरिका के बीच दो हफ्तों का सीजफायर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;हालांकि, इस युद्ध में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट मंगलवार को देखने को मिला है. जब ईरान और अमेरिका ने सीजफायर की घोषणा की. यह घोषणा उस वक्त की गई, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा था कि आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी. इस युद्ध से हुए नुकसान का असर IMF के मैनेजिंग डायरेक्टर के इस बयान से लगाया जा सकता है. अमेरिका सशर्त दो हफ्तों के सीजफायर पर सहमत हुआ है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a title=&quot;ईरान वॉर पर इस्लामाबाद में बैठक से पहले कूदा रूस, लेबनान पर इजरायल को दो टूक, ट्रंप का नेतन्याहू को फोन&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/russia-says-lebanon-should-include-in-iran-ceasefire-agreement-trump-talks-netanyahu-3113227&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;ईरान वॉर पर इस्लामाबाद में बैठक से पहले कूदा रूस, लेबनान पर इजरायल को दो टूक, ट्रंप का नेतन्याहू को फोन&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/04/09/328a2e81800bcc588fda71a9ad2dbf7417757551975241324_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA['स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रखने में मदद करे NATO', डोनाल्ड ट्रंप ने सेक्रेटरी जनरल मार्क रूटे से क्या कहा है?]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/iran-war-donald-trump-appeal-nato-demand-secure-hormuz-iran-keeps-hold-on-hormuz-amid-israel-attack-on-lebanon-3113236</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/iran-war-donald-trump-appeal-nato-demand-secure-hormuz-iran-keeps-hold-on-hormuz-amid-israel-attack-on-lebanon-3113236#respond</comments><pubDate>Thu, 9 Apr 2026 22:29:01 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी लाइव ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/iran-war-donald-trump-appeal-nato-demand-secure-hormuz-iran-keeps-hold-on-hormuz-amid-israel-attack-on-lebanon-3113236</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित करने में मदद के लिए NATO से वादा चाहते हैं. यह अपील अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने NATO के सेक्रेटरी जनरल मार्क रूटे से की है. ट्रंप ने कहा है कि अगले कुछ दिनों में इस रास्ते को सुरक्षित करने की मदद के लिए ठोस वादे चाहते हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने दो यूरोपीय राजनयिकों के हवाले से यह जानकारी दी है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ट्रंप की मांग नाटो के उस फैसले के बाद आई है, जब ईरान के खिलाफ अमेरिका के युद्ध में शामिल न होने या अमेरिकी सेना को अपने बेस या हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल न करने के लिए फैसला लिया था. इससे अमेरिका नाराज हो गया था.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;नाटो और अमेरिका में असहमति की खाई और गहरी तब हो गई, जब इस नाटों ने अमेरिका को ठेंगा दिखा दिया. अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तेहरान की पकड़ को ढीला करने के लिए इसे एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की मांग की थी. सीजफायर के बाद भी अमेरिका और नाटों के बीच तनाव बना हुआ है. यूरोप ने इस युद्ध को पूरे युद्ध में बाहर ही रखा है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ईरान ने सीजफायर समझौते के तहत रोजाना 15 जहाजों की दी अनुमति&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;ईरान ने कहा है कि अमेरिका के साथ हुए संघर्ष विराम समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से रोजाना 15 से ज्यादा जहाज गुजरने नहीं देगा. &amp;nbsp;28 फरवरी को शुरू हुए इस युद्ध में ईरान ने इस रास्ते को बंद ही कर रखा है. इससे दुनिया के देशों में तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है. इसके चलते दुनिया भर में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. बुधवार को ईरान ने लेबनान में हिजबुल्लाह आतंकवादी समूह पर इजरायल हमलों के जवाब में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद कर दिया.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;लेबनान पर हुए हमले में अबतक 112 लोग मारे गए, सैकड़ों घायल&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहे युद्ध में कम से कम 112 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए हैं. इससे सीजफायर पर खतरा मंडरा रहा है. इसे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक नाजुक समझौता करार दिया है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के एयरोस्पेस कमांडर जनरल सैयद माजिद मौसवी ने एक्स पर लिखा है कि लेबनान के प्रति आक्रामकता ईरान के प्रति आक्रामकता है. ईरान की सेनाएं इजरायल की तरफ से हुए हमले का करारा जवाब देने की तैयारी कर रही हैं. इससे ज्यादा उन्होंने फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;10 मिनट के अंदर हिजबुल्लाह के 100 से ज्यादा ठिकानों पर निशाना&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;इसके अलावा इजरायल के हालिया हमलों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह एक अलग तरह की झड़प है. इजरायल ने कहा था कि यह समझौता ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के साथ चल रहे उसके युद्ध पर लागू नहीं होता. वहीं, पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए कहा था कि यह लागू होता है. ऐसे में युद्धविराम के बाद जो राहत लेबनान को मिली थी, वो जल्द ही दहशत में बदल गई. इजरायल की सेना ने इसे मौजूदा युद्ध का अपना अबतक का सबसे बड़ा और सुनियोजित हमला बताया. इस इस हमले में बेरूत, दक्षिणी लेबनान और पूर्वी बेका घाटी में महज 10 मिनट के अंदर हिजबुल्लाह के 100 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a title=&quot;ईरान वॉर पर इस्लामाबाद में बैठक से पहले कूदा रूस, लेबनान पर इजरायल को दो टूक, ट्रंप का नेतन्याहू को फोन&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/russia-says-lebanon-should-include-in-iran-ceasefire-agreement-trump-talks-netanyahu-3113227&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;ईरान वॉर पर इस्लामाबाद में बैठक से पहले कूदा रूस, लेबनान पर इजरायल को दो टूक, ट्रंप का नेतन्याहू को फोन&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/04/09/0c96480b2e69319704aca8c3daeb96d317757523217371324_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[US Iran War: यूएस-ईरान में सीजफायर के बाद खुली अल-अक्सा मस्जिद, 40 दिन बाद दी गई अजान]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/israel-al-aqsa-mosque-reopens-after-40-days-amid-us-iran-ceasefire-3113241</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/israel-al-aqsa-mosque-reopens-after-40-days-amid-us-iran-ceasefire-3113241#respond</comments><pubDate>Thu, 9 Apr 2026 22:04:49 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी लाइव ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/israel-al-aqsa-mosque-reopens-after-40-days-amid-us-iran-ceasefire-3113241</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद इजरायल में स्थित अल-अक्सा मस्जिद को फिर से खोल दिया गया है. इजरायल के यरुशलम में यह मस्जिद करीब 40 दिनों तक बंद रही, हालांकि यहां अब एक महीने से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद फिर से अजान दी गई. अहम बात यह भी है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति को लेकर पाकिस्तान में बातचीत होने वाली है. शुक्रवार (10 अप्रैल) को इस्लामाबाद में वार्ता होगी.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इजरायली प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अल-अक्सा मस्जिद को बंद कर दिया था. यहां आम लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक थी, हालांकि मस्जिद के दोबारा खुलने के साथ ही माहौल भावुक हो गया और बड़ी संख्या में लोग सुबह की नमाज अदा करने पहुंचे. मस्जिद खुलने के बाद पहली बार फज्र की अजान दी गई.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;नमाजियों ने शांति और अमन की दुआ की और उम्मीद जताई कि आगे भी इबादत में कोई रुकावट नहीं आएगी. यरूशलम में अल-अक्सा मस्जिद बंद होने के बाद नमाजियों ने करीब पांच हफ्तों तक सड़कों पर ही नमाज अदा की.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान में होगी बात&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमेरिका और ईरान सीजफायर के बाद एक ही टेबल पर आने को तैयार हैं. इन दोनों के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बातचीत होगी. सीजफायर के बाद अब शांति को लेकर समझौता होगा. अमेरिका और ईरान का डेलीगेशन शुक्रवार को इस्लामाबाद के सेरेना होटल में रुकेगा. इसी वजह से होटल प्रबंधन ने सभी यात्रियों को होटल खाली करने का आदेश दिया था. रविवार तक होटल प्रबंधन का काम पाकिस्तान की सरकार देखेगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;बातचीत की वजह से इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस्लामाबाद के सेरेना होटल की तरफ जाने वाली सभी सड़कों को 4 किलोमीटर पहले ही बैरिकेड, कंटेनर के सहारे बंद किया गया है. तीन लेयर सुरक्षा व्यवस्था की गई है. पहली लेयर में इस्लामाबाद पुलिस है, दूसरी लेयर में पाकिस्तानी सेना और तीसरी लेयर में SSG कमांडो की यूनिट तैनात है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें : &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/russia-says-lebanon-should-include-in-iran-ceasefire-agreement-trump-talks-netanyahu-3113227&quot;&gt;ईरान वॉर पर इस्लामाबाद में बैठक से पहले कूदा रूस, लेबनान पर इजरायल को दो टूक, ट्रंप का नेतन्याहू को फोन&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/04/09/87d82cfb7c56daf5d62384a3430e201d1775752663379344_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[ईरान वॉर पर इस्लामाबाद में बैठक से पहले कूदा रूस, लेबनान पर इजरायल को दो टूक, ट्रंप का नेतन्याहू को फोन]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/russia-says-lebanon-should-include-in-iran-ceasefire-agreement-trump-talks-netanyahu-3113227</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/russia-says-lebanon-should-include-in-iran-ceasefire-agreement-trump-talks-netanyahu-3113227#respond</comments><pubDate>Thu, 9 Apr 2026 21:31:56 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ आशीष कुमार सिंह, एबीपी न्यूज़ ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/russia-says-lebanon-should-include-in-iran-ceasefire-agreement-trump-talks-netanyahu-3113227</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;US Iran War: &lt;/strong&gt;ईरान वॉर को लेकर शांति की कोशिशों के बीच शुक्रवार को इस्लामाबाद में एक अहम बैठक होने जा रही है. इस बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, पाकस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के शामिल होने से मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति की उम्मीद जगी है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस बीच, इजरायल की तरफ से लेबनान पर जारी हमलों को लेकर रूस ने दो टूक रुख अपनाया है. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अपने ईरानी समकक्ष से फोन पर बातचीत में कहा कि किसी भी सीजफायर समझौते में लेबनान को भी शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए यह जरूरी है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;रूस की दो टूक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एक अलग बयान में रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Maria Zakharova ने लेबनान में इजरायल के हमलों की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि इस तरह के आक्रामक कदम शांति वार्ता की दिशा में हो रही प्रगति को पटरी से उतार सकते हैं. रूस के विदेश मंत्रालय की ओर से आया यह बयान साफ संकेत देता है कि रूस क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित है और चाहता है कि सभी पक्ष संयम बरतें, ताकि कूटनीतिक प्रयासों के जरिए समाधान की दिशा में बढ़ा जा सके.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उधर, इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से बात की और लेबनान में इजरायली हमलों को कम करने की सलाह दी, ताकि ईरान के साथ सीजफायर को आगे बढ़ाया जा सके.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस्लामाबाद में बैठक से उम्मीदें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;गौरतलब है कि बुधवार को Washington, D.C. और Tehran के बीच सीजफायर के ऐलान के बावजूद हालात काबू में नहीं रह सके. ईरान के एक रिफाइनरी प्लांट पर हमला किया गया, जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत और बहरीन को निशाना बनाया. वहीं इजराइल ने भी बड़ा सैन्य एक्शन लेते हुए बेहद कम समय में 100 से ज्यादा मिसाइलें दाग दीं, जिससे साफ है कि सीजफायर के बावजूद संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;एक ओर कूटनीतिक स्तर पर शांति की कोशिशें तेज हो रही हैं, तो दूसरी ओर जमीनी स्तर पर जारी हमले इस प्रक्रिया को चुनौती दे रहे हैं, जिससे यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;a title=&quot;ये भी पढ़ें: ट्रंप के इस दावे से बेनकाब हुआ 'शांति दूत' बन रहा पाकिस्तान, चीन का भी उतर गया चोला&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/us-president-donald-trump-new-revelations-china-and-pakistan-amid-iran-war-3113121&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;ये भी पढ़ें: ट्रंप के इस दावे से बेनकाब हुआ 'शांति दूत' बन रहा पाकिस्तान, चीन का भी उतर गया चोला&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/04/09/d308dea02f0a31f726c4c5f9cb5dd62b1775750470736120_original.jpeg" width="220"/></item><item><title><![CDATA['हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर...', US के साथ पाकिस्तान में बैठक से पहले ईरान ने इजरायल को दी धमकी]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/us-iran-war-pezeshkian-warning-for-israel-lebanon-attack-before-islamabad-talk-3113205</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/us-iran-war-pezeshkian-warning-for-israel-lebanon-attack-before-islamabad-talk-3113205#respond</comments><pubDate>Thu, 9 Apr 2026 20:19:08 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ आईएएनएस ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/us-iran-war-pezeshkian-warning-for-israel-lebanon-attack-before-islamabad-talk-3113205</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शुक्रवार (10 अप्रैल) को शांति को लेकर बातचीत होगी. इससे ठीक पहले ईरान ने इजरायल को धमकी दी है. उसने गुरुवार (9 अप्रैल) को इजरायल को चेतावनी देते हुए कहा कि लेबनान पर अटैक नहीं किया जाना चाहिए. ईरान ने स्पष्ट चेतावनी भी दी है कि यदि ये हमले जारी रहे तो उनकी उंगल&amp;zwj;ियां अभी भी ट्रिगर पर ही हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ईरान ने लेबनान के खिलाफ बार-बार की आक्रामकता को सीजफायर समझौते का घोर उल्लंघन बताया है. ईरान का कहना है क&amp;zwj;ि इन आक्रमक कार्रवाइयों का जारी रहना बातचीत को बेमानी बना देगा. ईरान अपने लेबनानी भाइयों और बहनों को कभी नहीं छोड़ेगा. यह धोखे तथा संभावित समझौतों के प्रति प्रतिबद्धता की कमी का एक खतरनाक संकेत है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोशल मीड&amp;zwj;िया प्&amp;zwj;लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''लेबनान में इजरायल का फिर से घुसपैठ करना, शुरुआती संघर्ष-विराम समझौते का खुला उल्लंघन है. यह धोखेबाजी और भविष्य के संभावित समझौतों के प्रति प्रतिबद्धता की कमी का एक खतरनाक संकेत है. इन कार्रवाइयों का जारी रहना बातचीत को बेमानी बना देगा. हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर हैं. ईरान अपने लेबनानी भाई-बहनों को कभी नहीं छोड़ेगा.''&lt;/p&gt;
&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot;&gt;
&lt;p dir=&quot;ltr&quot; lang=&quot;en&quot;&gt;Renewed aggression by the Zionist regime against Lebanon blatantly violates the initial ceasefire. Such actions signal deception and non-compliance, rendering negotiations meaningless. Our hands remain on the trigger. Iran will never forsake its Lebanese brothers and sisters. &lt;a href=&quot;https://t.co/T3Wy3qBqcE&quot;&gt;https://t.co/T3Wy3qBqcE&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&amp;mdash; Masoud Pezeshkian (@drpezeshkian) &lt;a href=&quot;https://twitter.com/drpezeshkian/status/2042216652629053539?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;April 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;
&lt;p&gt;
&lt;script src=&quot;https://platform.twitter.com/widgets.js&quot; async=&quot;&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;फ्रांस ने भी की इजरायल के हमले की आलोचना&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी इजरायल के हमले की कड़ी आलोचना की है. ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में सीजफायर हुआ है. सीजफायर के बाद ही इजरायल ने लेबनान पर हमला कर दिया. राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से बात की और इन जानलेवा हमलों के सामने फ्रांस की पूरी एकजुटता दिखाई. इजरायल ने कहा कि इन हमलों में ईरान के समर्थन वाले मिलिटेंट समूह हिज्बुल्लाह के 100 से ज्यादा कमांड सेंटर और मिलिट्री साइट्स को टारगेट किया गया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;लेबनानी पीएम और राष्ट्रपति से बातचीत के बाद फ्रांस के प्रेसिडेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, &quot;ये हमले अभी हुए सीजफायर के बने रहने के लिए सीधा खतरा हैं. लेबनान को इस सीजफायर के तहत पूरी तरह शामिल किया जाना चाहिए.&quot;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस्&amp;zwj;लामाबाद में होगी अमेरिका-ईरान के बीच बात&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध को खत्म करने वाली समझौता वार्ता के ल&amp;zwj;िए अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस इस्&amp;zwj;लामाबाद जाने की तैयारी में हैं. अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति के बाद दोनों देशों के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत हो रही है. इस बीच ईरानी डेलिगेशन के पाकिस्तान पहुंचने को लेकर पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी. हालांकि, बाद में उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया. इस स्&amp;zwj;थ&amp;zwj;ित&amp;zwj;ि में अभी यह कहना मुश्&amp;zwj;क&amp;zwj;िल है क&amp;zwj;ि ईरान की तरफ से समझौता वार्ता के ल&amp;zwj;िए पाक&amp;zwj;िस्&amp;zwj;तान कौन जाएगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें : &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/iran-not-trust-on-pakistan-shehbaz-sharif-asim-munir-tehran-may-withdraw-from-islamabad-talks-us-ceasefire-donald-trump-3113157&quot;&gt;ईरान को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं! क्या इस्लामाबाद वार्ता से बाहर हो जाएगा तेहरान? जानें क्यों उठ रहे सवाल&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/04/09/d4fb0f5210653119eaa8499e8674c5cb1775745709371344_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[ईरान-अमेरिका इस्लामाबाद वार्ता पर आतंकी हमले की साजिश! ISI के फूले हाथ-पांव, पाकिस्तान में बड़ी बैठक]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/iran-us-islamabad-talks-terror-attack-threat-ttp-security-have-been-tightened-in-pakistan-jd-vance-donald-trump-ann-3113201</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/iran-us-islamabad-talks-terror-attack-threat-ttp-security-have-been-tightened-in-pakistan-jd-vance-donald-trump-ann-3113201#respond</comments><pubDate>Thu, 9 Apr 2026 20:05:26 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ शिवांक मिश्रा ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/iran-us-islamabad-talks-terror-attack-threat-ttp-security-have-been-tightened-in-pakistan-jd-vance-donald-trump-ann-3113201</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पाकिस्तान में शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) शुरू हो रही अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से पहले यूएस खुफिया सर्विसेज के 23 अधिकारी इस्लामाबाद पहुच चुके हैं. ये अधिकारी पाकिस्तान में ईरान के साथ वार्ता करने के लिए पहुंचने वाले अमेरिकी दल जिसका नेतृत्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे उसकी सुरक्षा व्यवस्था देखने का काम करेंगे. अमेरिकी दल में जेडी वेंस के अलावा स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी शामिल हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;US खुफिया एजेंसी और ISI की बड़ी बैठक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा जिम्मेदारी संभालने के लिए पहुंची अमेरिकी सीक्रेट सर्विसेज का दल 9 अप्रैल को इस्लामाबाद में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के साथ भी भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे बैठक कर रहा है. ISI की तरफ से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की बैठक में मेजर जनरल फैसल नसीर और उनकी टीम रहेगी जो अमेरिकी सीक्रेट सर्विसेज के अधिकारियों को जेडी वेंस के इस्लामाबाद पहुंचने के बाद पाकिस्तानी सेना और ISI की सुरक्षा व्यवस्था पर ब्रीफ करेगी. साथ ही जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा की घोषणा के बाद आई लीड्स और थ्रेट्स के बारे में बताएगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt; इस्लामाबाद को अभेद किले में तब्दील बदला&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ईरान और अमेरिका की प्रस्तावित बातचीत से पहले पूरे इस्लामाबाद को अभेद किले में तब्दील कर दिया गया है. इस्लामाबाद पुलिस के अलावा पाकिस्तानी सेना भी हाईवे और सड़कों पर तैनात हैं. रेड जोन की सुरक्षा की कमान पाकिस्तानी सेना की X कोर ने संभाल रखी है. इसके अलावा अन्य शहरों को इस्लामाबाद से जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे दो दिन के लिये पूरी तरह बंद हैं. इस्लामाबाद के रेड जोन में किसी भी आम नागरिक के जाने पर पाबंदी लगी हुई है साथ ही मुरी रोड और फैजाबाद रोड भी जगह जगह बंद कर दी गई है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस्लामाबाद वार्ता पर आतंकी हमले का डर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान और अमेरिकी की खुफिया एजेंसी को डर है कि कहीं अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के समय तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान (TTP) या फिर जनैबुइयोन ब्रिगेड (लश्कर ए जैनब) किसी बड़े हमले को अंजाम ना दे दे इसी वजह से आज अमेरिकी सीक्रेट सर्विसेज की टीम ISI के अधिकारियों से मिली. इसके अलावा पाकिस्तान के भीतर शिया समुदाय ईरान युद्ध के समय अमेरिका के खिलाफ सड़कों पर विरोध कर रहा था पुतले जला रहा था.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ऐसे में इस बात के भी कयास लगाये जा रहे हैं कि कहीं इस्लामाबाद या फिर अन्य शहरों में उस समय अमेरिकी विरोधी प्रदर्शन ना हो इस वजह से अमेरिका की पाकिस्तान में चार्ज डी अफेयर्स नतालिया बेकर ने भी पाकिस्तानी गृहमंत्री मोहसिन नकवी से मुलाकात की थी. नकवी ने आश्वासन दिया था कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल जब तक इस्लामाबाद में रहेगा तब तक कोई भी अमेरिकी विरोधी प्रदर्शन पूरे पाकिस्तान में नहीं होगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें : &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/iran-not-trust-on-pakistan-shehbaz-sharif-asim-munir-tehran-may-withdraw-from-islamabad-talks-us-ceasefire-donald-trump-3113157&quot;&gt;ईरान को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं! क्या इस्लामाबाद वार्ता से बाहर हो जाएगा तेहरान? जानें क्यों उठ रहे सवाल&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/04/09/36157906deb95c6c7f5353f704ecb8fe1775745167362708_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[ईरान को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं! क्या इस्लामाबाद वार्ता से बाहर हो जाएगा तेहरान? जानें क्यों उठ रहे सवाल]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/iran-not-trust-on-pakistan-shehbaz-sharif-asim-munir-tehran-may-withdraw-from-islamabad-talks-us-ceasefire-donald-trump-3113157</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/iran-not-trust-on-pakistan-shehbaz-sharif-asim-munir-tehran-may-withdraw-from-islamabad-talks-us-ceasefire-donald-trump-3113157#respond</comments><pubDate>Thu, 9 Apr 2026 18:22:27 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी लाइव ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/iran-not-trust-on-pakistan-shehbaz-sharif-asim-munir-tehran-may-withdraw-from-islamabad-talks-us-ceasefire-donald-trump-3113157</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमेरिका और ईरान के बीच 10 अप्रैल 2026 से जो शांति वार्ता शुरू होने वाली थी, अब उसके रद्द होने या उसमें अड़चन आने का खतरा बढ़ गया है. पाकिस्तान में ईरानी राजदूत रजा अमीरी मोगदम ने सोशल मीडिया से उस पोस्ट को डिलीट कर दिया, जिसमें वार्ता में शामिल होने के लिए ईरानी प्रतिनिधि के इस्लामाबाद जाने के बारे में बताया गया था. ऐसे में अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या ईरान को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं है और वह इस्लामाबाद में बातचीत नहीं करना चाहता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ईरानी राजदूत के पोस्ट से मचा बवाल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ईरानी राजदूत अमीरी मोगदम ने एक्स पर पोस्ट कर बताया था कि ईरान का प्रतिनिधिमंडल स्थाई शांति को लेकर अमेरिका के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंचने वाला है. अब उनका ये पोस्ट डिलीट है. इजरायल और अमेरिका इस बात पर अड़ा हुआ है लेबनान इस सीजफायर में शामिल नहीं है. अमीरी मोगदम ने कहा था कि इजरायल ने लेबनान में सीजफायर का उल्लंघन किया फिर फिर भी ईरान वार्ता के लिए इस्लामाबाद आ रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस्लामाबाद में चल रही बड़ी बैठक की तैयारी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध को खत्म करने के मकसद से बातचीत के लिए पाकिस्तान आ सकते हैं. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया, 'पाकिस्तान के खुद को एक अहम मीडिएटर के तौर पर पेश करने के बाद इस हफ्ते इस्लामाबाद में बड़ी बैठक की तैयारी चल रही है. शायद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जेडी वेंस पाकिस्तान जा सकते हैं.'&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इससे पहले द फाइनेंशियल टाइम्स ने कहा था कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने रविवार को ट्रंप से बात की थी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से बात की थी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ईरान-अमेरिका के बीच बातचीत जारी: व्हाइट हाउस&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस दौरान व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान निर्धारित समय से आगे चल रहे हैं और अपने मुख्य उद्देश्यों के करीब पहुंच रहे हैं. वहीं, वॉशिंगटन तेहरान के साथ सार्थक बातचीत जारी रखे हुए है, जिसका उद्देश्य इस संघर्ष को समाप्त करना है. व्हाइट हाउस ने बुधवार (8 अप्रैल 2026) को कहा था कि वार्ता टीम में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल होंगे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें : &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/pakistani-expert-qamar-cheema-reaction-on-bangladeshi-foreign-minister-khalilur-rahman-india-visit-not-mentioned-pakistan-on-us-iran-ceasefire-3113112&quot;&gt;खलीलुर रहमान के भारत दौरे पर PAK एक्सपर्ट ने बांग्लादेश को खूब सुनाया- हमारा नाम तक नहीं लेते, आपके तो लक्षण ही नहीं कि...&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/04/09/10a22d526742afead1d1ad59ee783ef61775738542574708_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[चेतावनी: अभी LPG न सस्ती होगी, न किल्लत होगी खत्म! जानिए- होर्मुज खुलने से कब मिलेगी राहत?]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/us-iran-war-ceasefire-straight-of-hormuz-open-but-why-too-long-time-takes-for-gas-and-oil-price-decreased-explained-3113166</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/us-iran-war-ceasefire-straight-of-hormuz-open-but-why-too-long-time-takes-for-gas-and-oil-price-decreased-explained-3113166#respond</comments><pubDate>Thu, 9 Apr 2026 18:21:44 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ ज़ाहिद अहमद ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/us-iran-war-ceasefire-straight-of-hormuz-open-but-why-too-long-time-takes-for-gas-and-oil-price-decreased-explained-3113166</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 अप्रैल को ईरान जंग में सीजफायर का ऐलान किया, तो सबसे पहले आपने सोचा होगा कि अब तेल और गैस सस्ता हो जाएगा. फिर से पुराने सुकून वाले दिन लौट आएंगे, लेकिन रुकिए... आप गलत सोच रहे हैं. भले ही सीजफायर से होर्मुज स्ट्रेट खुल गया हो, लेकिन तेल-गैस की कीमतें कम होने में महीनों लग जाएंगे. &lt;em&gt;&lt;strong&gt;अब सवाल उठता है कि इस किल्लत से राहत कब मिलेगी? तो आइए समझते हैं एक्सप्लेनर में...&lt;/strong&gt;&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;सवाल 1: होर्मुज स्ट्रेट खुलने के बाद तेल और गैस की कीमतें कितनीं गिर गईं?&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;जवाब:&lt;/strong&gt; 8 अप्रैल को सीजफायर के बाद होर्मुज स्ट्रेट खुलने की खबर से ग्लोबल एनर्जी कीमतों में काफी गरिावट आई, लेकिन यह गिरावट अभी भी युद्ध से पहले के स्तर तक नहीं पहुंची है. रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, &amp;nbsp;ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें सीजफायर की घोषणा के बाद करीब 15-16 प्रतिशत गिरकर 93.73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं, जो पिछले दिनों के 110-120 डॉलर के उच्च स्तर पर थीं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 94.52 डॉलर तक गिरा, यानी लगभग 18 डॉलर की गिरावट हुई. नेचुरल गैस फ्यूचर्स में करीब 5 प्रतिशत की कमी आई है. भारत में LPG की कीमतों पर इसका असर अभी अप्रत्यक्ष रूप से दिख रहा है. कमर्शियल LPG थोड़ा सस्ता हुआ है, लेकिन घरेलू सिलेंडर की सब्सिडी वाली कीमतें अभी नहीं घटी हैं, क्योंकि आयात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;figure class=&quot;image&quot;&gt;&lt;img src=&quot;https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/04/09/af304cc8c71be7b6b07c3c004fbf479117757389678271317_original.jpg&quot; alt=&quot;भारत में गैस सिलेंडर के लिए 25-30 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है&quot; /&gt;
&lt;figcaption&gt;भारत में गैस सिलेंडर के लिए 25-30 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है&lt;/figcaption&gt;
&lt;/figure&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;सवाल 2: तो फिर तेल और गैस सस्ता भी मिलेंगे और किल्लत भी नहीं होगी?&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;जवाब:&lt;/strong&gt; नहीं, अभी गैस न पूरी तरह सस्ती मिलेगी और न किल्लत पूरी तरह खत्म होगी. यह सिर्फ शुरुआती राहत है, पूरी राहत नहीं. यूएस एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) की रिपोर्ट्स एकदम साफ है कि होर्मुज खुलने के बावजूद फ्यूल की कीमतें कई महीनों तक ऊंची रह सकती हैं क्योंकि सप्लाई चेन को पूरी तरह बहाल करने में समय लगेगा. युद्ध में फारस की खाड़ी के तेल-गैस फील्ड्स, रिफाइनरी और स्टोरेज प्लांट्स को भारी नुकसान पहुंचा है, खासकर कतर के रास लाफान नेचुरल गैस हब को, जो दुनिया के 20 प्रतिशत LNG का उत्पादन करते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एक्सपर्ट्स का कहना है कि होर्मुज खुलना सिर्फ 'पहला कदम' है, लेकिन पूरा पर्शियन गल्फ एनर्जी सिस्टम महीनों में ही सामान्य होगा. भारत में LPG की 60 प्रतिशत मांग मिडिल ईस्ट से आती है, इसलिए किल्लत अभी बनी रहेगी. दिल्ली में ब्लैक मार्केट चल रहा है और डिलीवरी में देरी जारी है. कुछ जहाज &amp;nbsp;अब ट्रांजिट कर रहे हैं, लेकिन पूरी सप्लाई बहाल होने तक सस्ती और भरपूर गैस नहीं मिलेगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;सवाल 3: होर्मुज खुलने के बाद भी ये परेशानियां खत्म क्यों नहीं होंगी?&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;जवाब:&lt;/strong&gt; होर्मुज खुलने के बाद भी परेशानियां खत्म नहीं होंगी क्योंकि युद्ध ने सिर्फ रास्ता ही नहीं, पूरा एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर बिखेर दिया है. तेल-गैस कुओं, पाइपलाइंस, रिफाइनरी और स्टोरेज सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है. हजारों टैंकर अटके हुए हैं, कर्मचारी बिखरे हुए हैं और मरम्मत का काम बाकी है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;EIA ने साफ कहा है कि 'पूर्ण बहाली में महीनों लगेंगे' क्योंकि प्रोडक्शन फिर से शुरू करने, डैमेज्ड प्लांट्स रिपेयर करने और बैकलॉग क्लियर करने में समय लगता है. रास लाफान हब की 17 प्रतिशत क्षमता अभी भी घाटे में है और उसकी मरम्मत में सालों लग सकते हैं. भारत जैसे आयातक देशों में LPG की किल्लत इसलिए बनी रहेगी क्योंकि 90 प्रतिशत सप्लाई इसी रूट से आती है और वैकल्पिक स्रोत (अमेरिका, रूस) अभी उतने बड़े पैमाने पर तैयार नहीं हैं. युद्ध के दौरान हुई सप्लाई डिसरप्शन की वजह से कीमतों में रिस्क प्रीमियम बना रहेगा, भले ही रास्ता खुल जाए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;figure class=&quot;image&quot;&gt;&lt;img src=&quot;https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/04/09/fc39b858648b2608ef272a0e365a2dfc17757390139141317_original.jpg&quot; alt=&quot;सीजफायर के स्थायी होने के बाद ही होर्मुज की स्थिति साफ होगी&quot; /&gt;
&lt;figcaption&gt;सीजफायर के स्थायी होने के बाद ही होर्मुज की स्थिति साफ होगी&lt;/figcaption&gt;
&lt;/figure&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;सवाल 4: आखिर कब गैस और तेल सामान्य रूप से मिलने लगेगा?&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;जवाब:&lt;/strong&gt; एक्सपर्ट्स का मानना है कि गैस और तेल सामान्य रूप से मिलने में कई महीने लगेंगे. कुछ उत्पादन हफ्तों में शुरू हो सकता है, लेकिन पूरी सप्लाई चेन और उत्पादन स्तर युद्ध-पूर्व स्थिति पर पहुंचने में 3-6 महीने या उससे ज्यादा समय लगेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;EIA की रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते को पूरी तरह बहाल होने में महीनों लगेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 170 मिलियन बैरल ऑयल जो टैंकरों में अटका है, उसे एशिया के रिफाइनर्स तक पहुंचाने में ही 6 हफ्ते लग सकते हैं. कतर और UAE के कुछ प्लांट्स की मरम्मत में और भी ज्यादा समय लगेगा. भारत में LPG की स्थिति तभी पूरी तरह सामान्य होगी जब ये ग्लोबल फ्लो बहाल होंगे. फिलहाल सरकार वैकल्पिक आयात और घरेलू उत्पादन बढ़ा रही है, लेकिन असली राहत के लिए इंतजार करना पड़ेगा.&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/04/09/8576992289a741aadec560a56d3e7cc917757387413131317_original.jpg" width="220"/></item></channel></rss>