<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><channel><title>लेबनान में इजरायली हमले को लेकर कांग्रेस का PM मोदी पर तंज- चुप्पी क्यों, क्या मदरलैंड से महत्वपूर्ण फादरलैंड है?</title><atom:link href="https://www.abplive.com/world/feed" rel="self" type="application/rss+xml"/><link>https://www.abplive.com/</link><description/><lastBuildDate>Tue, 2 Jun 2026 17:27:10 +0530</lastBuildDate><language>en-US</language><sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><generator>https://www.abplive.com</generator><item><title><![CDATA[ईरान वॉर के बीच इस महीने से लगने जा रही तेल में भीषण आग, होर्मुज खुला तो जानें क्या होंगे आगे हालात]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/uae-abu-dhabi-warn-petrol-diesel-crude-oil-price-hike-from-august-strait-of-hormuz-reopens-us-iran-war-3139154</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/uae-abu-dhabi-warn-petrol-diesel-crude-oil-price-hike-from-august-strait-of-hormuz-reopens-us-iran-war-3139154#respond</comments><pubDate>Tue, 2 Jun 2026 17:05:45 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी लाइव ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/uae-abu-dhabi-warn-petrol-diesel-crude-oil-price-hike-from-august-strait-of-hormuz-reopens-us-iran-war-3139154</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बन रही जंग की स्थिति और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अनिश्चिता के बाद दुनिया एनर्जी संकट से जूझ रही है. मौजूदा समय में ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर जारी है, लेकिन होर्मजु के रास्ते कब तेल सामान्य तरीके से दुनिया को सप्लाई होने लगेगी इस पर किसी के पास कोई जवाब नहीं है. इस बीच अबू धाबी की सरकारी तेल कंपनी (ADNOC) ने मंगलवार (2 जून 2026) को चेतावनी दी है कि अगस्त महीने में तेल के दाम आसमान छूने वाले हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस महीन से बढ़ सकते हैं तेल के दाम&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;Al Arabiya न्यूज चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक ADNOC के एक बड़े अधिकारी ने चेतावनी दी कि अगर ईरान युद्ध के कारण तेल की सप्लाई में आ रही रुकावट जारी रहती है और दुनिया भर में तेल की मांग बढ़ती है तो अगस्त महीन से तेल के दाम अचानक बहुत ज्यादा बढ़ सकते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के फिर से खुलने के बाद भी एनर्जी सप्लाई चेन को पूरी तरह से ठीक होने में एक साल तक का समय लग सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ADNOC के सेल्स और ट्रेडिंग के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, फिलिप खूरी ने कहा कि जब तक शांति को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी, तब तक इस होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकर का आना-जाना पूरी तरह शुरू नहीं होगा. इस रास्ते से पहले के मुकाबले कम ही तेल आ पाएगा. इसका मतबल ये है कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो पेट्रोल-डीजल के दाम आसामान छू सकते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा सीजफायर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमेरिका के राष्ट्रपति &lt;a title=&quot;डोनाल्ड ट्रंप&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/donald-trump&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;डोनाल्ड ट्रंप&lt;/a&gt; ने सोमवार (1 जून 2026) को कहा कि ईरान के साथ तेज गति से बातचीत जारी है. तेहरान की ओर से नए सिरे से हमले किए जाने से सीजफायर कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है. हालांकि इसी बीच ट्रंप ने &amp;lsquo;ट्रूथ सोशल&amp;rsquo; पर एक पोस्ट में कहा, &amp;lsquo;ईरान के साथ बातचीत ती गति से जारी है.&amp;rsquo; ईरान और अमेरिका के बीच नाममात्र का सीजफायर ऐसे जवाबी हमलों और पलटवारों से बार-बार परखा जा रहा है जबकि दोनों देशों के अधिकारी युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वे समझौता होने के कितने करीब है और हमले से इन वार्ताओं के पटरी से उतरने का खतरा भी है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें : &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/chinese-j-10c-fighter-jets-claim-eurofighter-fighter-defeated-them-qatar-air-force-3139072&quot;&gt;9-0 से चीनी J-10C फाइटर जेट से यूरोफाइटर को शिकस्त मिलने का दावा, ड्रैगन फिर फैला रहा झूठ, पढ़ें पूरी स्टोरी&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/02/9e06cb3bd44d4f95fa6b1767437c38721780400035926708_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[18 साल से पहले शादी जायज, चुप्पी लड़की की मर्जी... तालिबान के ऐसे कानूनों पर भड़का UN, बोला- ये जबरदस्ती...]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/united-nations-criticizes-taliban-rules-on-girls-early-marriage-after-puberty-3139077</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/united-nations-criticizes-taliban-rules-on-girls-early-marriage-after-puberty-3139077#respond</comments><pubDate>Tue, 2 Jun 2026 16:02:08 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ आईएएनएस ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/united-nations-criticizes-taliban-rules-on-girls-early-marriage-after-puberty-3139077</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;संयुक्त राष्ट्र की बाल अधिकार समिति (CRC) ने अफगानिस्तान में तालिबान की ओर से जारी एक नए फरमान की सख्त शब्दों में निंदा की है. इस नए कानून में बाल विवाह को वैधता देने और विवाह के लिए लड़की की चुप्पी को सहमति मानने का प्रावधान शामिल है. समिति ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का गंभीर और व्यवस्थित उल्लंघन बताया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;समिति ने कहा, '18 साल से कम आयु में होने वाला विवाह बाल विवाह माना जाता है, जो एक हानिकारक प्रथा और जबरन विवाह का रूप है, क्योंकि बच्चों में विवाह के लिए पूर्ण, स्वतंत्र और जान-बूझकर सहमति देने की क्षमता नहीं होती.' यह प्रतिक्रिया 14 मई को तालिबान की ओर से जारी उस कानून पर आई है, जिसमें प्यूबर्टी के बाद लड़कियों के विवाह को वैध माना गया है और लड़की की चुप्पी को विवाह की सहमति के रूप में स्वीकार किया गया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;समिति ने स्पष्ट किया कि प्यूबर्टी को वयस्कता या विवाह की कानूनी क्षमता का आधार नहीं माना जा सकता. उन्होंने कहा कि यह प्रावधान संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार संधि के पूरी तरह विपरीत है. समिति ने आगे कहा, 'बाल विवाह केवल एक हानिकारक प्रथा नहीं है, बल्कि यह मूल मानवाधिकारों का उल्लंघन है. इससे लड़कियों को हिंसा, शोषण, कम उम्र में गर्भधारण, शिक्षा में बाधा तथा मानसिक और शारीरिक नुकसान का गंभीर खतरा होता है.'&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;18 स्वतंत्र बाल अधिकार विशेषज्ञों वाली इस समिति ने चेतावनी दी कि कोई भी कानूनी व्यवस्था जो बाल विवाह को सामान्य या वैध बनाती है, वह बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन करती है और उनकी गरिमा, स्वतंत्रता तथा भविष्य के अवसरों को छीन लेती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें:- &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/pahalgam-terror-attack-nia-jammu-and-kashmir-police-investigation-revelations-mobile-phone-pakistan-connection-3138410&quot;&gt;PAK से खरीदे गए थे 2 मोबाइल फोन, 4 साल तक रहे बंद... पहलगाम आतंकी हमले में चौंकाने वाला खुलासा&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;विशेषज्ञों ने चिंता जताई कि यह कानून तालिबान की ओर से अपनाई जा रही व्यापक भेदभावपूर्ण नीतियों का हिस्सा है, जिसमें लड़कियों की माध्यमिक और उच्च शिक्षा पर प्रतिबंध भी शामिल है. उन्होंने कहा कि इन नीतियों ने लाखों अफगान लड़कियों को उनके मौलिक अधिकारों से वंचित कर दिया है, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक भागीदारी सीमित हुई है और देश में गरीबी व असमानता बढ़ी है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;समिति ने तालिबान प्रशासन से सभी ऐसे कानूनों को तुरंत वापस लेने की अपील की है जो बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन करते हैं. साथ ही, उन्होंने लड़कियों के शिक्षा, सुरक्षा, समानता और समाज में पूर्ण भागीदारी के अधिकारों को बहाल करने की मांग की है, जो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून और बाल अधिकार संधि के तहत अफगानिस्तान की जिम्मेदारियों के अनुरूप है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें:- &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/us-congressman-ro-khanna-introduced-resolution-in-support-of-hindu-american-community-3138953&quot;&gt;अमेरिका में हिंदुओं पर हमले, नफरत बर्दाश्त नहीं! US संसद में लाया गया प्रस्ताव, इकट्ठे हो गए 32 MP&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/02/3b21dd2400fbd1f7978eaa75e20030fd1780392324754628_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[9-0 से चीनी J-10C फाइटर जेट से यूरोफाइटर को शिकस्त मिलने का दावा, ड्रैगन फिर फैला रहा झूठ, पढ़ें पूरी स्टोरी]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/chinese-j-10c-fighter-jets-claim-eurofighter-fighter-defeated-them-qatar-air-force-3139072</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/chinese-j-10c-fighter-jets-claim-eurofighter-fighter-defeated-them-qatar-air-force-3139072#respond</comments><pubDate>Tue, 2 Jun 2026 15:53:14 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी लाइव ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/chinese-j-10c-fighter-jets-claim-eurofighter-fighter-defeated-them-qatar-air-force-3139072</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;चीन के जे-10सी फाइटर जेट ने कतर एयरफोर्स के यूरोफाइटर जेट को 9-0 से शिकस्त दी. चीनी सरकारी न्यूज चैनल सीसीटीवी ने ये दावा किया है. चीनी मीडिया की ओर ये नहीं बताया गया है कि ये एक्सरसाइज किस तरह की थी. बता दें कि इससे पहले जनवरी में पाकिस्तानी मीडिया ने दावे किए थे कि उनके एयरफोर्स ने कतर एयरफोर्स के यूरोफाइटर विमानों को 9-0 से हराया है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जनवरी माह में कतर में 'जिलजाल-II' नाम से एयरफोर्स एक्सरसाइज का आयोजन किया गया था. माना जा रहा है कि चीन जो पिछले साल से ही अपने फाइटर जेट बेचने की कोशिश कर रहा है और उसके लिए प्रोपेगेंडा फैला रहा है. सीसीटीवी का दावा भी उसी का हिस्सा है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;जे-10सी को लेकर पहले भी दावे कर चुका है चीन&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;बता दें कि पिछले साल भारत-पाकिस्तान जंग के दौरान चीन ने जे-10सी को लेकर दावा किया था कि उसने राफेल को मात दी है लेकिन अभी तक दुनिया के किसी भी देश ने चीनी लड़ाकू विमान पर भरोसा नहीं किया है. वहीं दूसरी ओर 1 साल में भारतीय ब्रह्मोस मिसाइल की क्षमता पर वियतनाम और मलेशिया जैसे देशों ने ना सिर्फ भरोसा जताया है बल्कि वियतनाम ने तो ब्रह्मोस डील भी कर ली है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मिलते जुलते हैं राफेल और यूरोफाइटर&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;राफेल और यूरोफाइटर आपस में काफी मिलते-जुलते जेट हैं जिनकी क्षमताएं भी काफी हद तक एक जैसी हैं. चीन लगातार इन दोनों विमानों को लेकर फर्जी कहानियां फैलाता आ रहा है ताकि वो अपने लड़ाकू विमान बेच सके लेकिन अभी तक पाकिस्तान के अलावा किसी भी और देश ने चीनी लड़ाकू विमान नहीं खरीदा है. कतर यूरोफाइटर के Tranche 3A और Tranche 4 वेरिएंट का इस्तेमाल करता है जो काफी एडवांस वैरिएंट है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/jGXI2Yzcy98?si=PvBk0bM5gMkKQ1_9&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;चीन की फर्जी रिपोर्ट्स&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;यूरोफाइटर्स ने अगर पुराने Captor मैकेनिकली स्कैन्ड ऐरे रडार का इस्तेमाल किया होता तो J-10C से बियॉन्ड विज़ुअल रेंज जबरदस्त जीत की उम्मीद की जा सकती थी लेकिन उसके नये रडार से चीनी लड़ाकू विमान की जीत की उम्मीद करना काफी मुश्किल है. ये रडार काफी ज्यादा एडवांस है इसीलिए पूरी संभावना है कि चीन फर्जी रिपोर्ट्स फैला रहा है और ये उसके प्रोपेगेंडा का ही हिस्सा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;रिपोर्ट्स के मुताबिक हवा में दबदबा बनाने, रफ्तार, हथियारों के वजन और युद्ध क्षमता में यूरोफाइटर टाइफून तकनीक और ताकत के मामले में चीन के J-10C से बहुत आगे है. इसीलिए चीन और पाकिस्तान मिलकर कभी राफेल को लेकर फर्जी रिपोर्ट्स फैलाते हैं तो कभी यूरोफाइटर को लेकर झूठी कहानियां बनाते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/operation-checkmate-us-illegally-30-indian-commercial-truck-drivers-arrest-and-deport-3138943&quot;&gt;अमेरिका में क्यों 30 भारतीयों को किया गया गिरफ्तार, ट्रंप करवाएंगे डिपोर्ट, जानें&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/02/a4d6c1d3abc260ab3e96ba05c4e09bf517803930359361200_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[Explained: बुढ़ापे पर कंट्रोल और सुअर के अंदर इंसानी अंगों की खेती! जवानी और ताकत के लिए पुतिन का नया प्रोजेक्ट क्या है?]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/putin-longevity-antiaging-vaccine-project-new-health-preservation-technologies-human-organs-growth-in-pigs-russia-explained-3139090</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/putin-longevity-antiaging-vaccine-project-new-health-preservation-technologies-human-organs-growth-in-pigs-russia-explained-3139090#respond</comments><pubDate>Tue, 2 Jun 2026 15:40:53 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ ज़ाहिद अहमद ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/putin-longevity-antiaging-vaccine-project-new-health-preservation-technologies-human-organs-growth-in-pigs-russia-explained-3139090</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एक ऐसी दुनिया का तसव्वुर कीजिए जहां बुढ़ापा बस एक बीमारी बनकर रह जाए. उम्र के 60-70 पड़ाव पर भी इंसान का दिल, लीवर और किडनी बिल्कुल जवान बना रहे. रूस के राष्ट्रपति &lt;a title=&quot;व्लादिमीर पुतिन&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/vladimir-putin&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;व्लादिमीर पुतिन&lt;/a&gt; ने इसी सपने को हकीकत में बदलने के लिए 26 अरब डॉलर का एक ऐसा महाप्रोजेक्ट शुरू किया है, जो पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों और आम इंसानों को हैरत में डाल रहा है. इस प्रोजेक्ट के तहत एक साथ कई मोर्चों पर काम हो रहा है. जीन थेरेपी, मिनी सुअरों के अंदर इंसानी अंग उगाने की टेक्नोलॉजी, थ्री-डी प्रिंटिंग से अंग बनाना और एक ऐसी एंटी-एजिंग वैक्सीन जो सीधे हमारी कोशिकाओं की उम्र बढ़ने से रोकती है...&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;पुतिन का &amp;lsquo;एंटी एजिंग&amp;rsquo; मिशन: 26 अरब डॉलर कहां खर्च हो रहे हैं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;lsquo;वॉल स्ट्रीट जर्नल&amp;rsquo; ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि रूस ने साल 2024-25 में 'नेशनल लॉन्गेविटी प्रोजेक्ट' लॉन्च किया, जिस पर 2030 तक लगभग 26 बिलियन डॉलर खर्च करने की योजना है. इस प्रोजेक्ट का सीधा कनेक्शन रूस की सरकार और सेना से है. असल में, रूस की आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है और जनसंख्या घट रही है. ऐसे में पुतिन चाहते हैं कि लोग न सिर्फ लंबी उम्र जिएं, बल्कि बुढ़ापे तक काम करने और काम करने लायक फिट रहें. इसीलिए एक साथ जीन एडिटिंग, बायोप्रिंटिंग और जेनोट्रांसप्लांटेशन (यानी जानवरों में इंसानी अंग उगाना) जैसी आधुनिक तकनीकों पर पूरी ताकत लगाई जा रही है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;बुढ़ापा रोकने वाली वैक्सीन कैसे काम करेगी?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;lsquo;द मॉस्को टाइम्स&amp;rsquo; की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी वैज्ञानिकों ने एक ऐसी एंटी-एजिंग वैक्सीन तैयार की है जो सीधे सेल्युलर एजिंग यानी कोशिकाओं के बूढ़े होने की प्रक्रिया पर हमला करती है. जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, शरीर में कुछ कोशिकाएं &amp;lsquo;सीनेसेंट सेल्स&amp;rsquo; यानी बूढ़ी और क्षतिग्रस्त कोशिकाएं जमा होने लगती हैं, जो सूजन और बीमारियों को जन्म देती हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;रूस की यह वैक्सीन हमारे इम्यून सिस्टम को ट्रेनिंग देती है कि वह इन बूढ़ी कोशिकाओं को पहचानकर खत्म कर दे, ठीक वैसे ही जैसे कोरोना वैक्सीन ने वायरस को पहचानना सिखाया था. इस वैक्सीन का परीक्षण अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन वैज्ञानिकों का दावा है कि यह सिर्फ झुर्रियां और बाल सफेद होने की रफ्तार ही नहीं घटाएगी, बल्कि शरीर के अंदरूनी अंगों की उम्र बढ़ने की रफ्तार को भी धीमा कर सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;लेकिन सुअर के अंदर इंसानी अंग कैसे उगेंगे?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह पूरे प्रोजेक्ट का सबसे हैरान कर देने वाला और विवादित हिस्सा है. रूसी सरकार ने &amp;lsquo;मिनी पिग्स&amp;rsquo; यानी छोटी नस्ल के सुअरों पर बहुत बड़ा दांव खेला है. इसमें:&lt;/p&gt;
&lt;ul style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;
&lt;li&gt;पहले सुअर के भ्रूण में CRISPR जैसी जीन एडिटिंग टेक्नीक से उस जीन को निष्क्रिय कर दिया जाता है जो कोई खास अंग, मसलन किडनी या पैंक्रियाज, बनाने के लिए जिम्मेदार है.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;इसके बाद उसी भ्रूण में इंसानी स्टेम सेल इंजेक्ट कर दी जाती हैं. अब चूंकि सुअर के अपने जीन उस अंग को नहीं बना सकते, इसलिए सुअर के गर्भ में पल रहा भ्रूण इंसानी कोशिकाओं की मदद से वही किडनी या पैंक्रियाज विकसित कर लेता है.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;जब वह सुअर पैदा होता है, तो उसके शरीर में एक ऐसा अंग मौजूद होता है जो पूरी तरह से इंसानी कोशिकाओं से बना होता है. रिएक्शन से बचने के लिए उसे जेनेटिकली मॉडिफाई करके इम्यून रिजेक्शन से बचाया जाता है.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;बाद में इस अंग को निकालकर जरूरतमंद मरीज में ट्रांसप्लांट किया जा सकता है.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;रूस इस तकनीक के लिए स्पेशल &amp;lsquo;क्लीन रूम&amp;rsquo; लैब तैयार कर रहा है, जहां ऐसे सैकड़ों जेनेटिकली मॉडिफाइड सुअर पाले जाएंगे.&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इसके अलावा, रूस थ्री-डी बायोप्रिंटिंग पर भी जोर दे रहा है. इसमें मरीज की अपनी कोशिकाओं से बनी &amp;lsquo;बायो-इंक&amp;rsquo; का इस्तेमाल करके प्रिंटर की मदद से त्वचा, हड्डी और आगे चलकर जटिल अंग जैसे लीवर तक छापने की कोशिश हो रही है. पहला फोकस युद्ध या दुर्घटना में जले हुए सैनिकों के लिए तुरंत त्वचा तैयार करने पर है, लेकिन आखिरी मकसद पूरे अंग तैयार करना ही है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या सचमुच बुढ़ापा रोकना मुमकिन हो पाएगा?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एक्सपर्ट्स की राय है कि अभी यह सब &amp;lsquo;एजिंग को स्लो करने&amp;rsquo; और &amp;lsquo;ऑर्गन फेल्यर को टालने&amp;rsquo; तक ही सीमित है. एंटी-एजिंग वैक्सीन फिलहाल चूहों पर कामयाब हुई है. इंसानों पर बड़े स्तर का ट्रायल होने में कम से कम 8-10 साल लग सकते हैं. सुअर में इंसानी अंग उगाने की तकनीक ने जापान और अमेरिका में भी सीमित सफलता पाई है, लेकिन वहां भी अंग को लंबे समय तक सुरक्षित रखना और वायरस संक्रमण का खतरा एक बड़ी चुनौती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;खुद &amp;lsquo;वॉल स्ट्रीट जर्नल&amp;rsquo; ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि रूस का यह पूरा प्रोजेक्ट बेहद महत्वाकांक्षी है, लेकिन इसमें राजनीतिक प्रतिबंध, बजट की कमी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नैतिक सवाल जैसी अड़चनें कम नहीं हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चला, तो भी बुढ़ापा पूरी तरह खत्म नहीं होगा, बल्कि बस हम अधिक समय तक जवां और स्वस्थ बने रह सकेंगे. उम्र का वह आखिरी पड़ाव तो शायद हमेशा बना रहेगा, क्योंकि शरीर की हर कोशिका का अपना एक जैविक घड़ी का हिसाब होता है जिसे अभी पूरी तरह रिवाइंड करना संभव नहीं है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;सपना बड़ा है, मगर राह लंबी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;रूस का एंटी-एजिंग प्रोजेक्ट एक ऐसा सपना है जो हर इंसान देखता है, लेकिन इसे सच करने के लिए अभी साइंस को कई सीढ़ियां चढ़नी हैं. जीन थेरेपी, एंटी-एजिंग वैक्सीन और सुअर में उगाए गए इंसानी अंग मिलकर हमारी जिंदगी के आखिरी दशकों को बहुत हद तक रोग-मुक्त बना सकते हैं, लेकिन उम्र को पूरी तरह ठहरा देना फिलहाल विज्ञान के हाथ में नहीं है. फिर भी, अगले दस सालों में जो बदलाव हमें दिखेंगे, वह शायद मेडिकल के इतिहास में पहले कभी नहीं देखे गए होंगे.&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/02/b28c3327ef66b77c8158f3358b72963b17803950409531317_original.jpeg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[इमारतें धराशायी, जिंदगी का नामोनिशां नहीं...इजरायल के हवाई हमलों में दक्षिणी लेबनान में तबाही, सहमे लोग बोले- हमारा कोई ठिकाना नहीं]]></title><link>https://www.abplive.com/news/big-update-middle-east-conflict-multiple-israeli-strikes-major-city-southern-lebanon-3139097</link><comments>https://www.abplive.com/news/big-update-middle-east-conflict-multiple-israeli-strikes-major-city-southern-lebanon-3139097#respond</comments><pubDate>Tue, 2 Jun 2026 15:31:01 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी लाइव ]]></dc:creator><category><![CDATA[ न्यूज़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/big-update-middle-east-conflict-multiple-israeli-strikes-major-city-southern-lebanon-3139097</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Multiple Israeli strikes in southern Lebanon: &lt;/strong&gt;एक तरफ मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है, तो वहीं दूसरी तरफ से खाड़ी देशों पर इजरायल में शांति स्थिरता लाने के लिए किए जा रहे अब्राहम समझौते में शामिल होने के अमेरिकी दबाव के बीच, अब इजरायल ने ही दक्षिणी लेबनान के प्रमुख शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं. इन हमलों में रिहायशी इलाकों की कई बिल्डिंग जमीनदोज हो चुकी है. खबर है कि इन मलबों में कई लोगों फंसे भी हो सकते हैं. साथ ही आशंका जताई जा रही है कि यह संघर्ष गाजा के इलाकों तक न पहुंच जाए. अलजजीरा के हवाले से यह जानकारी सामने आई है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अलजजीरा के मुताबिक, इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के सबसे बड़े शहरों में से एक नबातीह शहर पर कई हवाई हमले किए हैं. हिज्बुल्लाह के लिए यह एक प्रमुख रणनीतिक केंद्र माने जाने वाले इस शहर को हाल ही के दिनों में इजरायल की सेना ने घेर लिया है. सैनिक लगातार नॉर्थ की ओर बढ़ रहे हैं.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;नबातीह जिले के बड़े इलाके में भी इजरायल हमलों की खबरें मिली है. इजरायल के आसपास के इलाकों पर अपना कब्जा और मजबूत कर रहा है. ड्रोन हमलों ने काफ्र सिर और अब्बा कस्बों को निशाना बनाया है. वहीं एक अन्य हमले में हौमिन अल फौका की ओर जाने वाली सड़क को निशाना बनाया गया है. एक इजरायल हवाई हमले ने याहमूर अल शकीफ के बाहरी इलाकों को निशाना बनाया है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/zG29k7VHCIY?si=ohi0C8v-pPw9kx38&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मध्य गाजा में इजरायल का ड्रोन हमला&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इसके अलावा वाफा न्यूज एजेंसी ने अलजजीरा को बताया कि मध्य गाजा के अज जवायदा शहर पर इजरायली ड्रोन हमले में एक फिलिस्तीनी मारा गया है. दो घायल हुए हैं. घायलों को देइर अलबलाह के अल-अक्सा शहीद अस्पताल ले जाया गया है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अक्टूबर में शुरू हुए सीजफायर के बावजूद इजरायल पूरे गाजा में अपने हमले जारी रखे हुए है. इस इळाके में कई जगह पर हवाई हमले और तोपखाने से गोलीबारी की खबरे मीली हैं.&lt;strong&gt;&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;टायर शहर में मचाई इजरायल ने तबाही&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अलजजीरा के मुताबिक, रिपोर्टर का कहना है कि दक्षिणी शहर टायर के ऊपर से इजरायल के लड़ाकू विमान उड़ रहे हैं. पूरे दिन धमाकों की आवाज सुनाई देती रही. पिछले 72 घंटों में हिंसक हमलों की एक पूरी सीरीज चल रही है. रविवार को एक रिहायशी इलाका पूरी तरह से तबाह हो गया. यहां दो इमारतें हुआ करती थीं, जो छह मंजिला ऊंची थी. अब वो सारी मलबों में तब्दील हो चुकी है. यहां जिंदगी का नामोनिशान नहीं है. इजरायली सेना लगातार इस इलाके को कब्जाने के लिए खाली करने की धमकी दे रही थी. सेना ने कहा था कि जो कोई भी इस शहर को छोड़कर नहीं जाएगा, उसे निशाना बनाया जाएगा. ऐसे में किसी ने इस तरह के शहर के बीचों बीच इस तरह के हमले की उम्मीद नहीं की थी. इसके अलावा कई अन्य इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है. ऐसे में वहां मौजूद लोगों का कहना है कि इस तरह के हमले से बचा नहीं जा सकता, लेकिन कहां जाएंगे, हमारा कोई ठिकाना नहीं है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/middle-east-war-resume-us-bombed-two-iranian-islands-prompting-an-enraged-iran-to-retaliate-3138342&quot;&gt;मिडिल ईस्ट में फिर होगी जंग? अमेरिका ने ईरान के दो द्वीपों पर बरसाए बम, भड़के ईरान ने की जवाबी कार्रवाई&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;नबातीह जिले में दो सैनिक बुरी तरह घायल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;लेबनान की सेना का कहना है कि नबातीह जिले में हबूश देइर अल जहरानी सड़क पर हुए एक इजरायल के ड्रोन हमले में उसके दो सैनिक घायल हो गए. इजरायली सेना लगातार नबातीह जिले के लोगों को चेतावनी जारी कर रही है , कि वह इस शहर से निकल जाएं. सेना ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है कि हिज्बुल्लाह आतंकवादी संगठन की तरफ से संघर्ष विराम समझौते के उल्लंघन को देखते हुए, सेना बलपूर्वक कार्रवाई के लिए विवश है. आपको तुरंत जहरानी नदीं के नॉर्थ की ओर चले जाना चाहिए.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a title=&quot;ये भी पढ़ें: '50 विधायकों ने होटल में की बैठक, चुनाव चिह्न पर चाहते हैं कब्जा', TMC में टूट पर रिजू दत्ता का बड़ा दावा&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/news/india/riju-dutta-makes-a-big-claim-about-split-in-tmc-mamata-banerjee-abhishek-banerjee-mlas-want-capture-election-symbol-3139004&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;'50 विधायकों ने होटल में की बैठक, चुनाव चिह्न पर चाहते हैं कब्जा', TMC में टूट पर रिजू दत्ता का बड़ा दावा&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/02/911f23921e890b8d5930f5257f22a22917803970487971324_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[Malaysia Social Media: 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए फेसबुक, इंस्टा और टिकटॉक पर रोक! मलेशिया में लागू कड़े नियम]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/malaysia-implemented-new-rules-ban-children-under-age-of-16-from-creating-social-media-accounts-3139033</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/malaysia-implemented-new-rules-ban-children-under-age-of-16-from-creating-social-media-accounts-3139033#respond</comments><pubDate>Tue, 2 Jun 2026 15:18:56 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी लाइव ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/malaysia-implemented-new-rules-ban-children-under-age-of-16-from-creating-social-media-accounts-3139033</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Malaysia Enforces Social Media Ban:&lt;/strong&gt; मलेशिया ने सोमवार (1 जून 2026) &amp;nbsp;से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट बनाने पर रोक लगाने वाले नए नियम लागू करना शुरू कर दिया है. यह कदम बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत बनाने की ग्लोबल कोशिशों का हिस्सा माना जा रहा है. हालांकि इस फैसले को लेकर सभी लोग सहमत नहीं हैं और कुछ लोगों ने डेटा सुरक्षा तथा संभावित निगरानी को लेकर चिंता भी जताई है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;नए नियमों के तहत मलेशिया में कम से कम 80 लाख यूजर्स वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को उम्र की जांच करने वाली व्यवस्था लागू करनी होगी. इसमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और यूट्यूब जैसे बड़े प्लेटफॉर्म शामिल हैं. इन कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि 16 साल से कम उम्र के बच्चे नया अकाउंट न बना सकें&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/TUyWeR2Hd4M?si=R1dJVIL9DsHfaNE4&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें: &lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/us-congressman-ro-khanna-introduced-resolution-in-support-of-hindu-american-community-3138953&quot; target=&quot;_blank&quot; rel=&quot;noopener&quot;&gt;&lt;strong&gt;US Ro Khanna: अमेरिका में हिंदुओं पर हमले, नफरत बर्दाश्त नहीं! US संसद में लाया गया प्रस्ताव, इकट्ठे हो गए 32 MP&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मलेशिया सरकार ने जारी किए निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मलेशिया के कम्युनिकेशन और मल्टीमीडिया कमीशन के अनुसार मौजूदा यूजर्स की उम्र का सत्यापन अगले 6 महीनों के भीतर शुरू किया जाएगा. जिन यूजर्स की उम्र 16 साल से कम है, उन्हें अपने फोटो, वीडियो और अन्य डेटा डाउनलोड या ट्रांसफर करने के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा. इसके बाद उनके अकाउंट पर प्रतिबंध या अन्य कार्रवाई लागू की जा सकती है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो सोशल मीडिया कंपनियां इन नियमों का पालन नहीं करेंगी, उन पर 1 करोड़ रिंगिट यानी लगभग 25 लाख अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. वहीं यदि कोई बच्चा नियमों को दरकिनार कर अकाउंट बनाने में सफल हो जाता है, तो उसके माता-पिता के खिलाफ कोई सजा नहीं होगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मलेशिया के अलावा अन्य देशों में बैन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मलेशियाई सरकार का कहना है कि इन नियमों का मुख्य मकसद बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री, साइबर बुलिंग और सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल से बचाना है. सरकार का मानना है कि कुछ प्लेटफॉर्म फीचर्स बच्चों को लंबे समय तक ऑनलाइन रहने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे उनके मानसिक और सामाजिक जीवन पर असर पड़ सकता है. दुनिया के कई अन्य देश भी बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर ऐसे कदम उठा रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और इंडोनेशिया जैसे देशों ने सोशल मीडिया इस्तेमाल के लिए उम्र आधारित नियम लागू किए हैं या उनकी घोषणा की है. वहीं ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन, डेनमार्क, थाईलैंड और दक्षिण कोरिया जैसे देश भी इसी तरह की नीतियों पर विचार कर रहे हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;सोशल मीडिया को बैन करने का खास मकसद क्या है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मलेशिया के रेगुलेटरी बोर्ड ने कहा है कि इन नियमों का मकसद बच्चों को डिजिटल तकनीक से दूर करना नहीं है. बल्कि सोशल मीडिया कंपनियों को यूजर सुरक्षा बढ़ाने, अत्यधिक उपयोग को रोकने और कम उम्र के यूजर्स व नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने के लिए बाध्य करना है. हालांकि टेक्नोलॉजी कंपनियों ने अभी तक यह नहीं बताया है कि वे इन नियमों का पालन किस तरह करेंगी. इस बीच, क्लारा कोह ने चेतावनी दी है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर पूरी तरह रोक लगाने से उल्टा असर भी हो सकता है. उनके अनुसार इससे किशोर सुरक्षित और नियंत्रित प्लेटफॉर्म छोड़कर इंटरनेट के ऐसे हिस्सों की ओर जा सकते हैं, जहां निगरानी और सुरक्षा के उपाय कम होते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ऑस्ट्रेलिया समेत इंडोनेशिया में सोशल मीडिया पर बैन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया है. यह नियम 10 दिसंबर 2025 से प्रभावी हुआ. इसके बाद इंडोनेशिया ने 28 मार्च 2026 से 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर कानूनी रोक लागू की. फ्रांस में 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध का विधेयक निचले सदन से पारित हो चुका है, हालांकि इसे अभी सीनेट की मंजूरी मिलनी बाकी है. डेनमार्क भी 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन की योजना पर काम कर रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;दुनिया के कई देशों में बैन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ग्रीस ने जनवरी 2027 से 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है. वहीं स्पेन, ऑस्ट्रिया, पोलैंड, स्लोवेनिया, तुर्की और ब्रिटेन जैसे देश भी बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को सीमित करने के लिए नए नियमों और संभावित प्रतिबंधों पर विचार कर रहे हैं. इटली में 14 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया इस्तेमाल करने के लिए माता-पिता की अनुमति जरूरी है. फ्रांस में पहले से लागू नियमों के तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए अभिभावकों की सहमति आवश्यक है. जर्मनी में भी 13 से 16 साल की उम्र के बीच के बच्चों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाने या इस्तेमाल करने के लिए माता-पिता की अनुमति जरूरी है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें:&amp;nbsp; &lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/pahalgam-terror-attack-nia-jammu-and-kashmir-police-investigation-revelations-mobile-phone-pakistan-connection-3138410&quot; target=&quot;_blank&quot; rel=&quot;noopener&quot;&gt;&lt;strong&gt;पाकिस्तान से खरीदे गए थे 2 मोबाइल फोन, 4 साल तक रहे बंद... पहलगाम आतंकी हमले में चौंकाने वाला खुलासा&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/02/883e9088f6b540404597e216eac450ef17803891831791115_original.png" width="220"/></item><item><title><![CDATA[US Ro Khanna: अमेरिका में हिंदुओं पर हमले, नफरत बर्दाश्त नहीं! US संसद में लाया गया प्रस्ताव, इकट्ठे हो गए 32 MP]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/us-congressman-ro-khanna-introduced-resolution-in-support-of-hindu-american-community-3138953</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/us-congressman-ro-khanna-introduced-resolution-in-support-of-hindu-american-community-3138953#respond</comments><pubDate>Tue, 2 Jun 2026 13:04:36 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी लाइव ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/us-congressman-ro-khanna-introduced-resolution-in-support-of-hindu-american-community-3138953</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमेरिका में हिंदू समुदाय के योगदान और उनके खिलाफ बढ़ रही नफरत की घटनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को समर्थन मिला है. अमेरिका के जाने-माने सांसद और भारतीय मूल के कांग्रेसी रो खन्ना ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पेश किए गए एक प्रस्ताव का समर्थन किया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह प्रस्ताव अमेरिका की अर्थव्यवस्था, समाज, विज्ञान, शिक्षा, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में हिंदू-अमेरिकी समुदाय के योगदान को सम्मान देने के लिए लाया गया है. इसके साथ ही प्रस्ताव में हिंदूफोबिया, हिंदू-विरोधी कट्टरता और हिंदू समुदाय के पूजा स्थलों पर होने वाले हमलों की निंदा की गई है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/CVg3ILC4RSs?si=-aIAcoeDjn1EBpd1&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें: &lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/us-iowa-shooting-multiple-locations-in-muscatine-city-seven-people-dead-3138859&quot; target=&quot;_blank&quot; rel=&quot;noopener&quot;&gt;&lt;strong&gt;अमेरिका में घरेलू विवाद में हुई फायरिंग, संदिग्ध समेत 7 लोगों की मौत, पुलिस ने क्या बताया&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;भारतीय मूल के सांसद श्री थानेदार का काम&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह प्रस्ताव मिशिगन से डेमोक्रेटिक पार्टी के भारतीय मूल के सांसद श्री थानेदार ने पेश किया था. रो खन्ना ने सोमवार को इस प्रस्ताव का समर्थन किया और हिंदू-अमेरिकी समुदाय के योगदान को महत्वपूर्ण बताया. यह प्रस्ताव पहली बार 24 जनवरी 2025 को पेश किया गया था. इसके बाद इसे लगातार समर्थन मिलता रहा है. अब तक इस प्रस्ताव को 32 सांसदों का समर्थन मिल चुका है. प्रस्ताव के सह-प्रायोजकों में राजा कृष्णमूर्ति और सुहास सुब्रमण्यम जैसे भारतीय मूल के सांसद भी शामिल हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;अमेरिका के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;प्रस्ताव में कहा गया है कि हिंदू-अमेरिकी समुदाय ने अमेरिका के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और देश की आर्थिक तथा सामाजिक प्रगति में बड़ा योगदान दिया है. साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी भी धर्म या समुदाय के खिलाफ नफरत और भेदभाव को स्वीकार नहीं किया जा सकता. इस प्रस्ताव को हिंदू-अमेरिकी समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि इसके जरिए उनके योगदान को औपचारिक रूप से मान्यता देने के साथ-साथ हिंदू समुदाय के खिलाफ होने वाली नफरत और हिंसा की घटनाओं पर भी चिंता जताई गई है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें: &lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/congress-attacks-on-pm-modi-over-israeli-attack-in-lebanon-jairam-ramesh-asks-is-fatherland-important-than-motherland-3138913&quot; target=&quot;_blank&quot; rel=&quot;noopener&quot;&gt;&lt;strong&gt;लेबनान में इजरायली हमले को लेकर कांग्रेस का PM मोदी पर तंज- चुप्पी क्यों, क्या मदरलैंड से महत्वपूर्ण फादरलैंड है?&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/02/1b2b8cb88686fbd4e5039db974d8120d17803820536781115_original.png" width="220"/></item><item><title><![CDATA[अमेरिका में  क्यों 30 भारतीयों को किया गया गिरफ्तार, ट्रंप करवाएंगे डिपोर्ट, जानें]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/operation-checkmate-us-illegally-30-indian-commercial-truck-drivers-arrest-and-deport-3138943</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/operation-checkmate-us-illegally-30-indian-commercial-truck-drivers-arrest-and-deport-3138943#respond</comments><pubDate>Tue, 2 Jun 2026 12:21:05 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी लाइव ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/operation-checkmate-us-illegally-30-indian-commercial-truck-drivers-arrest-and-deport-3138943</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने एक बार फिर अवैध प्रवासियों को लेकर बड़ा एक्शन लिया है लेकिन इस बार बड़ी संख्या में भारतीयों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे और कमर्शियल ट्रक चालक के रूप में काम कर रहे भारत के लगभग 30 व्यक्तियों को फेडरल ऑपरेशन (संघीय अभियान) के तहत गिरफ्तार किया गया है. &amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;भारतीय नागरिकों को किया जाएगा डिपोर्ट&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;फेडरल ऑपरेशन के इस अभियान के बाद अब गिरफ्तार किए गए सभी भारतीय नागरिकों को जल्द ही अमेरिका से डिपोर्ट किया जाएगा. अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (USCBP) ने सोमवार (1 जून) को जारी बयान में कहा कि 11-15 मई के सप्ताह के दौरान एरिज़ोना के युमा सेक्टर के सीमा गश्ती एजेंटों ने 'ऑपरेशन चेकमेट' के तहत अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 52 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जिनमें से 36 सेमी-ट्रक चालक पाए गए हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए 36 अवैध सेमी-ट्रक चालकों में से 30 भारत से थे, जबकि बाकी 6 मेक्सिको, अल सल्वाडोर और रूस से थे. उनके पास कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन और वर्जीनिया जैसे राज्यों के वाणिज्यिक चालक लाइसेंस थे, जबकि कुछ के पास किसी भी प्रकार का चालक लाइसेंस नहीं था.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/dkH56WHJ96g?si=XxftTBXcb6mTHxKJ&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;बाइडेन सरकार के दौरान मिले थे रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादातर अवैध प्रवासियों के पास रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज थे, जो उन्होंने पूर्व की जो बाइडेन सरकार के दौरान हासिल किए थे और अब वैध नहीं थे. गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्तियों के खिलाफ अमेरिकी संघीय कानून के अनुसार कार्रवाई की गई और अब उन्हें वापस उनके देश डिपोर्ट किया जाएगा.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमेरिकी एजेंसी ने बताया कि ऑपरेशन चेकमेट का मकसद अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे कमर्शियल मोटर वाहनों का संचालन करने वाले व्यक्तियों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए आव्रजन कानूनों को लागू करके सार्वजनिक सुरक्षा को बढ़ाना है. यूएस बॉर्डर पेट्रोल के यूमा सेक्टर के एक्टिंग चीफ पेट्रोल एजेंट डस्टिन कॉडल ने कहा कि ऑपरेशन चेकमेट सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करने वाले गैर कानूनी रूप से मौजूद चालकों से समुदायों और सड़कों की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/bangladesh-chittagong-hill-tracts-affairs-minister-dipen-dewan-resigned-from-tarique-rahman-govt-only-buddhist-cabinet-member-3138844&quot;&gt;बांग्लादेश में तारिक रहमान को बड़ा झटका, सरकार बनने के तीन महीने बाद ही एकमात्र बौद्ध मंत्री ने दिया इस्तीफा&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/02/8da765b3375c1b5765febd599fe71eb717803813053141200_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[लेबनान में इजरायली हमले को लेकर कांग्रेस का PM मोदी पर तंज- चुप्पी क्यों, क्या मदरलैंड से महत्वपूर्ण फादरलैंड है?]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/congress-attacks-on-pm-modi-over-israeli-attack-in-lebanon-jairam-ramesh-asks-is-fatherland-important-than-motherland-3138913</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/congress-attacks-on-pm-modi-over-israeli-attack-in-lebanon-jairam-ramesh-asks-is-fatherland-important-than-motherland-3138913#respond</comments><pubDate>Tue, 2 Jun 2026 11:15:05 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ पीटीआई- भाषा ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/congress-attacks-on-pm-modi-over-israeli-attack-in-lebanon-jairam-ramesh-asks-is-fatherland-important-than-motherland-3138913</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमेरिका के राष्ट्रपति &lt;a title=&quot;डोनाल्ड ट्रंप&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/donald-trump&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;डोनाल्ड ट्रंप&lt;/a&gt; की ओर से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फटकार लगाए जाने संबंधी खबर का हवाला देते हुए कंग्रेस ने मंगलवार (2 जून, 2026) को कहा कि&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/iran-mohammad-bagher-ghalibaf-spoke-lebanese-speaker-nabih-berri-what-said-about-israel-3138842&quot;&gt; लेबनान में इजरायली हमले&lt;/a&gt; की चौतरफा निंदा हो रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी के कुछ महीने पहले दिए एक बयान का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए सवाल किया कि क्या उनके लिए 'फादरलैंड' (पितृभूमि), 'मदरलैंड' (मातृभूमि) से ज्यादा मायने रखती है? जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, 'पश्चिम एशिया में युद्ध रोकने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है. इस तरह के समझौते के तत्काल प्रभाव का मतलब होगा होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना और तेल की कीमतों में गिरावट का दबाव, इन दोनों में भारत का बड़ा हित शामिल है.'&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा, 'लेकिन बातचीत अंजाम तक नहीं पहुंच पाई है, इसका मुख्य कारण लेबनान में इजरायल की लगातार सैन्य कार्रवाई है, जिसमें बड़े पैमाने पर घुसपैठ देखी गई है. खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने अपशब्दों से भरी भाषा में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रति अत्यधिक निराशा और क्रोध व्यक्त किया है. कई अन्य देश लेबनान में इजरायल के हमले की निंदा कर रहे हैं.'&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें:- &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/eu-vice-president-kaja-kallas-praise-pakistan-shahbaz-sharif-asim-munir-india-eu-trade-deal-us-iran-deal-3138849&quot;&gt;भारत के साथ FTA और पाकिस्तान का गुणगान... EU की VP ने शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर संग की मीटिंग, तारीफ में पढ़े कसीदे&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जयराम रमेश ने कहा, 'इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि जब इजरायल लेबनान को तबाह करने और अमेरिका-ईरान समझौते को नुकसान पहुंचाने के लिए आगे बढ़ रहा है, तब एक सरकार के प्रमुख जिसने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है, वह हैं प्रधानमंत्री &lt;a title=&quot;नरेंद्र मोदी&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/narendra-modi&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;नरेंद्र मोदी&lt;/a&gt;.'&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने सवाल किया कि क्या तथाकथित पितृभूमि उनके लिए उसकी वास्तविक मातृभूमि से कहीं अधिक मायने रखती है? अमेरिकी मीडिया की एक खबर में कहा गया है कि बीते सोमवार को ट्रंप ने नेतन्याहू से फोन पर बातचीत के दौरान लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई को लेकर उन्हें फटकार लगाई. खबर में कहा गया है कि &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/donald-trump-heated-call-netanyahu-calls-off-lebanon-attack-by-israel-amid-us-iran-deal-3138875&quot;&gt;ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा&lt;/a&gt;, 'आप बिल्कुल पागल हो गए हैं. अगर मैं न होता तो आप जेल में होते. मैं आपकी जान बचा रहा हूं. आपकी वजह से हर कोई इजरायल से नफरत करता है.'&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें:- &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/us-iowa-shooting-multiple-locations-in-muscatine-city-seven-people-dead-3138859&quot;&gt;अमेरिका में घरेलू विवाद में हुई फायरिंग, संदिग्ध समेत 7 लोगों की मौत, पुलिस ने क्या बताया&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2025/07/04/7d5858f6e7cef625c77070dea9cd95521751627925860708_original.jpg" width="220"/></item></channel></rss>