<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><channel><title>‘मौत भी मंजूर, लेकिन...’, बांग्लादेश लौटने पर शेख हसीना का बड़ा बयान</title><atom:link href="https://www.abplive.com/world/feed" rel="self" type="application/rss+xml"/><link>https://www.abplive.com/</link><description/><lastBuildDate>Thu, 30 Jul 2026 22:45:11 +0530</lastBuildDate><language>en-US</language><sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><generator>https://www.abplive.com</generator><item><title><![CDATA[ईरान अपने करीबी चीन को मिसाइल से बना रहा निशाना, IRGC ने कहा- देंगे सजा]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/iran-missile-attack-china-company-in-kuwait-irgc-warn-punished-3168030</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/iran-missile-attack-china-company-in-kuwait-irgc-warn-punished-3168030#respond</comments><pubDate>Thu, 30 Jul 2026 17:14:17 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ आईएएनएस ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/iran-missile-attack-china-company-in-kuwait-irgc-warn-punished-3168030</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ईरान के मिसाइल हमले में कुवैत स्थित एक चीनी कंपनी की इमारत निशाना बनी है. कुवैत की सेना के मुताबिक, हमले में एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है. कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार (30 जुलाई 2026) को इसे लेकर एक बयान जारी किया. उन्होंने बताया कि ईरान के एक हमले में देश के उत्तरी हिस्से में स्थित एक चीनी कंपनी की इमारत को निशाना बनाया गया, जिसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;रक्षा मंत्रालय के मेजर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया कि हमले से इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों ने घटना से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अल-ओतैबी ने कहा कि कुवैती सशस्त्र बल अपने मिशनों और कर्तव्यों का उच्च दक्षता के साथ निर्वहन जारी रखे हुए हैं. उन्होंने कहा, 'देश की संप्रभुता की रक्षा, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं. साथ ही, संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर नागरिकों और देश में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है.'&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वहीं, मिस्र के दमियाता पोर्ट में लगी आग से भी भारी नुकसान की खबर है. पोर्ट पर बुधवार (29 जुलाई) रात हुए हमले में दो जहाजों में आग लग गई थी. सरकार ने गुरुवार को बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि आग लगने की वजह ड्रोन अटैक रहा. इस हमले के पीछे ईरान का हाथ माना जा रहा है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने दो ईरानी सूत्रों के हवाले से बताया कि इस हमले का मकसद यह दिखाना था कि अगर ईरान संघर्ष को और बढ़ाता है, तो दुनिया की समुद्री शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस बीच, गुरुवार तड़के अमेरिका ने ईरान के दस से ज्यादा शहरों में भारी बमबारी की. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, उनके निशाने पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के दर्जनों ठिकाने थे. इन हमलों के बाद से दोनों देशों की बीच टकराव और बढ़ गया है. अमेरिकी हवाई हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया है. फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक,आईआरजीसी ने कहा, 'ऊपर वाले की मदद से आज हमलावर को सजा दी जाएगी.'&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/07/30/ebffd712dd35db006084884e410bd6e11785411522689708_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[क्या है ईरान की Mosquito Fleet, जिसकी पुतिन ने की जमकर तारीफ, चिढ़ा अमेरिका]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/vladimir-putin-praised-iran-mosquito-fleet-us-launched-air-strike-ann-3167929</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/vladimir-putin-praised-iran-mosquito-fleet-us-launched-air-strike-ann-3167929#respond</comments><pubDate>Thu, 30 Jul 2026 14:10:20 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ नीरज राजपूत ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/vladimir-putin-praised-iran-mosquito-fleet-us-launched-air-strike-ann-3167929</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ईरान की जिस खास फ्लीट ने दुनिया की सबसे पावरफुल यूएस नेवी के छक्के छुड़ा दिए, जिसकी तारीफ रूस के राष्ट्रपति पुतिन तक ने कर दी, उस पर अमेरिका ने बड़ी एयर स्ट्राइक कर नुकसान पहुंचाया है. पिछले पांच महीने से ईरान ने अमेरिका की नौसेना को होर्मुज स्ट्रेट में घुसने से रोका है तो उसके पीछे IRGC की Mosquito Fleet है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;Mosquito Fleet यानी मच्छरों का जंगी बेड़ा. क्योंकि ये एक ऐसी फ्लीट है, जो दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर के सामने एक मच्छर की तरह दिखाई पड़ती है. दरअसल ईरान की &amp;lsquo;Mosquito Fleet&amp;rsquo; बड़े-बड़े युद्धपोतों और विमान वाहक पोतों वाली पारंपरिक नेवी से बिलकुल अलग है. इसमें दरअसल, सैंकड़ों छोटी, हल्की और तेज रफ्तार से समंदर में दौड़ने वाली बोट्स हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/LwUOVAdfV04?si=waKpr_eoDhRYM9zh&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इन बोट्स का इस्तेमाल कर ईरान अपने से कई ज्यादा बड़े दुश्मनों को पीछे हटने पर मजबूर कर देता है, जैसा कि हालिया मिडिल-ईस्ट जंग और खासतौर से होर्मुज स्ट्रेट में देखने को मिला है. ईरान की इस Mosquito Fleet में गदीर-क्लास की छोटी पनडुब्बियां, आत्मघाती बोट्स और बड़ी संख्या में मिसाइल बोट्स हैं. ये मिसाइल बोट्स एक तरह से असॉल्ट बोट्स हैं. ये एक साथ मच्छरों के झुंड की तरह दुश्मन के युद्धपोत, ऑयल टैंकर्स और कमर्शियल शिप्स पर हमला करती हैं. जब तक दुश्मन संभल पाता है, ये काम तमाम कर &amp;nbsp;वापस अपनी समुद्री सीमा में लौट जाती हैं. ये दुश्मन की रडार में भी दूर से नहीं आती हैं. जब तक आती हैं, तब तक समुद्री-तट पर बनी गुफाओं में छिप जाती हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;होर्मुज पर अभी भी ईरान का कब्जा&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;अमेरिकी राष्ट्रपति &lt;a title=&quot;डोनाल्ड ट्रंप&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/donald-trump&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;डोनाल्ड ट्रंप&lt;/a&gt; भले ही बार-बार कहें कि ईरान की नेवी समाप्त हो चुकी है, लेकिन दुनिया जानती है कि होर्मुज पर अभी भी ईरान का कब्जा है. इस बेड़े की खासियत ये है कि हल्के और फुर्तीले होने के कारण इन जहाजों को ईरान के पथरीले तट पर बनी सुरंगों में छिपाया जा सकता है, जिससे अमेरिका के लिए लंबी दूरी के हथियारों से इन्हें नष्ट करना मुश्किल हो जाता है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;IRGC की ये छोटी बोट्स, अमेरिकी सेना के लिए एक बहुत बड़ी रणनीतिक चुनौती बनी हुई हैं, क्योंकि इन छोटी नावों पर मिसाइलें, बंदूकें और दूसरे हथियार तैनात हैं, जो दुश्मन को समय-समय पर मात देती रहती हैं. यह फ्लीट समुद्र में एक छापामार बल या यूं कहें तो गुरिल्ला युद्ध करती है, दुश्मनों पर अटैक करती है और फौरन भागने में सक्षम है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;कैसे काम करती है ये फ्लीट&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;ये बोट्स करीब 100 मील प्रति घंटे की रफ्तार से आती हैं, युद्धपोत को घेर लेती हैं, ड्रोन या मिसाइल दागती हैं और फिर रडार पर बिना दिखे, छिप जाती हैं. इन्हें पथरीले समुद्री तटों पर नाई गई गहरी गुफाओं के अंदर बने तटों पर बांधकर रखा जाता है. जरूरत पड़ने पर इन्हें तुरंत उतार दिया जाता है. आत्मघाती ड्रोन और मिसाइलों से लैस ये नावें दुश्मनों का काम तमाम करके ही दम लेती हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;पुतिन ने जमकर तारीफ की&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;अमेरिका के खिलाफ जंग में ईरान के Assymetric warfare यानी गुरिल्ला युद्ध की रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने भी जमकर तारीफ की है. मिडिल ईस्ट में छिड़े &amp;nbsp;युद्ध में जिस तरह से अमेरिका को ईरान ने छकाया है, रूसी राष्ट्रपति &lt;a title=&quot;व्लादिमीर पुतिन&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/vladimir-putin&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;व्लादिमीर पुतिन&lt;/a&gt; भी तेहरान के कायल हो गए हैं. पुतिन ने अपने एडमिरल्स को यहां तक आदेश दे दिया है कि रशियन नेवी को भी ऐसी Mosquito Fleet को तैयार करना चाहिए क्योंकि रूस भी अमेरिका, भारत और चीन जैसी बड़ी नौसेनाओं की तरह बड़े युद्धपोत ऑपरेट करता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;अमेरिका ने बोला हमला&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;पुतिन की तारीफ के महज 2 दिनों के भीतर अमेरिका ने ईरान की इस Mosquito Fleet पर जबरदस्त हमला बोल दिया है. गुरूवार को अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने दक्षिणी ईरान के बुशहर और खुजेस्तान प्रांत में जो हमले किए, उनमें ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य ठिकानों के साथ, बंदरगाहों पर खड़ी छोटी बोट्स भी शामिल थी. सेंटकॉम ने हमले की ड्रोन फुटेज भी जारी की, जिसमें साफ तौर से छोटी बोट्स पर डायरेक्ट अटैक दिखाई पड़ रहा है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सेंटकॉम के मुताबिक इस हमले को यूएस नेवी के एयरक्राफ्ट कैरियर पर तैनात F-18 सुपरहोरनेट लड़ाकू विमानों ने अंजाम दिया. ईरान के खिलाफ जंग के राउंड-2 में सेंटकॉम खास तौर से ईरानी नौसेना की ताकत बनी Mosquito Fleet पर हमला कर रही है. ऐसे में क्या ये मान लिया जाए कि होर्मुज स्ट्रेट को ईरान के चंगुल से जल्द आजाद करा सकता है अमेरिका. या फिर, होर्मुज स्ट्रेट में युद्ध से पहले की खुली आवाजाही संभव हो पाएगी. &amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/donald-trump-benjamin-netanyahu-white-house-meeting-iran-three-options-jordan-missile-attack-us-israel-strategy-3167799&quot;&gt;ईरान पर क्या होगा अगला कदम? ट्रंप-नेतन्याहू की सीक्रेट मीटिंग में बना प्लान, जानें&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/07/30/7a1701228c4ebf7174697c6d445e917017853999770841200_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[ईरान पर क्या होगा अगला कदम? ट्रंप-नेतन्याहू की सीक्रेट मीटिंग में बना प्लान, जानें]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/donald-trump-benjamin-netanyahu-white-house-meeting-iran-three-options-jordan-missile-attack-us-israel-strategy-3167799</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/donald-trump-benjamin-netanyahu-white-house-meeting-iran-three-options-jordan-missile-attack-us-israel-strategy-3167799#respond</comments><pubDate>Thu, 30 Jul 2026 10:55:42 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ आशुतोष प्रताप सिंह ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/donald-trump-benjamin-netanyahu-white-house-meeting-iran-three-options-jordan-missile-attack-us-israel-strategy-3167799</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति &lt;a title=&quot;डोनाल्ड ट्रंप&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/donald-trump&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;डोनाल्ड ट्रंप&lt;/a&gt; और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच व्हाइट हाउस में करीब 90 मिनट तक अहम बैठक हुई. बैठक में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई. इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, बैठक का मकसद अमेरिका पर युद्ध का दबाव बनाना नहीं था, बल्कि कूटनीति, आर्थिक दबाव और सैन्य कार्रवाई जैसे सभी विकल्पों पर विचार करना था.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ईरान से निपटने के तीन विकल्पों पर चर्चा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में ईरान को लेकर तीन संभावित रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई. पहला विकल्प कूटनीतिक समझौते का था. अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत में जुटे हैं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच अब भी कई बड़े मतभेद बने हुए हैं. नेतन्याहू ने आशंका जताई कि ईरान ऐसा समझौता नहीं करेगा, जिससे उसकी परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर पूरी तरह रोक लग सके.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;दूसरा विकल्प ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखते हुए आर्थिक प्रतिबंधों को और सख्त करने का था. तीसरा विकल्प यह था कि यदि बातचीत और प्रतिबंध असरदार नहीं होते हैं तो सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू कर उसका दायरा बढ़ाया जाए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;बैठक के बाद बढ़ा तनाव&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बैठक खत्म होने के कुछ घंटे बाद ही ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर दिया. इसके बाद ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कड़ी सैन्य प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी. हालांकि, रॉयटर्स के अनुसार नेतन्याहू ने ट्रंप पर तत्काल हमला शुरू करने का दबाव नहीं डाला और कहा कि अंतिम फैसला अमेरिका को ही लेना है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ट्रंप ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर जताई चिंता&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बैठक में सैन्य विकल्पों के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी चर्चा हुई. ट्रंप ने कहा कि लंबे समय तक संघर्ष जारी रहने से ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता का खतरा बढ़ सकता है. वहीं नेतन्याहू का मानना था कि ईरान अब होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका पर दबाव बनाने के आखिरी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, इसलिए आर्थिक दबाव और बढ़ाना जरूरी है.&lt;/p&gt;
&lt;div id=&quot;article-hstick-inner&quot; class=&quot;abp-story-detail &quot;&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ेंः&amp;nbsp;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/india/modi-government-replies-in-parliament-40-times-nh-infrastructure-failed-in-last-five-yrs-across-india-monsoon-session-ann-3167599&quot;&gt;5 साल में 40 बार फेल हुआ NH इंफ्रास्ट्रक्चर, सरकार का संसद में जवाब&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीरिया और सऊदी अरब भी चर्चा के केंद्र में&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बैठक में सीरिया की स्थिति पर भी चर्चा हुई. नेतन्याहू ने ट्रंप को एक नक्शा दिखाकर बताया कि तुर्किये का सीरिया के बड़े हिस्से पर प्रभाव है, जबकि इजरायल केवल सीमावर्ती बफर जोन में मौजूद है. उन्होंने कहा कि जब तक जिहादी संगठनों का खतरा रहेगा, तब तक इजरायल दक्षिणी सीरिया के बफर जोन में अपनी मौजूदगी बनाए रखेगा. दोनों नेताओं ने अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौते और सऊदी अरब-इजरायल संबंधों के सामान्यीकरण पर भी बातचीत की.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की तैयारी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बैठक में नेतन्याहू ने अमेरिका को बताया कि इजरायल अगले 10 वर्षों में अमेरिकी सैन्य सहायता पर अपनी निर्भरता धीरे-धीरे कम करना चाहता है. इसके तहत नई रक्षा साझेदारी, मिसाइल रक्षा कार्यक्रम और आधुनिक हथियारों के संयुक्त विकास पर जोर दिया जाएगा. साथ ही इजरायल अपने स्तर पर अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने की योजना पर भी काम शुरू कर चुका है, ताकि भविष्य में अमेरिकी F-35 विमानों पर निर्भरता कम की जा सके.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/07/30/0a83cd8c7757d9b59fe4000dbb158dd61785389098838425_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA['जयशंकर हमसे बात नहीं कर रहे', यूक्रेन ने भारत की एडवाइजरी पर ही उठाए सवाल]]></title><link>https://www.abplive.com/news/india/ukraine-question-india-amid-russian-attack-in-black-sea-s-jaishankar-not-talking-compare-advisories-with-hormuz-3167754</link><comments>https://www.abplive.com/news/india/ukraine-question-india-amid-russian-attack-in-black-sea-s-jaishankar-not-talking-compare-advisories-with-hormuz-3167754#respond</comments><pubDate>Thu, 30 Jul 2026 09:43:36 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ ऋषि कांत ]]></dc:creator><category><![CDATA[ इंडिया ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/india/ukraine-question-india-amid-russian-attack-in-black-sea-s-jaishankar-not-talking-compare-advisories-with-hormuz-3167754</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;रूसी हमलों के बीच यूक्रेन ने ब्लैक सी में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए जारी हुई एडवाइजरी पर सवाल उठाए हैं. कीव ने कहा कि उसने ब्लैक सी में सुरक्षा को लेकर उसके विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर बात करने की गुजारिश की, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है. कीव ने ये आरोप ऐसे समय पर लगाया है, जब यूक्रेन के चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर MV AMIR1 जहाज पर 13 भारतीय नाविक फंसे हुए हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यूक्रेनी दूतावास ने भारत के जहाजरानी महानिदेशालय द्वारा 15 जुलाई को होर्मुज स्ट्रेट और 23 जुलाई को ब्लैक सी के लिए जारी की गई एडवाइजरी का हवाला दिया. होर्मुज स्ट्रेट के लिए 15 जुलाई को जारी एडवाइजरी में शिपिंग कंपनियों को निर्देश दिए गए थे कि वो अगले आदेश तक यहां से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों को तैनात करने से बचें. जबकि 23 जुलाई को जारी ब्लैक सी की एडवाइजरी में ऐसी कोई सख्त रोक नहीं लगाई गई है, जबकि यहां रूस के लगातार ड्रोन और मिसाइल अटैक हो रहे हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यूक्रेनी दूतावास ने क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यूक्रेनी दूतावास ने तुलना के बाद ऐतराज जताते हुए कहा, 'इन दोनों एडवाइजरी की तुलना करने पर गंभीर सवाल उठता है कि क्या ब्लैक सी के लिए सुझाए गए उपाय वहां मौजूद जोखिम के अनुरूप हैं. खास तौर पर तब जबकि वहां नागरिक जहाजों पर लगातार रूस के अटैक हो रहे हैं, और उनमें भारतीय नागरिकों की जान जा रही है.'&lt;/p&gt;
&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot;&gt;
&lt;p dir=&quot;ltr&quot; lang=&quot;en&quot;&gt;Disturbing news continues to emerge from Ukraine&amp;rsquo;s Black Sea ports as Russia intensifies its attacks on civilian vessels and port infrastructure.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;Thirteen Indian seafarers remain stranded aboard MV AMIR 1 in the Port of Chornomorsk, under the continuing threat of Russian missile&amp;hellip; &lt;a href=&quot;https://t.co/YoXtg9ccwQ&quot;&gt;pic.twitter.com/YoXtg9ccwQ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&amp;mdash; Ukraine in India (@UkrembInd) &lt;a href=&quot;https://x.com/UkrembInd/status/2082433442856448251?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;July 29, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;
&lt;p&gt;
&lt;script src=&quot;https://platform.x.com/widgets.js&quot; async=&quot;&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/ukraine-seeks-anti-ballistic-missile-systems-from-the-us-zelenskyy-says-against-russia-its-important-3167192&quot; target=&quot;_blank&quot; rel=&quot;noopener&quot;&gt;जेलेंस्की ने US से मांगे एंटी बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम, कहा- 'रूस के खिलाफ...'&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इतना ही नहीं, कीव ने अपने बयान में सवाल उठाया, 'क्या नई दिल्ली एक बार फिर रूस के प्रतिनिधि को तलब करेगी, जैसा कि उसने भारतीय नौसैनिकों से जुड़े एक पहले के घातक हमले के बाद किया था.'&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;हाल ही में 2 भारतीय नागरिकों की हुई थी मौत&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने बुधवार को कहा कि वह काला सागर तट के पास एक वाणिज्यिक पोत पर सवार 13 भारतीय नाविकों की सुरक्षा स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है. ऐसी खबरें सामने आई थीं कि जहाज पर लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा है.इससे पहले 25 जुलाई को यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर एमवी एजीएन रैगनार नामक वाणिज्यिक पोत पर हमला हुआ था. उस समय जहाज पर चार भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे. इनमें से दो भारतीय नाविक अब भी लापता हैं और भारत यूक्रेनी अधिकारियों के साथ मिलकर खोज अभियान चला रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/donald-trump-warns-iran-after-jordan-missile-attack-us-saudi-airstrikes-iraq-middle-east-conflict-3167707&quot; target=&quot;_blank&quot; rel=&quot;noopener&quot;&gt;ईरान के अटैक के बाद गुस्से में अमेरिका, दागीं मिसाइलें, ट्रंप बोले- 'करारा जवाब...'&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2025/08/04/e2ae33c2387d161953324f28685099701754328482993708_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[PoJK में तीसरे दिन भी खूनी कार्रवाई, PAK रेंजर्स की फायरिंग में मारे गए 36 कश्मीरी]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/pakistan-news-pak-rangers-target-killing-in-pok-protest-36-kashmiri-killed-in-three-days-after-election-ann-3167725</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/pakistan-news-pak-rangers-target-killing-in-pok-protest-36-kashmiri-killed-in-three-days-after-election-ann-3167725#respond</comments><pubDate>Thu, 30 Jul 2026 07:53:34 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ शिवांक मिश्रा ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/pakistan-news-pak-rangers-target-killing-in-pok-protest-36-kashmiri-killed-in-three-days-after-election-ann-3167725</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में आज भी पाकिस्तानी रेंजर्स और एफसी की गोलीबारी जारी रही. सबसे पहले दोपहर एक बजे चिनार चौक के पास खेतों पर इकट्ठा लोगो पर दो पाकिस्तानी रेंजर्स दौड़कर आए और बेहद करीब से अंधाधुंध गोलीबारी करने लगे. इस गोलीबारी में कम से कम तीन लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस गोलीबारी के बाद बारिश शुरू हो गई तो थोड़ी देर मामला शांत रहा, लेकिन शाम 4 बजे जैसे ही लाखों प्रदर्शनकारियों का काफिला रावलाकोट से मुज़फ्फराबाद की ओर आगे बढ़ा तो पुलिस नाके पर पहुंचते ही एक बार फिर पहले पीओके पुलिस ने आंसू गैस की शेलिंग की और रेंजर्स ने गोलीबारी शुरू कर दी. इस गोलीबारी में भी कम से कम 2 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. फिलहाल रावलाकोट के ईदगाह मैदान से निकला 2 लाख से ज़्यादा लोगों का जत्था आगे बढ़कर रावलाकोट के डी चौक पर बैठा हुआ और रात साढ़े 10 बजे एक बार फिर पूरे शहर की बिजली काट का रेंजर्स की गोलीबारी चालू है और दूसरी तरफ लोगो की नारेबाजी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;दो दिनों में मरने वालों का आंकड़ा 31 पहुंचा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सोमवार और मंगलवार को मीरपुर और रावलाकोट में गोलीबारी में 7 घायलों ने कल रात से लेकर आज सुबह तक अंतिम सांस ली, जिससे सोमवार और मंगवाल की गोलीबारी में मृतकों का कुल आंकड़ा 31 हो गया है. इस लिहाज से तीन दिन में पाकिस्तानी रेंजर्स ने 36 निहत्थे कश्मीरियों को मार गिराया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;पाकिस्तान रेंजर्स कर रहे हैं टारगेट किलिंग&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पीओके में पाकिस्तानी रेंजर्स इस बार टारगेट किलिंग भी कर रहे हैं यानी गोलीबारी के समय ऐसे लोगों को मार रहे हैं जो प्रदर्शन में जिम्मेदारी संभाल रहे थे. इसी कड़ी में सोमवार को रेंजर्स की फायरिंग में प्रदर्शन के प्रमुख आयोजकों में से एक उमर नज़ीर के भाई उस्मान नज़ीर की पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी में मौत हो गई. इसी तरह प्रदर्शन में हर दिन रावलकोट बस स्टैंड पर राम प्रसाद बिस्मिल की 'सरफ़रोशी की तम्माना' गाने वाले पीएचडी छात्र ओसामा जमील की भी कल चिनार चौक पर पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी में मौत हो गई. हिजबुल मुजाहिदीन के पूर्व कमांडर फारूक सुधान भी पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हुआ है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;दुकानों को लूट रहे हैं मुनीर के जवान&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अब तक आई जानकारी के मुताबिक बीते तीन दिनों में पाकिस्तानी रेंजर्स की बर्बरता में 80 से ज़्यादा लोग रावलाकोट और मीरपुर में घायल हुए हैं. जहां एक तरफ पाकिस्तान रेंजर्स और पीओके पुलिस लोगों के गोली मार रही है तो दूसरी तरफ मीरपुर में पाकिस्तानी सेना की लूटमारी की वीडियो और सीसीटीवी एबीपी न्यूज़ के हाथ लगे हैं, जहां पर सादी वर्दी में रेंजर्स और वर्दी में पीओके पुलिस के जवान एक दुकान का ताला तोड़ कर उसने से पानी की बोतल और आइसक्रीम चोरी कर रहे हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;शहबाज के सलाहकार ने फायरिंग को ठहराया सही&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कुल मिलाकर 7 जून से शुरू हुई पाकिस्तानी सेना की बर्बरता और 9 जुलाई से शुरू हुए विद्रोह में विद्रोह के 50 वे दिन 29 जुलाई तक 110 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है. साथ ही अभी भी बर्बरता जारी है. बर्बरता और विद्रोह के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के राजनैतिक मामलो पर विशेष सलाहकार और पूर्व गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह ने पाकिस्तान की दशकों पुरानी आतंक की नीति की गवाही देते हुए जियो न्यूज़ पर कहा कि मुजफ्फराबाद कूच की कोशिश करने वाले, रावलाकोट में बैठे वही आतंकी हैं जिन्हें कभी पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ ट्रेन करके लड़ने के लिए भेजा था. राणा सनाउल्लाह ने दावा किया कि इन लोगों के पास हथियार भी हैं और इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जो कार्रवाई की जा रही है वो सही है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/donald-trump-warns-iran-after-jordan-missile-attack-us-saudi-airstrikes-iraq-middle-east-conflict-3167707&quot; target=&quot;_blank&quot; rel=&quot;noopener&quot;&gt;ईरान के अटैक के बाद गुस्से में अमेरिका, दागीं मिसाइलें, ट्रंप बोले- 'करारा जवाब...'&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/07/30/ae077d9a2136a06acac1d3c5f7144f9517853780573431189_original.png" width="220"/></item><item><title><![CDATA['पाकिस्तानी कश्मीर जैसी कोई चीज नहीं', भारत ने अमेरिका के NYT को लगाई लताड़]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/india-stands-clear-on-nyt-remark-there-is-no-pakistani-kashmir-only-pakistan-occupied-kashmir-3167721</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/india-stands-clear-on-nyt-remark-there-is-no-pakistani-kashmir-only-pakistan-occupied-kashmir-3167721#respond</comments><pubDate>Thu, 30 Jul 2026 07:41:57 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ संतोष सिंह ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/india-stands-clear-on-nyt-remark-there-is-no-pakistani-kashmir-only-pakistan-occupied-kashmir-3167721</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भारत ने द न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को पाकिस्तानी कश्मीर कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई. भारत ने इसे गुमराह करने वाला और गलत बताया है और दोहराया कि यह इलाका भारत का अभिन्न अंग है. भारत ने साफ किया कि पाकिस्तानी कश्मीर जैसी कोई चीज नहीं है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;द न्यूयॉर्क टाइम्स ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में झड़पों और स्थानीय चुनावों पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें कहा गया कि मीरपुर में हिंसा भड़क गई, जब पुलिस का सामना जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के सदस्यों से हुआ. यह नागरिक अधिकारों का एक ग्रुप है जो पुलिस की बर्बता का विरोध कर रहा था.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/OhUEbAnHdZ8?si=ZdHe2FgaRxUMK2kT&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इसमें यह भी बताया गया कि हालिया अशांति में गोली लगने से कम से कम 2 लोगों की मौत हो गई और हिंसा की स्वतंत्र जांच के लिए पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग की मांग का भी जिक्र किया गया. भारतीय दूतावास ने कहा, &amp;ldquo;पाकिस्तान ने इन केंद्र-शासित प्रदेशों के कुछ हिस्सों पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है. अब वह कब्जे वाले इलाकों के लोगों के खिलाफ हिंसा का इस्तेमाल कर रहा है.&amp;rdquo;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;'पाकिस्तानी कश्मीर जैसी कोई चीज नहीं'&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;भारतीय दूतावास ने द न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों को खारिज करते हुए कहा, &quot;कोई पाकिस्तानी कश्मीर नहीं है, सिर्फ़ 'पाकिस्तान के कब्ज़े वाला कश्मीर है.&quot; दूतावास ने फिर से दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र-शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहे हैं, हैं और हमेशा रहेंगे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;जेएएसी पाकिस्तान के खिलाफ कर रही प्रदर्शन&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;स्थानीय अधिकारियों और स्वतंत्र एजेंसियों के हवाले से प्रकाशित खबर में न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा कि जून में शुरू हुई हिंसक झड़पों में अब तक कम से कम 30 लोग मारे गए हैं. कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का संयुक्त मंच (जेएएसी) पीओके की तथाकथित विधानसभा की 12 विवादित सीटों को लेकर लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रही है. जेएएसी का आरोप है कि सत्ता प्रतिष्ठान इन सीटों का इस्तेमाल अपनी पसंद के व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनवाने के लिए करता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जारी व्यापक जन प्रदर्शन पाकिस्तान के आर्थिक शोषण, वहां के लोगों को मौलिक अधिकारों से वंचित किए जाने और उसके प्रशासनिक दमन का नतीजा हैं .&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;इनपुट-भाषा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/india/nda-ally-skm-defends-cjp-protests-in-lok-sabha-calls-them-a-wake-up-call-sansad-march-abhijeet-dipke-sonam-wangchuk-3167711&quot;&gt;BJP की सहयोगी SKM ने संसद में किया छात्रों के प्रदर्शनों का बचाव, क्या कहा?&amp;nbsp;&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/07/30/b21e3a6de7bac3755f382c6a68f36d7017853773520961200_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[ईरान के अटैक के बाद गुस्से में अमेरिका, दागीं मिसाइलें, ट्रंप बोले- 'करारा जवाब...']]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/donald-trump-warns-iran-after-jordan-missile-attack-us-saudi-airstrikes-iraq-middle-east-conflict-3167707</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/donald-trump-warns-iran-after-jordan-missile-attack-us-saudi-airstrikes-iraq-middle-east-conflict-3167707#respond</comments><pubDate>Thu, 30 Jul 2026 06:48:00 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ आशुतोष प्रताप सिंह ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/donald-trump-warns-iran-after-jordan-missile-attack-us-saudi-airstrikes-iraq-middle-east-conflict-3167707</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान को &quot;करारा जवाब&quot; देगा. वहीं ईरान की इस कार्रवाई के बाद अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर संयुक्त एयर स्ट्राइक की है. इस पूरे घटनाक्रम के बाद पश्चिम एशिया में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ट्रंप बोले- ईरान को मिलेगा करारा जवाब&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;फॉक्स न्यूज से बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रपति &lt;a title=&quot;डोनाल्ड ट्रंप&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/donald-trump&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;डोनाल्ड ट्रंप&lt;/a&gt; ने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा. उन्होंने कहा, &quot;हम उन्हें करारा जवाब देंगे. उन पर जोरदार हमला किया जाएगा.&quot; ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का यह हमला अचानक किया गया था और अमेरिकी सेना के पास प्रतिक्रिया देने के लिए केवल कुछ मिनट ही थे. उन्होंने कहा कि अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने सभी मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही मार गिराया. ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने वह फुटेज देखी, जिसमें अमेरिकी सैनिक रियल टाइम में मिसाइलों के निर्देशांक बताते हुए उन्हें इंटरसेप्ट कर रहे थे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;IRGC ने ली हमले की जिम्मेदारी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन के मुवाफ्फाक सल्ती एयर बेस पर मिसाइल हमले की जिम्मेदारी ली है. यह एयर बेस जॉर्डन में अमेरिकी सेना और सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का अहम सैन्य ठिकाना माना जाता है. ईरानी सरकारी मीडिया IRIB के मुताबिक, IRGC एयरोस्पेस फोर्स ने बताया कि उसने अमेरिकी एयर बेस और सेंट्रल कमांड सेंटर पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं.&lt;/p&gt;
&lt;div id=&quot;article-hstick-inner&quot; class=&quot;abp-story-detail &quot;&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ेंः&amp;nbsp;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/india/modi-government-replies-in-parliament-40-times-nh-infrastructure-failed-in-last-five-yrs-across-india-monsoon-session-ann-3167599&quot;&gt;5 साल में 40 बार फेल हुआ NH इंफ्रास्ट्रक्चर, सरकार का संसद में जवाब&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;IRGC ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका की कथित आक्रामक गतिविधियों के जवाब में की गई है. संगठन ने अपने बयान में कहा कि जब तक ईरान के खिलाफ खतरे और अमेरिकी सेना की कथित गैरकानूनी गतिविधियां जारी रहेंगी, तब तक प्रतिरोध भी जारी रहेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;जॉर्डन ने पांच मिसाइलें मार गिराने का दावा किया&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने ईरान की पांच मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया. सेना के मुताबिक इस हमले में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की तत्काल कोई सूचना नहीं है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में किए संयुक्त हमले&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ईरान के हमले के जवाब में अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर संयुक्त कार्रवाई की. दोनों देशों ने कहा कि यह अभियान इराक सरकार के साथ समन्वय बनाकर चलाया गया. रॉयटर्स के अनुसार, इन हमलों में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड के कम से कम चार सैन्य सलाहकार मारे गए हैं. इसके अलावा 20 से अधिक लड़ाकों के भी मारे जाने की खबर है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;CENTCOM ने क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि अमेरिकी और सऊदी लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में ईरान समर्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए. CENTCOM के मुताबिक, इन ठिकानों का इस्तेमाल हथियारों के भंडारण और लॉजिस्टिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमेरिकी सेना ने कहा कि 28 जुलाई को यह कार्रवाई उन ईरान समर्थित समूहों के खिलाफ की गई, जिन्हें IRGC अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे पर हमले करने के निर्देश दे रहा था. CENTCOM ने यह भी कहा कि पिछले 72 घंटों में IRGC के निर्देश पर 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई. अमेरिकी सेना ने दावा किया कि जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ईरान का हमला पूरी तरह विफल रहा. CENTCOM ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि IRGC और उसके सहयोगी हमले नहीं रोकते हैं तो अमेरिका आगे भी सैन्य कार्रवाई करेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ईरान ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और सऊदी अरब की संयुक्त कार्रवाई की कड़ी आलोचना की. विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह हमला इराक की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर सीधा हमला है तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद-2(4) और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है. ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक की सरकारी संस्थाओं से जुड़े परिसरों और अरबईन यात्रियों के जुलूसों तथा ठहराव स्थलों को भी निशाना बनाया. ईरान के विदेश मंत्रालय ने हमलों में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान इराक की सरकार और वहां के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ईरान समर्थक संगठन ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों के गठबंधन इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ने कहा कि अमेरिका और सऊदी अरब की कार्रवाई का जवाब देना तय है. समूह ने चेतावनी दी कि उसका अगला निशाना सऊदी अरब में अमेरिकी हित या उससे जुड़े ठिकाने भी हो सकते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/07/30/d487c80da01b9de3427716d1b1dbf15c1785374224644425_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[कैसे होगी US-भारत के बीच ट्रेड डील? पीयूष गोयल ने बताई ये शर्त]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/how-will-us-india-trade-deal-shape-piyush-goyal-outlines-condition-3167676</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/how-will-us-india-trade-deal-shape-piyush-goyal-outlines-condition-3167676#respond</comments><pubDate>Wed, 29 Jul 2026 23:12:42 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ कार्तिक सागर समाधिया ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/how-will-us-india-trade-deal-shape-piyush-goyal-outlines-condition-3167676</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रस्तावित द्विपक्षीय ट्रेड डील को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. इसमें बताया गया है कि यह पहला चरण तभी शुरू होगा, जब वॉशिंगटन, प्रतिस्पर्धी निर्यातक देशों के मुकाबले भारत की टैरिफ प्रतिस्पर्धात्मकता (Competitiveness) को बहाल कर देगा.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस मामले में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा, 'दोनों देशों के बीच बनी सहमति इस बात पर आधारित थी कि भारत को पड़ोसी देशों और आसियान इलाके के देशों समेत प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में तुलनात्मक लाभ मिले. एक बार यह शर्त पूरी हुई तो समझौता लागू हो जाएगा.'&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पत्रकारों से बात करते हुए गोयल ने कहा, 'मैंने स्पष्ट रूप से और कई बार यह भरोसा जताया है कि द्विपक्षीय बिजनेस डील के पहले चरण के तौर पर हमने अमेरिका के साथ जो अंतिम रूप दिया, जिसकी घोषणा हमारे नेताओं ने 3 फरवरी को की ती, वह तभी लागू होगा, जब अमेरिका यह सुनिश्चित कर सके कि हमने अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में लाभ मिले. इनमें हमारे पड़ोस के देशों, आसियान क्षेत्र के देशों और अन्य देश शामिल हैं, जिनके साथ हम प्रतिस्पर्धा करते हैं.'&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा. 'भारत को अमेरिकी बाजार में अपना निर्यात बढ़ाने का भरोसा है. बशर्तें टैरिफ के मामले में उसके साथ व्यवहार अनुकूल हो या प्रतिस्पर्धी देशों के बराबर हो. उन्होंने कहा कि हमारे लिए जबतक हमें तुलनात्मक लाभ मिलता रहेगा, मुझे लगता है कि भारत अपना निर्यात बढ़ाता रहेगा. अमेरिका के बड़े अवसर का लाभ उठाता रहेगा.'&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि भारत ने श्रम संबंधी चिंताओं से जुड़ी ऑफिस ऑफ द यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव की धारा 301 के तहत जांच में भाग लिया था. उस जांच के तहत अमेरिका ने भारत पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt; अमेरिकी प्रशासन के एक विधायी प्रस्ताव पर टिकी सभी की नजरें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मंत्री का ये बयान ऐसे वक्त आया है, जब अमेरिकी प्रशासन के एक विधायी प्रस्ताव पर सभी की नजरें टिकी हैं. इसके तहत रूसी ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाया जा सकता है. अमेरिकी सीनेट में पेश किए गए &lt;strong&gt;लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026&lt;/strong&gt; के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को रूसी कच्चे तेल और नेचुरल गैस के प्रमुख खरीददारों से होने वाले आयात पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाएगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;हालांकि, प्रस्तावित कानून से अपने आप टैरिफ लागू नहीं हो जाएगा. धारा 113 के तहत ट्रंप के पास यह तय करने का विवेकाधीन अधिकार होगा कि टैरिफ लगाया जाए या नहीं. किन देशों पर यह लागू होगा. टैरिफ की दर क्या होगी. यह प्रस्ताव ऐसे वक्त आया है, जब अमेरिका ईरान संघर्ष के कारण हॉर्मुज &amp;nbsp;से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/07/29/45a83873ea6b315a9e95fc38052826d217853461314751324_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[ट्रंप की लोकप्रियता बढ़ी या घटी? रिपोर्ट ने चौंकाया]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/us-president-donald-trump-popularity-records-new-lowest-level-amid-second-term-in-white-house-3167623</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/us-president-donald-trump-popularity-records-new-lowest-level-amid-second-term-in-white-house-3167623#respond</comments><pubDate>Wed, 29 Jul 2026 20:31:35 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ विजय कुमार बिट्ठल ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/us-president-donald-trump-popularity-records-new-lowest-level-amid-second-term-in-white-house-3167623</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/search?s=america&quot; target=&quot;_blank&quot; rel=&quot;noopener&quot;&gt;अमेरिका&lt;/a&gt; के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस वक्त दुनिया के सबसे ताकतवर देश के सबसे प्रमुख पद पर आसीन हैं, जिन्होंने दुनियाभर में हुए कई युद्धों को खत्म कर शांति स्थापित करने का दावा किया है और यहां तक कि वे खुद को वैश्विक शांति का दूत बताते हुए अपने लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग भी कर चुके हैं, लेकिन हाल ही में एक सर्वे में खुलासा हुआ है कि अमेरिकी व्हाइट हाउस में दोबारा लौटने के बाद डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;अमेरिका में ट्रंप की लोकप्रियता घटी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इकोनॉमिस्ट/यूगव (YouGov) की ओर से मंगलवार (28 जुलाई, 2026) को जारी नए सर्वे रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के मात्र 34 प्रतिशत लोग ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के काम को सही मानते हैं, जबकि 62 प्रतिशत अमेरिकी ट्रंप के कामकाज से नाखुश और असंतुष्ट हैं. हालांकि, मंगलवार को जारी यह आंकड़ा पिछले हफ्ते की तुलता में दो प्रतिशथ ज्यादा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वहीं, 63 प्रतिशत अमेरिकियों का मानना है कि उनका देश गलत दिशा में आगे बढ़ रहा है. हालांकि, ट्रंप की लोकप्रियता में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन राजनीतिक रूप से डेमोक्रेटिक पार्टी को इसका खास फायदा नहीं मिला है. जेनरिक कांग्रेशनल बैलेट में डेमोक्रेट्स रिपब्लिकन पार्टी से सिर्फ चार प्रतिशत आगे है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;सर्वे में कितनी है ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;?&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/LGWhzU4o6lM?si=sCXdi2yKz1TiWRiJ&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उल्लेखनीय है कि इकोनॉमिस्ट/YouGov की ओर से 25 से 27 जुलाई के बीच 1559 एडल्ट्स के बीच किए गए सर्वे में डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग 34 परसेंट दर्ज की गई, जो दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद YouGov की ट्रैकिंग में उनका अब तक सबसे निचला स्तर है. इस सर्वे में गलती की गुंजाइश प्लस या माइनस 3.3 प्रतिशत पॉइंट्स है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ट्रंप की लोकप्रियता रेटिंग को व्हाइट हाउस ने किया खारिज&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;USA टुडे को ईमेल के जरिए भेजे गए एक बयान में व्हाइट हाउस के प्रवक्ता डेविस इंगल ने मंगलवार (28 जुलाई, 2026) को जारी इस सर्वे के आंकड़ों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;सबसे महत्वपूर्ण समर्थन 5 नवंबर, 2024 को सामने आ चुका था, जब करीब 8 करोड़ अमेरिकियों ने भारी समर्थन के साथ राष्ट्रपति &lt;a title=&quot;डोनाल्ड ट्रंप&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/donald-trump&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;डोनाल्ड ट्रंप&lt;/a&gt; को चुना था.&amp;rsquo;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा, &amp;lsquo;राष्ट्रपति ने न सिर्फ अमेरिका, बल्कि पूरी दुनिया में ऐतिहासिक प्रगति की है और ये तो सिर्फ शुरुआत है. जैसे-जैसे उनका एजेंडा लागू होता जाएगा, इसके और भी नतीजे देखने को मिलेंगे.&amp;rsquo;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ेंः &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/iran-stops-three-oil-tankers-in-strait-of-hormuz-warning-over-seized-assets-donald-trump-us-iran-tensions-middle-east-3167211&quot;&gt;ईरान फिर आगबबूला, तीन तेल टैंकरों पर हमला कर रोका, ट्रंप को दी टेंशन&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/07/29/a80373105a5a89089fee490e159ed9e217853369382991126_original.png" width="220"/></item><item><title><![CDATA[‘मौत भी मंजूर, लेकिन...’, बांग्लादेश लौटने पर शेख हसीना का बड़ा बयान]]></title><link>https://www.abplive.com/news/world/bangladesh-former-pm-sheikh-hasina-wants-to-return-to-bangladesh-even-facing-arrest-imprisonment-or-death-3167528</link><comments>https://www.abplive.com/news/world/bangladesh-former-pm-sheikh-hasina-wants-to-return-to-bangladesh-even-facing-arrest-imprisonment-or-death-3167528#respond</comments><pubDate>Wed, 29 Jul 2026 18:17:00 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ सौरव कुमार ]]></dc:creator><category><![CDATA[ विश्व ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/news/world/bangladesh-former-pm-sheikh-hasina-wants-to-return-to-bangladesh-even-facing-arrest-imprisonment-or-death-3167528</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना अगस्त 2024 में सत्ता से हटाए जाने के बाद से भारत में रह रही हैं. उन्होंने कहा है कि वह इस साल दिसंबर तक अपने देश लौटना चाहती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात का पूरा अंदाजा है कि वापस लौटने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, जेल भेजा जा सकता है या उनकी जान को भी खतरा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद वह अपने देश वापस जाना चाहती हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;समाचार एजेंसी AFP को दिए गए एक इंटरव्यू में 78 वर्षीय शेख हसीना ने ईमेल के जरिए सवालों के जवाब दिए. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने सामने मौजूद सभी खतरों की जानकारी है. उन्होंने कहा, &quot;मुझे मारा जा सकता है. मुझे गिरफ्तार किया जा सकता है. मुझे जेल भेजा जा सकता है. मुझे अपनी किस्मत का पूरा पता है. फिर भी मैं वापस जाना चाहती हूं क्योंकि मेरे लोग मुझे बुला रहे हैं.&quot;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/alrJutWiVq0?si=NWxXbF3yeSI62gHG&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें: &lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/p-harish-in-unsc-attacks-on-indian-ships-wont-tolerated-middle-east-critical-3167264&quot; target=&quot;_blank&quot; rel=&quot;noopener&quot;&gt;&lt;strong&gt;'भारतीय जहाजों पर हमले...', UNSC में आगबबूला हुआ भारत, दी वॉर्निंग&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;शेख हसीना की 15 साल पुरानी सरकार गिर गई थी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छात्रों के नेतृत्व में अगस्त 2024 में &amp;nbsp;हुए बड़े आंदोलन के बाद शेख हसीना की 15 साल पुरानी सरकार गिर गई थी. उस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनके आधिकारिक आवास पर हमला कर दिया था, जिसके बाद वह हेलीकॉप्टर से देश छोड़कर भारत आ गई थीं. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, सरकार के खिलाफ हुए आंदोलन और उसके बाद की कार्रवाई में करीब 1,400 लोगों की मौत हुई थी. नवंबर 2024 में ढाका की एक अदालत ने शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी. हालांकि, शेख हसीना ने इस फैसले को पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि यह कानून की आड़ में राजनीतिक बदले की कार्रवाई है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;देश लौटने के फैसले के पीछे बाहरी दबाव नहीं- शेख हसीना&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;शेख हसीना ने कहा कि उनके देश लौटने के फैसले के पीछे किसी भी तरह का बाहरी दबाव नहीं है. उन्होंने बताया कि भारत में उनका रहना सम्मानजनक और सुरक्षित रहा है. उनके अनुसार भारतीय अधिकारियों ने कभी भी उनसे प्रत्यर्पण यानी एक्सट्राडिशन को लेकर कोई चर्चा नहीं की. उन्होंने कहा, &quot;मैं पूरे सम्मान और गरिमा के साथ भारत में रह रही हूं. भारतीय अधिकारियों ने मुझसे प्रत्यर्पण को लेकर कोई बात नहीं की है. अपने देश लौटने का फैसला मैंने खुद लिया है.&quot; बांग्लादेश की अंतरिम सरकार भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की आधिकारिक मांग कर चुकी है. भारत सरकार ने कहा है कि इस अनुरोध पर विचार किया जा रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव आ गया था. हालांकि फरवरी में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में कुछ सुधार देखने को मिला है. इसके बावजूद हसीना ने कहा कि उनके लौटने के फैसले का प्रत्यर्पण मामले से कोई संबंध नहीं है. अपने शासनकाल के दौरान मानवाधिकार संगठनों और विपक्षी दलों ने शेख हसीना की सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. इनमें राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाना, विपक्षी दलों को दबाना, न्यायपालिका पर प्रभाव डालना और एकतरफा चुनाव कराने जैसे आरोप शामिल थे. हसीना ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह राजनीतिक रूप से चलाया गया अभियान है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें: &lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/news/world/pok-protest-against-pakistan-government-and-army-30-people-died-in-firing-by-security-forces-ask-indian-army-for-help-3167298&quot; target=&quot;_blank&quot; rel=&quot;noopener&quot;&gt;&lt;strong&gt;&amp;lsquo;भारतीय सेना आकर हमें...&amp;rsquo;, PoK से किसने भेजा भारत को तगड़ा मैसेज?&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/07/29/cbc918fdf85bccd35333941e4651c7b917853247924341115_original.png" width="220"/></item></channel></rss>