9/11 संदिग्ध के अल-कायदा और सऊदी से संबंध, क्यों सबूत के बाद भी FBI रही खामोश?
11 सितंबर 2001 के अमेरिका में हुए आतंकी हमलों के बाद एफबीआई की जांच के दायरे में आए सऊदी नागरिक उमर अल-बायूमी के अल-कायदा से संबंध थे, लेकिन इसके बाद भी एफबीआई ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की.

11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों के बाद एफबीआई की जांच के दायरे में आए सऊदी नागरिक उमर अल-बायूमी के ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जो इस मामले में कई पुराने सवालों को फिर चर्चा में ले आए हैं. बीबीसी की जांच के मुताबिक, नए जारी किए गए वीडियो में बायूमी को अल-कायदा के भावी नेता अनवर अल-अवलाकी के साथ गले मिलते और उसके साथ पेंटबॉल अभ्यास में हिस्सा लेते देखा जा सकता है. इन सबूतों के बाद भी एफबीआई ने खामोशी की चादर ओढ़े रही.
ये वीडियो बीबीसी पैनोरमा और रेडियो 4 को मिले हैं. जांच एजेंसियों ने 9/11 हमलों के बाद इन्हें सबूत के तौर पर जुटाया था, लेकिन इन्हें पहले कभी सार्वजनिक नहीं किया गया था. यह मामला 9/11 हमलों में मारे गए लोगों के परिवारों की ओर से दायर करीब 1 ट्रिलियन डॉलर के मुकदमे से भी जुड़ा है. इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि सऊदी अरब हमलों में किसी न किसी रूप में शामिल था.
पेंटबॉल अभ्यास में साथ दिखे बायूमी और अवलाकी
बीबीसी के अनुसार, एक वीडियो 1997 या 1998 की शुरुआत में सैन डिएगो के पास बनाया गया था. इसमें उमर अल-बायूमी और अनवर अल-अवलाकी पेंटबॉल अभ्यास में हिस्सा लेते नजर आ रहे हैं. उनके साथ सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्रालय का एक अधिकारी भी मौजूद था.
वीडियो में कुछ लोग सैन्य शैली के कपड़े पहने दिखाई देते हैं. वे शहरी इलाकों में लड़ाई जैसे अभ्यास और निशानेबाजी का प्रशिक्षण लेते नजर आते हैं.
बीबीसी के मुताबिक, बाद में एफबीआई के जांचकर्ताओं को बताया गया था कि कुछ लोग पेंटबॉल सत्रों का इस्तेमाल जिहाद के लिए प्रशिक्षण लेने के उद्देश्य से करते थे. उस समय तक अवलाकी के अल-कायदा के कुछ सदस्यों से संबंध भी बताए जाते थे. 2011 में अमेरिकी ड्रोन हमले में अवलाकी मारा गया था.
एक अन्य वीडियो में अवलाकी को गले लगाते दिखे बायूमी
एक और पहले कभी सार्वजनिक नहीं किया गया वीडियो जनवरी 1998 का बताया गया है. इसमें उमर अल-बायूमी अनवर अल-अवलाकी को गले लगाते नजर आ रहा है.
यह वीडियो इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि 9/11 पीड़ित परिवारों की ओर से दायर मुकदमे में 2021 में हुई पूछताछ के दौरान बायूमी ने अवलाकी से मुलाकात करने से इनकार किया था. सामने आया वीडियो उसके इस दावे के उलट दिखाई देता है.
1994 में सैन डिएगो पहुंचा था बायूमी
उमर अल-बायूमी 1994 में सैन डिएगो पहुंचा था. उस समय उसने दावा किया था कि वह अंग्रेजी भाषा की पढ़ाई करने के लिए अमेरिका आया है. हालांकि, बाद की जांच में ऐसे सबूत मिले, जिनसे पता चला कि उसने पढ़ाई लगभग छोड़ दी थी और धार्मिक गतिविधियों के आयोजन में उसकी भूमिका बढ़ गई थी.
9/11 हमलों के बाद बायूमी एफबीआई की शुरुआती संदिग्धों की सूची में आया. उसका नाम एक अपार्टमेंट किराये के समझौते में मिला था. इस समझौते पर नवाफ अल-हाजमी और खालिद अल-मिहधर के हस्ताक्षर थे. दोनों बाद में 9/11 हमलों को अंजाम देने वाले अपहरणकर्ताओं में शामिल थे और उन्होंने उस विमान को हाईजैक करने में भूमिका निभाई थी, जिसे पेंटागन से टकराया गया था.
ब्रिटेन में गिरफ्तारी के दौरान हजारों दस्तावेज मिले
ब्रिटिश पुलिस ने 21 सितंबर 2001 को बायूमी को बर्मिंघम में गिरफ्तार किया था. उसके पास से हजारों दस्तावेज, तस्वीरें और करीब 80 वीडियो टेप जब्त किए गए थे.
इन सबूतों में हाथ से बनाया गया एक ऐसा चित्र भी शामिल था, जिसमें एक विमान बना हुआ था. इसके साथ ऊंचाई और दूरी से जुड़े गणितीय हिसाब भी लिखे थे.
एफबीआई ने हमलों के कुछ ही दिनों के भीतर इस चित्र की कॉपी हासिल कर ली थी. लेकिन ब्रिटिश पुलिस के वे अधिकारी, जो बायूमी से पूछताछ कर रहे थे, इस दस्तावेज के बारे में जानकारी नहीं रखते थे. खास बात यह थी कि जिस पुलिस स्टेशन में बायूमी को रखा गया था, वहां यह सबूत उनसे कुछ ही मीटर की दूरी पर मौजूद था.
जज ने दस्तावेज को 9/11 हमलों से जोड़ा था
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, बाद में एक संघीय जज ने इस दस्तावेज के बारे में कहा था कि पहली नजर में यह “बायूमी को 9/11 हमलों की जानकारी से जोड़ता है.”
बीबीसी की जांच में यह भी सामने आया कि सैन डिएगो में एफबीआई के अधिकारियों ने बायूमी से जुड़े सबूत हासिल करने के लिए कई बार कोशिश की थी, लेकिन उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई.
इसके अलावा एफबीआई के अलग-अलग कार्यालयों ने बायूमी के सऊदी सरकार से जुड़े कुछ संपर्कों से पूछताछ करने की कोशिश की थी. इन प्रयासों को भी कथित तौर पर रोक दिया गया था.
28 सितंबर को रिहा हुआ था बायूमी
अमेरिकी अधिकारियों ने बाद में निष्कर्ष निकाला कि बायूमी को अमेरिका प्रत्यर्पित कराने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं. इसके बाद उसे 28 सितंबर 2001 को रिहा कर दिया गया.
बायूमी और सऊदी सरकार दोनों ने 9/11 हमलों में किसी तरह की भूमिका या हमलों की पहले से जानकारी होने के आरोपों से इनकार किया है.
बीबीसी ने इस मामले पर बायूमी और सऊदी सरकार से प्रतिक्रिया मांगी, लेकिन दोनों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया. एफबीआई ने भी इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
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