चीन में भूकंप से कांपी धरती तो अस्पताल की नर्स बन गई मासूमों की शील्ड, ऐसे बचाई जान, Video आया सामने
Earthquake in China: चीन के एक अस्पताल में रिकॉर्ड की गई वीडियो में दो नर्सें भूकंप के दौरान नवजात शिशुओं को बचाती हुई नजर आईं, जबकि तेज झटकों से पूरा अस्पताल हिल रहा था।

Earthquake in China: म्यांमार में शुक्रवार (28 मार्च) को 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें कम से कम 1,644 लोगों की मौत हो गई और 3,400 से ज्यादा लोग घायल हो गए. भूकंप के झटके थाईलैंड, चीन, वियतनाम और बांग्लादेश जैसे कई पड़ोसी देशों में भी महसूस किए गए.
इस बीच चीन के युन्नान के एक अस्पताल में सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि प्रसूति वार्ड की दो नर्सें अपनी जान जोखिम में डालकर नवजात शिशुओं की रक्षा कर रही थीं, जबकि भूकंप से पूरा अस्पताल हिल रहा था.
भूकंप के दौरान नर्सों ने बचाई नवजातों की जान
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि भूकंप के समय वार्ड में बच्चों के पालने भरे हुए थे. तेज झटकों की वजह से पहिएदार बिस्तर पूरे कमरे में इधर-उधर लुढ़कने लगे. एक नर्स, जो फर्श पर बैठी थी और गोद में एक बच्चा लिए हुए थी, उसने झटके से हिलते एक पालने को पकड़ लिया ताकि वह गिर न जाए. वहीं, पास में खड़ी दूसरी नर्स ने दो पालनों को संभालने के लिए तुरंत कदम बढ़ाया, ताकि बच्चों को कोई नुकसान न हो.
Atouching moment during the tragedy:
— China in Pictures (@tongbingxue) March 28, 2025
The earthquake in Myanmar was felt in Ruili, Yunnan, China, where two nurses at Jingcheng Hospital's maternity center were seen shielding infants: pic.twitter.com/xDNqPAb9tt
जैसे-जैसे भूकंप तेज होता गया, पानी का फिल्टर जोर-जोर से हिलने लगा, जिससे पानी फर्श पर फैल गया. गीले फर्श पर फिसलने के बावजूद नर्सें नवजात शिशुओं को सुरक्षित रखने की कोशिश करती रहीं. पहली नर्स, जो झटकों की वजह से फर्श पर घसीट रही थी, उसने बच्चे को मजबूती से पकड़ रखा था और दूसरे हाथ से पालनों को टकराने से रोकने की कोशिश कर रही थी, ताकि बच्चों को कोई नुकसान न हो.
सामने आए लोगों के रिएक्शन
एक एक्स यूजर ने लिखा, "संकट के समय सबसे कमजोर लोगों की रक्षा करने की इनकी भावना वाकई प्रेरणादायक है." दूसरे ने कहा, "यह एक साथ डरावना और खूबसूरत है! ये नर्सें सच्ची हीरो हैं!" एक और यूजर ने लिखा, "यह बहुत भावुक कर देने वाला है. हम दुनिया में हर जगह इंसानियत और दया देख सकते हैं."
भूकंप दोपहर 12:50 बजे (स्थानीय समयानुसार) म्यांमार के सागाइंग के उत्तर-पश्चिम में आया. इससे कई इमारतें गिर गईं, सड़कें टूट गईं और हज़ारों लोग मलबे में फंस गए. पड़ोसी देश थाईलैंड में भी इसका असर देखा गया. वहां आपातकालीन टीमें बैंकॉक में गिरी हुई इमारत में फंसे लोगों को बचाने में जुटी हैं.
भारत ने इस आपदा पर तेज़ी से प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है. भारत ने प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री, चिकित्सा दल और अन्य ज़रूरी सहायता भेजी है.























