US Politics: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने कजाकिस्तान के साथ एक ऐसी सरकारी डील की है, जिससे ट्रंप के बेटों को अरबों रुपये का वित्तीय लाभ होने की संभावना है. इस सौदे में ट्रंप परिवार के साथ-साथ अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के परिवार का नाम भी सामने आया है. इसके बाद ट्रंप प्रशासन की अमेरिका फर्स्ट नीति पर सवाल उठने लगे हैं.

13,500 करोड़ रुपये की सरकारी डील पर विवाद

द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने कजाकिस्तान के साथ दुनिया के सबसे बड़े दुर्लभ खनिज टंगस्टन के भंडार को विकसित करने के लिए 1.6 अरब डॉलर यानी करीब 13,500 करोड़ रुपये की सरकारी डील की है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस परियोजना से राष्ट्रपति ट्रंप के बेटों और वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के परिवार को बड़ा आर्थिक फायदा हो सकता है.

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम है टंगस्टन

कजाकिस्तान के साथ हुआ यह समझौता अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. फिलहाल वैश्विक टंगस्टन बाजार पर चीन का दबदबा है और चीन लगातार इस दुर्लभ खनिज के निर्यात पर प्रतिबंध बढ़ा रहा है. टंगस्टन का उपयोग मिसाइल वॉरहेड, लड़ाकू विमान, सेमीकंडक्टर और कई आधुनिक सैन्य तकनीकों में किया जाता है. अमेरिका इस डील के जरिए चीन पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है.

सरकारी बातचीत के साथ शुरू हुआ निवेश

रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे-जैसे इस सरकारी डील पर बातचीत आगे बढ़ रही थी, उसी दौरान ट्रंप परिवार और उनके करीबी मंत्रियों के परिवारों से जुड़ी कंपनियां इस परियोजना में निवेश करने लगीं. बताया गया है कि सितंबर 2025 में न्यूयॉर्क के सेंट रेजिस होटल में वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक और कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव के बीच बैठक हुई थी. इसी दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर बातचीत कर कजाकिस्तान के राष्ट्रपति को इस परियोजना के लिए सहमत होने का आग्रह किया था.

ट्रंप के बेटों की कंपनी ने खरीदी हिस्सेदारी

रिपोर्ट के अनुसार, बैठक के कुछ सप्ताह बाद 'डोमिनारी सिक्योरिटीज' नाम की एक निवेश कंपनी ने इस माइनिंग प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य कंपनी में हिस्सेदारी खरीदी. यह कंपनी ट्रंप टावर से संचालित होती है और इसमें डोनाल्ड ट्रंप जूनियर तथा एरिक ट्रंप की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई गई है. दूसरी ओर, हॉवर्ड लुटनिक के बेटों ब्रैंडन लुटनिक और काइल लुटनिक की कंपनी तथा निवेश बैंक 'कैंटर फिट्जगेराल्ड' ने इस परियोजना में निवेश के लिए 210 मिलियन डॉलर का फंड जुटाया.

8.9 अरब डॉलर की सरकारी फंडिंग की दौड़

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ट्रंप और लुटनिक परिवारों से जुड़ी कंपनियां कम से कम 14 ऐसे माइनिंग प्रोजेक्ट्स से जुड़ी हैं, जिन्हें अमेरिकी सरकार का समर्थन प्राप्त है. ये कंपनियां करीब 8.9 अरब डॉलर की सरकारी फंडिंग, लोन और नियामकीय मंजूरी हासिल करने की दौड़ में शामिल हैं.

संसद में उठे सवाल

अमेरिकी सांसद मैक्सिन डेक्सटर ने इस मामले पर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि संसद को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल देश के हित में हो, न कि ट्रंप प्रशासन के करीबी लोगों और उनके परिवारों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए.

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व्हाइट हाउस ने आरोपों को किया खारिज

हितों के टकराव के आरोपों पर व्हाइट हाउस ने सफाई दी है. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन के सभी फैसले केवल अमेरिकी जनता के हित में लिए जाते हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका की महत्वपूर्ण सप्लाई चेन को सुरक्षित करना राष्ट्रपति ट्रंप की प्राथमिकता है. वहीं, वाणिज्य विभाग ने भी कहा है कि हॉवर्ड लुटनिक अपनी पुरानी कंपनी कैंटर फिट्जगेराल्ड में अपनी हिस्सेदारी पहले ही बेच चुके हैं और उनका इस लोन या फंडिंग से जुड़े फैसलों से कोई संबंध नहीं है.