चीन के राष्ट्रपति संग पहली बातचीत में ट्रंप ने ‘वन चाइना पॉलिसी’ पर जताई सहमति
ABP News Bureau | 10 Feb 2017 12:58 PM (IST)

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग के साथ बातचीत के दौरान यू-टर्न लेते हुए दशकों पुरानी ‘वन चाइना नीति’ नीति का सम्मान करने की बात कही है. ट्रंप और शी की फोन पर हुई बातचीत के बाद व्हाइट हाउस ने कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की और राष्ट्रपति ट्रंप, चीन के राष्ट्रपति शी के अनुरोध पर ‘वन चाइना नीति’ की नीति का सम्मान करने पर राजी हो गए.’’ चीन की सरकारी मीडिया की ख़बर के अनुसार, शी ने ट्रंप की ओर से वन चाइना नीति नीति को दी गई मंजूरी की सराहना की है. व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका और चीन के प्रतिनिधि आपसी हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत और चर्चा करेंगे. व्हाइट हाउस ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रपति शी के बीच फोन पर हुई बातचीत बेहद मैत्रीपूर्ण थी और दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के देश के लोगों को शुभकामनाएं दीं.’’ व्हाइट हाउस के अनुसार, दोनों ने एक-दूसरे को अपने-अपने देश आने का न्योता भी दिया. दोनों नेताओं के बीच चली ‘लंबी बातचीत’ के बारे में व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप और शी बेहद सफल नतीजों वाली आगे की बातचीत का इंतजार कर रहे हैं. ट्रंप ने अपने चुने जाने के बाद कहा था कि ताइवान पर ‘वन चाइना पॉलिसी’ की नीति पर बात हो सकती है और वह इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध नहीं हैं. चीन ने पलटवार करते हुए कहा था कि ताइवान को चीनी भूभाग का हिस्सा बताने वाली ‘वन चाइना पॉलिसी’ की नीति पर ‘बातचीत नहीं की जा सकती. चीन ताइवान को अपने से अलग हुए प्रांत के रूप में देखता है और मानता है कि वह वापस उसका हिस्सा बनेगा. चीन का कहना है कि उसके साथ द्विपक्षीय संबंध रखने वाले सभी देशों को ‘वन चाइना पॉलिसी’ की नीति का पालन करना चाहिए. ट्रंप ने बीजिंग पर कई बार अनुचित व्यापारिक तरीके (disbalance of export and emoprt), मुद्रा हेर-फेर (devaluation of currency) और दक्षिण चीन सागर में सैन्य तैनाती का भी आरोप लगाया है. अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा कि ट्रंप का मानना है कि चीन और अमेरिका के बीच सकारात्मक संबध दोनों देशों के हितों में है. व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि (अमेरिका और चीन का संबंध) निश्चित तौर पर हमारे लिए महत्वपूर्ण है और राष्ट्रपति इस बात को समझते हैं. वह चीन के बारे में निष्पक्ष तौर पर बोल चुके हैं. वह हमारे राष्ट्रीय और आर्थिक हितों को स्पष्ट तरीके से समझते हैं. वह चीनी बाजार तक पहुंचने की हमारी कंपनियों की इच्छा को समझते हैं और हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हितों को भी समझते हैं.’’ स्पाइसर ने जोर देते हुए कहा कि ट्रंप चीन के साथ एक फलदायी और सकारात्मक संबंध चाहते हैं. ट्रंप ने अमेरिका के सहियोगी देश जापान के पीएम प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ अपनी निर्धारित बैठक की एक शाम पहले शी जिनपिंग को एक चिट्ठी लिखी थी और उसके बाद दोनों नेताओं के बीच ये बातचीत हुई है. शी ने राष्ट्रपति ट्रंप के शपथग्रहण के मौके पर उन्हें बधाई संदेश भेजा था. ट्रंप ने शी और चीन की जनता को लैंटर्न फेस्टिवल की मुबारकबाद देने के लिए पत्र भेजा था.