थाईलैंड और कंबोडिया के बीच जारी जंग को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच अचानक हुए इस संघर्ष को फिलहाल रोक दिया जाएगा. ट्रंप ने कहा कि हाल ही में हुए णूल समझौते के अनुसार, दोनों देश शांति से रहेंगे.
यूएस राष्ट्रपति ने कहा कि मैं थाईलैंड और कंबोडिया के नेताओं को इस त्वरित और निष्पक्ष निष्पक्ष पर पहुंचने के लिए उनकी दूरदर्शिता के लिए बधाई देता हूं. उन्होंने कहा कि यह फैसला त्वरित और निर्णायक था, जैसा कि इन सभी स्थितियों में होना चाहिए. संयुक्त राज्य अमेरिका, हमेशा की तरह, सहायता करने में गर्व महसूस करता है.
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया, 'पिछले 11 महीनों में मैंने जितने भी युद्ध और संघर्षों को समाप्त और रोका है, शायद संयुक्त राज्य अमेरिका ही वास्तविक संयुक्त राष्ट्र बन गया है, जिसने इनमें से किसी में भी बहुत कम सहायता या मदद की है, जिसमें रूस और यूक्रेन के बीच चल रही वर्तमान आपदा भी शामिल है.'
ट्रंप ने यूएन को दी नसीहत
इतना ही नहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) को नसीहत भी दी है. उन्होंने कहा कि दुनिया में शांति स्थापित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र को सक्रिय रूप से भाग लेना शुरू कर देना चाहिए.
थाईलैंड-कंबोडिया ने लागू किया सीजफायर
थाईलैंड और कंबोडिया ने शनिवार (27 दिसंबर, 2025) को सीजफायर लागू करने पर सहमति जताई थी. ये समझौता तब हुआ, जब कुछ दिनों पहले ही दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव और बढ़ गया था. करीब 20 दिनों तक चले संघर्ष में दोनों देशों के कम से कम 100 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लाखों की संख्या में लोगों ने अपना घर छोड़ दिया.
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच क्यों है विवाद?
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच यह संघर्ष 817 किलोमीटर लंबी सीमा पर कई जगहों पर हुआ. इसी साल जुलाई में सीमा पर हालात ज्यादा बिगड़ गए थे, यहां सैन्य कार्रवाई में कई लोगों की मौत भी हुई थी. उस समय अमेरिका और चीन की मध्यस्थता में दोनों देश सीजफायर के लिए तैयार हुए थे. हालांकि, 7 दिसंबर को दोनों देशों ने एक-दूसरे पर सीजफायर उल्लंघन के आरोप लगाए, जिससे हालात फिर बिगड़ गए. दोनों देशों के बीच ये विवाद औपनिवेशिक दौर की सीमा रेखाओं और सीमा क्षेत्र में मौजूद प्राचीन मंदिरों की स्थिति से जुड़ा हुआ है.