कोरोना वायरस के कारण पाकिस्तान की स्थिति ठीक नहीं है. यहां सक्रमण के 2400 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं जबकि मरने वालों की संख्या 34 हो चुकी है. ऐसे में इमरान खान की सरकार पर आरोप है कि उसकी नींद देर से खुली. क्वांरटाइन और स्क्रीनिंग में पिछड़ जाने के कारण कोरोना संक्रमण तेजी से फैला. जिसको लेकर देश-दुनिया में सरकार का विरोध तेज हो गया है.

पाकिस्तान सरकार की गंभीरता पर उठे सवाल

आलोचक कह रहे हैं कि पाकिस्तान सरकार ने शुरू में मुसीबत की गंभीरता को कम आंका. जरूरी सुरक्षा उपकरण के होते हुए भी उसने अपने नागरिकों की सुरक्षा की परवाह नहीं की. नफीसा शाह के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की बेटी बख्तावर जरदारी ने कमेंट किया है.

नफीसा ने अपने ट्वीट में पाकिस्तानी सरकार के बीस लाख मास्क पड़ोसी मुल्क को देने का सबूत दिया था. जिसके बाद अब हालत ये है कि खुद पाकिस्तानी मेडिकल स्टाफ के पास ही मास्क की कमी हो गई है. ऐसे में इमरान खान कोरोना वायरस का मुकाबला कैसे करेंगे. सरकार ने पाकिस्तान की बीस करोड़ आबादी को रिस्क पर डाल दिया है.

बीमारी से लड़ने में देर से जागे इमरान खान

दूसरी तरफ मस्जिदों को देर से बंद करने, तब्लीगी जमात का कार्यक्रम होने देने और ईरान से आनेवाले श्रद्धालुओं के प्रति उठाए गए कदमों पर सरकार सवालों के घेरे में है. पूर्व सांसद फरहतुल्ला बाबर ने आरोप लगाया कि इमरान खान नासमझ, गैर जिम्मेदार और अपने दावों के उलट काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान इस बात का दावा नहीं कर सकते कि उन्होंने भारत से दो कदम आगे का रुख अपनाया है.

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