होर्मुज में तीन भारतीयों की मौत पर आया शशि थरूर का पहला रिएक्शन, अमेरिका के बयान पर क्या कहा?
ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य हमले में गई 3 भारतीयों की जान पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने वॉशिंगटन के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं. अमेरिका ने इन मौतों पर कोई अफसोस तक जाहिर नहीं किया.

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने होर्मुज में तीन भारतीय क्रू मेंबर्स की मौत को लेकर शनिवार को अमेरिका की आलोचना की और वॉशिंगटन के रवैये पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि आधिकारिक बयान में अफसोस या संवेदना भी जाहिर नहीं की गई.
कांग्रेस नेता ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका का यह आधिकारिक बयान पढ़कर गहरा सदमा लगा है, जिसमें बेगुनाह भारतीयों की मौत पर अफसोस या संवेदना जाहिर करने वाली कोई बात नहीं है. कोई दोस्त और रणनीतिक साझेदार इतना असंवेदनशील कैसे हो सकता है?.
कांग्रेस सांसद थरूर ने सवाल उठाया कि संबंधित जहाज को रोकने के लिए दूसरे तरीकों का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया. उन्होंने पूछा, "नियम न मानने वाले कमर्शियल जहाज को दूसरे तरीकों से क्यों नहीं रोका जा सका?" उन्होंने आगे कहा, "क्या मिसाइल दागे बिना जहाज के प्रोपल्शन या स्टीयरिंग को बेकार करना मुमकिन नहीं है?"
Deeply shocking to read this official US statement, which contains absolutely no expression of regret or condolence for the loss of innocent Indian lives. How can a “friend” and strategic partner be so deeply insensitive?
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) June 13, 2026
Why couldn’t a non-compliant commercial vessel have been… pic.twitter.com/heUIOGuulG
मार्को रुबियो से जयशंकर ने फोन पर की बात
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के सामने तीन भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया, जबकि वॉशिंगटन ने सख्ती से कहा कि उनकी नौसैनिक नाकेबंदी के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. रुबियो के साथ फोन पर बातचीत के बाद जयशंकर ने कमर्शियल जहाजों के खिलाफ अमेरिकी सेना की जानलेवा कार्रवाई को अनुचित बताया.
कब-कब भारतीय जहाजों को अमेरिका ने बनाया निशाना?
8 जून को अमेरिकी सेना ने पलाऊ के झंडे वाले एक ऑयल टैंकर मैरीवेक्स को निशाना बनाया, जिस पर 24 भारतीय नाविक सवार थे. हालांकि जहाज पर मौजूद सभी क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया. 10 जून को अमेरिका ने पलाऊ के झंडे वाले एक और टैंकर 'सेटेबेलो' पर हमला किया, जिस पर 24 भारतीय नाविक सवार थे. इस हमले में 3 भारतीयों की मौत हो गई. गुरुवार को एक और जहाज 'जलवीर' पर हमला हुआ, जो गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला टैंकर था और उस पर 20 भारतीय नागरिक सवार थे.
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