ईरान-अमेरिका के शांति समझौते पर आया चीन का पहला बयान, बोला- 'हमें उम्मीद है कि...'
China welcomes US-Iran deal: चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि चीन अमेरिका और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौते का स्वागत करता है.

अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष समाप्त करने के लिए बने प्रारंभिक समझौते का चीन ने स्वागत किया है. बीजिंग ने इस समझौते में पाकिस्तान की मध्यस्थता की भी खुलकर सराहना की और उम्मीद जताई कि तय कार्यक्रम के अनुसार समझौते पर जल्द हस्ताक्षर होंगे. चीन ने साथ ही रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट को जल्द से जल्द दोबारा खोले जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.
पाकिस्तान की मध्यस्थता की चीन ने की तारीफ
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि चीन अमेरिका और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौते का स्वागत करता है और बातचीत को आगे बढ़ाने में पाकिस्तान की मध्यस्थता के प्रयासों की सराहना करता है. उन्होंने कहा कि सभी पक्ष शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध रहें और दस्तावेजों पर तय समय के अनुसार हस्ताक्षर किए जाएं.
होर्मुज स्ट्रेट जल्द खोलने की अपील
लिन जियान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और आवागमन के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है. चीन को उम्मीद है कि इसे जल्द से जल्द दोबारा खोला जाएगा, ताकि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति सामान्य रूप से जारी रह सके.
अमेरिका और ईरान ने किया समझौते का ऐलान
अमेरिका और ईरान ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच सभी मोर्चों, जिनमें लेबनान भी शामिल है, पर युद्ध समाप्त करने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए एक प्रारंभिक समझौता हुआ है. हालांकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे अहम मुद्दों पर अभी सीमित जानकारी ही साझा की गई है.
शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में हो सकते हैं हस्ताक्षर
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया कि दोनों देशों के बीच शांति समझौते पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर किए जाएंगे. बाद में अमेरिका और ईरान ने भी इस घोषणा की पुष्टि की. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि समझौता अंतिम रूप ले चुका है और इसके तहत होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने तथा अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने की योजना है.
अप्रैल से मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है पाकिस्तान
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान अप्रैल से अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. बताया गया है कि 8 अप्रैल को युद्धविराम कराने के बाद इस दिशा में बातचीत आगे बढ़ी और अब दोनों देशों के बीच प्रारंभिक समझौता सामने आया है.





















