बांग्लादेश के टैंक ब्लास्ट के पीछे PAK, क्वालिटी चेक में फेल बारूद थमाया
बांग्लादेश में सैन्य टैंक से फायरिंग एक्सरसाइज बीते बुधवार को हुई थी. इस दौरान बैरल फटने से 2 लोगों की मौत हो गई है.

बांग्लादेश में बीते बुधवार को चिटगोंग के हट हजारी फायरिंग रेंज में सैन्य टैंक से फायरिंग एक्सरसाइज की थी. इस दौरान टैंक का बैरल फटने से धमाके की वजह से 2 सैनिकों की मौके पर मौत हो गई थी और 1 अधिकारी घायल हो गया था. एक्सरसाइज के दौरान जिस टैंक का बैरल फटा था वो चीन द्वारा निर्मित टाइप 59G दुर्जोय टैंक था. इस मामले में अब नया खुलासा हुआ है की टैंक में जो बारूद उपयोग की जा रही थी वो असल में पाकिस्तान की थी.
पाकिस्तान का बारूद इस्तेमाल किया
असल में बांग्लादेश की सेना जिस चीनी टाइप 59G दुर्जोय टैंक का साल 2015 प्रयोग कर रही है उसमें 2015 से ही पाकिस्तान आर्डिनेंस फैक्ट्री में बनने वाले 125 mm HE-FS TK ऐम्युनिशन का प्रयोग किया जाता है. साल 2024 में भी तत्कालीन यूनुस सरकार में टाइप 59G दुर्जोय टैंक के लिए 2000 एम्यूशन पाकिस्तान से खरीदे गए थे. साथ ही उसी साल मई 2024 में भी चट्टोग्राम फायरिंग रेंज में भी इस टैंक में ब्लास्ट हुआ था जिसमे 1 सैनिक की मौत हो गई थी. घटनाक्रम के बाद चीन से विशेषज्ञों की टीम बांग्लादेश आई थी और बताया गया था कि टैंक में बैरल में ब्लास्ट ख़राब क्वालिटी की पाकिस्तानी ऐम्युनिशन की वजह से हुआ था.
इस बार भी 9 सितंबर को फायरिंग के दौरान हुए ब्लास्ट का ज़िम्मेदार खराब क्वालिटी की पाकिस्तानी ऐम्युनिशन को माना जा रहा है. पाकिस्तान के वाह कैंट में स्थित पाकिस्तान आर्डिनेंस फैक्ट्री (POF) में बनने वाले कई विस्फोटकों जैसे बम और टैंक के ऐम्युनिशन कई बार खुद पाकिस्तान में ही इंटरनल ऑडिट के दौरान खराब क्वालिटी के पाए जा चुके हैं. 2022 में भी POF में बनने वाले 125 mm HE-FS TK ऐम्युनिशन जो बांग्लादेश के टैंक में उपयोग हो रहा था वो ऑडिट के दौरान ख़राब क्वालिटी का पाया गया था.
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